इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनके बेटों कासिम खान और सुलेमान ईसा खान का वह दावा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पिछले सात महीनों से उन्हें अपने पिता से मिलने नहीं दिया गया। दोनों भाइयों ने आरोप लगाया कि परिवार, वकीलों और डॉक्टरों तक को इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं मिली, जिससे उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि इमरान खान को सभी कानूनी अधिकार और नियमित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
CNN से बातचीत में बेटों ने जताई चिंता
इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने के मौके पर CNN से बातचीत करते हुए उनके बेटे कासिम खान और सुलेमान ईसा खान ने कहा कि उन्हें अपने पिता की वास्तविक स्थिति की कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं मिल रही है।
दोनों भाइयों का कहना है कि पिछले सात महीनों से परिवार, वकीलों और डॉक्टरों को भी इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसे में उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके पिता की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है।
कासिम खान ने कहा कि परिवार लगातार कोशिश कर रहा है कि किसी तरह उनसे मुलाकात हो सके, लेकिन अब तक हर प्रयास विफल रहा है।
PTI समर्थकों ने की रिहाई की मांग
इमरान खान के बेटों का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के हजारों समर्थकों ने देशभर में प्रदर्शन कर उनकी और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की रिहाई की मांग की है।
इमरान खान वर्ष 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार, सरकारी गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने समेत कई मामलों में दोषी ठहराया गया है।
हालांकि, इमरान खान और उनकी पार्टी का लगातार कहना रहा है कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित हैं और उनका उद्देश्य उन्हें दोबारा सत्ता में आने से रोकना है।
पाकिस्तान जाने की कोशिश भी रही नाकाम
कासिम और सुलेमान, जो अपनी मां जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ यूनाइटेड किंगडम में रहते हैं, ने बताया कि उन्होंने कई बार पाकिस्तान जाकर अपने पिता से मिलने की कोशिश की।
उनका आरोप है कि जब भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से इमरान खान के समर्थन में बयान दिए, तब पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनके वीजा में देरी की और प्रशासनिक अड़चनें पैदा कीं।
कासिम खान ने कहा,
“हम पाकिस्तान जाना चाहते हैं, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से प्रक्रिया अटक जाती है। ऐसा कोई कारण नहीं है कि हमें वीजा न मिले।”
पाकिस्तान सरकार ने क्या कहा?
इन आरोपों पर पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने CNN को दिए बयान में कहा कि दोनों भाइयों के पास ओवरसीज पाकिस्तानियों के लिए जारी राष्ट्रीय पहचान पत्र (NICOP) है, जिसके आधार पर उन्हें बिना वीजा पाकिस्तान में प्रवेश मिल सकता है।
सरकार ने उनके आरोपों को “गुमराह करने वाला” बताते हुए कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, कासिम और सुलेमान ने जवाब में कहा कि उनके पहचान पत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी उठाया मुद्दा
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इस मामले पर चिंता व्यक्त की है।
संगठन ने पाकिस्तान सरकार से मांग की कि इमरान खान और बुशरा बीबी को बिना किसी शर्त के परिवार और वकीलों से मिलने की अनुमति दी जाए।
एमनेस्टी ने यह भी कहा कि दोनों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और यदि उन्हें एकांत कारावास (Solitary Confinement) में रखा गया है तो उसे तुरंत समाप्त किया जाए।
सरकार का दावा- नियमित मिल रही हैं सभी सुविधाएं
पाकिस्तान सरकार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इमरान खान को न तो अलग-थलग रखा गया है और न ही उन्हें चिकित्सा सुविधाओं से वंचित किया गया है।
सरकार के अनुसार,
- इमरान खान को नियमित रूप से डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है।
- अदालत के निर्देशों और जेल नियमों के तहत परिवार व वकीलों से मिलने की व्यवस्था की जाती है।
- उन्होंने 21 मार्च 2026 को अपने एक बेटे से फोन पर बातचीत भी की थी।
- उनकी स्वास्थ्य स्थिति “स्थिर और संतोषजनक” है।
- उन्हें नियमित मेडिकल जांच, दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकार ने यह भी बताया कि उन्हें लगभग 30-35 कैदियों के लिए बने विशेष सात-सेल परिसर में रखा गया है, जहां बिस्तर, गद्दा, कुर्सी, टेबल, शौचालय, व्यायाम उपकरण और खुला लॉन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
परिवार अब भी संतुष्ट नहीं
सरकार के दावों के बावजूद इमरान खान के बेटों का कहना है कि जब तक उन्हें स्वतंत्र मेडिकल रिपोर्ट देखने या अपने पिता से मिलने का अवसर नहीं मिलता, तब तक उनकी चिंता कम नहीं होगी।
कासिम खान ने कहा कि परिवार को किसी भी तरह की स्वास्थ्य रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, इसलिए उन्हें डर है कि पिछले कई महीनों में इमरान खान की तबीयत बिगड़ भी सकती है।
राजनीतिक समझौते की संभावना से भी किया इनकार
सुलेमान ईसा खान ने स्पष्ट कहा कि उनके पिता किसी ऐसे राजनीतिक समझौते के लिए तैयार नहीं होंगे, जिसमें अन्य राजनीतिक कैदियों को पीछे छोड़ दिया जाए।
उन्होंने कहा कि इमरान खान तभी किसी समाधान पर सहमत होंगे जब बाकी राजनीतिक बंदियों के लिए भी न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल क्या है स्थिति?
इमरान खान के बेटों और मानवाधिकार संगठनों ने जहां मुलाकात और स्वास्थ्य संबंधी पारदर्शिता की मांग उठाई है, वहीं पाकिस्तान सरकार लगातार दावा कर रही है कि पूर्व प्रधानमंत्री को सभी कानूनी अधिकार, नियमित चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था दी जा रही है। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक स्थिति को लेकर विवाद बना हुआ है।


