CBSE School Programs: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सीबीएसई के सभी संबद्ध स्कूलों में अब राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) यूनिट शुरू की जाएगी। इसके तहत कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को दो साल की अवधि में 240 घंटे सामाजिक सेवा करनी होगी।
सीबीएसई ने इस संबंध में सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड के अनुसार, एनएसएस यूनिट को सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट (Self Financing Unit) के रूप में संचालित किया जाएगा। इसका मतलब है कि स्कूलों को सरकारी अनुदान का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि वे अपने स्तर पर एनएसएस गतिविधियों का संचालन कर सकेंगे।
सीबीएसई स्कूलों में बनेगी NSS यूनिट
सीबीएसई निदेशक (अकादमिक) डॉ. प्रज्ञा एम. सिंह की ओर से 30 जुलाई को जारी निर्देश में बताया गया कि सभी संबद्ध स्कूलों को एनएसएस यूनिट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हर एनएसएस यूनिट में 50 से 100 स्वयंसेवक छात्रों को शामिल किया जाएगा। ये छात्र विभिन्न सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
इन गतिविधियों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- स्वच्छता अभियान
- पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम
- स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
- साक्षरता अभियान
- आपदा प्रबंधन
- रक्तदान जागरूकता
- सामाजिक समरसता
- राष्ट्रीय एकता से जुड़े कार्यक्रम
11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए जरूरी होगी सेवा
सीबीएसई के नए कार्यक्रम के तहत एनएसएस में मुख्य रूप से कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को शामिल किया जाएगा। छात्रों को दो वर्षों के दौरान कुल 240 घंटे सामाजिक सेवा कार्य पूरा करना होगा।
बोर्ड का उद्देश्य है कि छात्र केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझें और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
स्कूलों को भेजे गए दिशा-निर्देश
सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को एनएसएस यूनिट शुरू करने के लिए प्रस्ताव फॉर्मेट और योजना से संबंधित ब्रोशर उपलब्ध कराया है।
बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि वे इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करें और अधिक से अधिक छात्रों को इससे जोड़ें।
सीबीएसई के अनुसार, सेल्फ फाइनेंसिंग मॉडल से स्कूल और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। इससे छात्रों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलेगा।
छात्रों में विकसित होंगी नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना
सीबीएसई का मानना है कि एनएसएस कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में:
- नेतृत्व क्षमता
- अनुशासन
- टीम भावना
- सामाजिक संवेदनशीलता
- जिम्मेदारी की भावना
का विकास होगा।
एनएसएस का मूल मंत्र “सेवा के माध्यम से शिक्षा” है। वर्ष 1969 में शुरू हुई यह योजना युवाओं को सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का काम कर रही है।
सीबीएसई के अनुसार, अब तक एनएसएस कार्यक्रम से देशभर में 8.4 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो चुके हैं।
My Bharat NSS अभियान का हिस्सा है पहल
सीबीएसई ने बताया कि स्कूलों में एनएसएस यूनिट शुरू करने की पहल ‘माई भारत एनएसएस’ अभियान के विस्तार का हिस्सा है। इसका उद्देश्य छात्रों को कम उम्र से ही समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना है।
बोर्ड का कहना है कि एनएसएस के जरिए छात्रों में सहानुभूति, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ विकसित होगी, जो उनके भविष्य के लिए भी उपयोगी साबित होगी।
KVS, NVS और अन्य संस्थानों को भी भेजी गई जानकारी
सीबीएसई ने यह सूचना केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS), सैनिक स्कूल सोसायटी और विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा निदेशालयों को भी भेजी है।
इसका उद्देश्य है कि इन संस्थानों के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में भी एनएसएस की सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है NSS कार्यक्रम?
एनएसएस छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर देगा। इसके जरिए विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों, जरूरतमंद लोगों और सामाजिक समस्याओं से सीधे जुड़ सकेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम छात्रों में जिम्मेदारी और नेतृत्व के गुण विकसित करने में मदद करते हैं, जो उन्हें भविष्य में बेहतर नागरिक बनने में सहायक होंगे।
CBSE NSS Program Highlights:
- सभी सीबीएसई स्कूलों में शुरू होगी एनएसएस यूनिट
- यूनिट सेल्फ फाइनेंसिंग मॉडल पर चलेगी
- हर यूनिट में 50-100 छात्र होंगे शामिल
- 11वीं-12वीं के छात्रों को दो साल में 240 घंटे सेवा देनी होगी
- छात्रों को सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाएगा


