Shiprocket IPO 12 अगस्त 2026 से खुलेगा। कंपनी ने ₹92-₹97 प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया है। जानिए IPO की ओपनिंग डेट, लॉट साइज, निवेश राशि, OFS, वित्तीय प्रदर्शन और लिस्टिंग की पूरी जानकारी।
Shiprocket IPO: 12 अगस्त से निवेशकों के लिए खुलेगा इश्यू
ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स और शिपिंग सॉल्यूशन उपलब्ध कराने वाली गुड़गांव स्थित टेक कंपनी Shiprocket अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी ने ₹1,617.5 करोड़ के इस पब्लिक इश्यू के लिए ₹92 से ₹97 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन ₹7,057.5 करोड़ बैठता है।
यह आईपीओ फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिश्रण है। यदि आप इस इश्यू में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले इसकी सभी जरूरी जानकारी जान लेना महत्वपूर्ण है।
Shiprocket IPO की महत्वपूर्ण तारीखें
| विवरण | तारीख |
|---|---|
| एंकर निवेशकों के लिए ओपन | 11 अगस्त 2026 |
| IPO ओपन | 12 अगस्त 2026 |
| IPO क्लोज | 14 अगस्त 2026 |
| शेयर अलॉटमेंट | 17 अगस्त 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 19 अगस्त 2026 |
Shiprocket IPO Price Band और Lot Size
- प्राइस बैंड: ₹92-₹97 प्रति शेयर
- अपर प्राइस बैंड: ₹97
- न्यूनतम निवेश: ₹14,938 (एक लॉट)
- कर्मचारियों के लिए छूट: ₹9 प्रति शेयर
- कर्मचारी आरक्षण: ₹1 करोड़
IPO का साइज कितना है?
Shiprocket का कुल IPO आकार ₹1,617.5 करोड़ है।
इसमें शामिल हैं:
- फ्रेश इश्यू: ₹885.5 करोड़
- ऑफर फॉर सेल (OFS): ₹732 करोड़
ऑफर फॉर सेल के तहत Lightrock, Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, कंपनी के सह-संस्थापक साहिल गोयल, गौतम कपूर समेत अन्य मौजूदा निवेशक और प्रमोटर्स अपने शेयर बेचेंगे।
IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी फ्रेश इश्यू से प्राप्त रकम का उपयोग कई प्रमुख उद्देश्यों के लिए करेगी।
- ₹365.6 करोड़ प्लेटफॉर्म के विकास और टेक्नोलॉजी विस्तार पर खर्च किए जाएंगे।
- ₹210 करोड़ का उपयोग कंपनी के कर्ज चुकाने में होगा। 10 जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹244.5 करोड़ का कर्ज था।
- बची हुई राशि का इस्तेमाल संभावित अधिग्रहण (Acquisitions) और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
कैसी है Shiprocket की वित्तीय स्थिति?
Shiprocket ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कारोबार में मजबूत वृद्धि दर्ज की है।
- FY26 Revenue: ₹2,024.1 करोड़
- YoY Revenue Growth: 24%
- FY24 Net Loss: ₹595.1 करोड़
- FY26 Net Loss: ₹79.2 करोड़
हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन उसका नुकसान काफी कम हुआ है, जो वित्तीय प्रदर्शन में सुधार का संकेत माना जा सकता है।
IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर
इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर्स हैं:
- Axis Capital
- BofA Securities India
- JM Financial
- Kotak Mahindra Capital Company
क्या निवेश करना चाहिए?
Shiprocket भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स और SaaS सेक्टर में काम करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी का रेवेन्यू लगातार बढ़ रहा है और घाटा भी तेजी से कम हुआ है। हालांकि कंपनी अभी लाभ में नहीं पहुंची है, इसलिए निवेशकों को IPO में आवेदन करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिमों का सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी IPO में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता।


