E20 Petrol Row: देश में एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ाने, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने और E20 पेट्रोल से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को दबाने का आरोप लगाया है। वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए सरकार की नीति का बचाव किया है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट कर केजरीवाल के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने E20 पेट्रोल से आगे एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
E20 पेट्रोल विवाद क्या है?
This claim is misleading.
The Government has not announced blending ordinary ethanol into Aviation Turbine Fuel (ATF). What has been notified is the inclusion of Sustainable Aviation Fuel (SAF) within the regulatory framework for ATF.
SAF is not raw ethanol. It is… https://t.co/I877tdUK8i
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 6, 2026 भारत सरकार लंबे समय से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण को कम करना है।
मौजूदा समय में देश में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। E20 का मतलब है कि पेट्रोल में 20 फीसदी तक एथेनॉल और बाकी हिस्सा पेट्रोल होता है।
हालांकि, इस नीति को लेकर कुछ राजनीतिक दल और विशेषज्ञ वाहन प्रदर्शन, इंजन की क्षमता और ईंधन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
केजरीवाल ने लगाए ये आरोप
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार E20 के बाद पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को और बढ़ाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 50 फीसदी से ज्यादा तक पहुंच सकती है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे फिलहाल नई पेट्रोल और डीजल गाड़ियां खरीदने में जल्दबाजी न करें।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार एथेनॉल को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में मिलाने की योजना बना रही है, जिससे विमान सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो सकती हैं।
इसके अलावा उन्होंने SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए E20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे।
BJP ने E20 से ज्यादा ब्लेंडिंग के दावे को बताया गलत
फेक न्यूज़ फैलाना और बेवजह डर पैदा करना अरविंद केजरीवाल की पुरानी आदत है।
अब नया झूठ यह फैलाया जा रहा है कि सरकार चुपके से पेट्रोल में 50% से अधिक एथेनॉल मिला देगी और लोगों की गाड़ियाँ कबाड़ हो जाएँगी।
तथ्य क्या हैं?
• भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 से आगे पेट्रोल में… https://t.co/1LRtfgCJPH
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 6, 2026 बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने केजरीवाल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत सरकार ने E20 से आगे एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने पर विचार किया जाता है तो उससे पहले वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और वाहन निर्माताओं, तेल कंपनियों समेत सभी हितधारकों से चर्चा जरूरी होगी।
मालवीय ने कहा कि E20 फ्यूल को भी लंबे समय तक टेस्टिंग और विशेषज्ञों की सलाह के बाद लागू किया गया है।
BIS मानकों के अनुसार तैयार होता है E20 पेट्रोल
बीजेपी नेता ने दावा किया कि भारत में उपलब्ध एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के तय मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप तक पहुंचने से पहले ईंधन की गुणवत्ता की जांच की जाती है और इसमें तय सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है।
ATF में एथेनॉल मिलाने के आरोप पर BJP की सफाई
केजरीवाल के उस आरोप पर भी बीजेपी ने जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार विमान ईंधन में एथेनॉल मिलाने की तैयारी कर रही है।
अमित मालवीय ने कहा कि सरकार ने सामान्य एथेनॉल को ATF में मिलाने की कोई घोषणा नहीं की है।
उन्होंने बताया कि सरकार की नीति सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) से जुड़ी है। SAF एक अलग तरह का एविएशन ग्रेड फ्यूल है, जिसे विशेष प्रक्रिया से तैयार किया जाता है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत जांच के बाद ही इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि SAF की तुलना सीधे जेट फ्यूल में एथेनॉल मिलाने से करना गलत है।
SIAM रिपोर्ट को लेकर भी छिड़ा विवाद
E20 पेट्रोल को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब केजरीवाल ने SIAM की एक रिपोर्ट का हवाला दिया।
उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में E20 पेट्रोल में क्लोराइड और नमी की मात्रा को लेकर चिंता जताई गई थी, जिससे वाहनों को नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने SIAM पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाया।
हालांकि, अमित मालवीय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIAM ने खुद स्पष्ट किया है कि उसके कुछ आंतरिक संचार को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया।
SIAM ने क्या कहा?
SIAM के अनुसार, फ्यूल क्वालिटी की जांच कई स्तरों पर होती है और इसमें 150 से ज्यादा पैरामीटर शामिल होते हैं।
संस्था ने कहा कि क्लोराइड और सल्फर जैसे तत्वों के लिए पहले से ही गाइडलाइंस मौजूद हैं। तेल कंपनियां नियमित रूप से ईंधन की गुणवत्ता की जांच करती हैं।
SIAM ने यह भी कहा कि E20 फ्यूल को लेकर चिंता की कोई बड़ी वजह नहीं है और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का समर्थन करती है।
केजरीवाल ने फिर उठाए सवाल
बीजेपी के जवाब के बाद भी अरविंद केजरीवाल अपने आरोपों पर कायम रहे।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने SIAM को अपना बयान वापस लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव में भारत एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रहा है।
हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम वैज्ञानिक अध्ययन और नियामकीय प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
E20 पेट्रोल पर आगे क्या?
फिलहाल भारत में E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष वाहन सुरक्षा और ईंधन गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहा है।
आने वाले समय में एथेनॉल ब्लेंडिंग की नीति में किसी भी बदलाव से पहले तकनीकी परीक्षण और विशेषज्ञों की राय अहम भूमिका निभाएगी।


