Vedanta Group News: असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए उद्योग जगत आगे आने लगा है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप ने असम बाढ़ राहत एवं सहायता कोष में ₹7 करोड़ का योगदान दिया है। इस सहायता राशि का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने और पुनर्वास कार्यों में किया जाएगा।
असम बाढ़ पीड़ितों के लिए वेदांता की बड़ी मदद
Shri @AnilAgarwal_Ved ji has long been a passionate advocate of Assam’s growth story, with the Vedanta Group making significant investments in our State.
As Assam faces this devastating flood, Vedanta has once again stepped forward with a contribution of ₹7 crore towards relief…
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) August 5, 2026 गुवाहाटी: असम इस समय गंभीर बाढ़ संकट से जूझ रहा है। राज्य के कई इलाकों में बाढ़ के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं और कई जगहों पर राहत एवं बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं।
ऐसे मुश्किल समय में वेदांता ग्रुप ने राज्य सरकार के बाढ़ राहत प्रयासों में सहयोग करते हुए ₹7 करोड़ की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। कंपनी की ओर से यह राशि असम के बाढ़ राहत एवं सहायता कोष में जमा की गई है।
इस योगदान की जानकारी खुद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दी है। उन्होंने वेदांता ग्रुप और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के इस कदम की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने वेदांता ग्रुप का जताया आभार
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश जारी करते हुए कहा कि अनिल अग्रवाल लंबे समय से असम के विकास में सहयोगी रहे हैं। उन्होंने बताया कि वेदांता समूह ने राज्य में कई महत्वपूर्ण निवेश किए हैं और अब प्राकृतिक आपदा के समय भी सहायता के लिए आगे आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की राहत और पुनर्वास के लिए वेदांता का ₹7 करोड़ का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कंपनी और अनिल अग्रवाल का असम के लोगों के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद दिया।
राहत कार्यों में खर्च होगी सहायता राशि
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वेदांता द्वारा दी गई इस राशि का उपयोग बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
इस फंड से मुख्य रूप से इन कार्यों में मदद मिलेगी:
- बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था
- प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय
- पीने के पानी की उपलब्धता
- स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी दवाइयां
- प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्य
बाढ़ के बाद सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन में लाना होती है। ऐसे में आर्थिक सहायता से राहत अभियानों को गति मिलने की उम्मीद है।
वेदांता का सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
वेदांता ग्रुप देश की प्रमुख प्राकृतिक संसाधन कंपनियों में शामिल है। कंपनी समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सामाजिक पहल करती रही है।
असम में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान कंपनी का यह योगदान कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
असम में बाढ़ बनी बड़ी चुनौती
असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ एक बड़ी समस्या बनकर सामने आती है। भारी बारिश और नदियों के जलस्तर बढ़ने से कई जिले प्रभावित होते हैं। इस साल भी बाढ़ के कारण लोगों को विस्थापन, संपत्ति के नुकसान और रोजमर्रा की जरूरतों की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाएं और निजी कंपनियां राहत कार्यों में सहयोग कर रही हैं। वेदांता का ₹7 करोड़ का योगदान इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


