नई दिल्ली: भारत द्वारा पाकिस्तान से सभी तरह के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद तस्करी के नए तरीके सामने आ रहे हैं। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने गुजरात के कांडला पोर्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य के पाकिस्तानी मूल के सूखे खजूर जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस खेप को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के जरिए भारत भेजा गया, ताकि इसके वास्तविक मूल देश को छिपाया जा सके।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही DRI ने तूतीकोरिन बंदरगाह पर भी पाकिस्तान से आए 1.4 करोड़ रुपये के गुग्गुल राल की खेप पकड़ी थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान से प्रतिबंधित वस्तुओं को तीसरे देशों के माध्यम से भारत में भेजने की कोशिशें जारी हैं।
कांडला पोर्ट पर 13 कंटेनरों में मिला पाकिस्तानी खजूर
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, खुफिया सूचना मिलने के बाद DRI अधिकारियों ने कांडला पोर्ट पर कार्रवाई की। यहां 364 मीट्रिक टन सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनरों की जांच की गई।
दस्तावेजों में इन कंटेनरों का मूल देश UAE बताया गया था, लेकिन विस्तृत जांच और दस्तावेजों के सत्यापन में पता चला कि खजूर वास्तव में पाकिस्तान से भेजे गए थे। जब्त की गई पूरी खेप की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है।
दुबई के रास्ते भारत भेजा गया माल
जांच एजेंसियों के अनुसार, तस्करी का तरीका बेहद सुनियोजित था।
- पहले माल पाकिस्तान से दुबई भेजा गया।
- वहां कंटेनरों को बदलकर नई शिपमेंट तैयार की गई।
- दस्तावेजों में मूल देश UAE दर्शाया गया।
- इसके बाद कंटेनरों को भारत के लिए रवाना कर दिया गया।
DRI का कहना है कि आयातकों ने माल के वास्तविक मूल देश को छिपाने और भारत सरकार द्वारा लगाए गए आयात प्रतिबंध से बचने के लिए गलत जानकारी दी। इस आधार पर सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की संबंधित धाराओं के तहत पूरी खेप जब्त कर ली गई है।
पिछले सप्ताह भी पकड़ी गई थी पाकिस्तानी खेप
यह पहला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह DRI ने तूतीकोरिन बंदरगाह पर लगभग 14 मीट्रिक टन गुग्गुल राल की खेप जब्त की थी, जिसकी कीमत करीब 1.4 करोड़ रुपये थी।
इस मामले में भी माल को सोमालिया से आया प्राकृतिक राल बताया गया था, जबकि जांच में सामने आया कि वह वास्तव में पाकिस्तान से भेजा गया था और दुबई के रास्ते भारत लाया जा रहा था।
इस मामले में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था और जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया।
क्या है गुग्गुल राल?
गुग्गुल राल (Commiphora Resin) एक औषधीय प्राकृतिक राल है, जिसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं और कई पारंपरिक उपचारों में किया जाता है।
इस प्रजाति को:
- CITES Appendix-II में सूचीबद्ध किया गया है।
- IUCN Red List में “अत्यंत संकटग्रस्त” (Critically Endangered) श्रेणी में रखा गया है।
इसी कारण इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कड़े नियम लागू हैं।
पाकिस्तान से आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध
भारत सरकार ने विदेश व्यापार नीति (Foreign Trade Policy) 2023 में संशोधन करते हुए DGFT अधिसूचना संख्या 06/2025-26 (02 मई 2025) के तहत पाकिस्तान में निर्मित या वहां से निर्यात होने वाली सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष आयात और ट्रांजिट पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
इस प्रतिबंध का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापारिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। DRI की जांच में सामने आया कि कांडला और तूतीकोरिन दोनों मामलों में इस प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया।
DRI की सख्ती से बेनकाब हो रहे नेटवर्क
DRI का कहना है कि हाल की कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हुआ है कि कुछ संगठित नेटवर्क तीसरे देशों के माध्यम से प्रतिबंधित सामान भारत भेजने की कोशिश कर रहे हैं।
एजेंसी अब ऐसे नेटवर्क की पहचान करने, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले आयातकों पर कार्रवाई करने और सीमा शुल्क धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है।
निष्कर्ष
कांडला पोर्ट पर 3 करोड़ रुपये के पाकिस्तानी खजूर की जब्ती और इससे पहले तूतीकोरिन में पकड़ी गई गुग्गुल राल की खेप यह दिखाती है कि प्रतिबंध के बावजूद कुछ कारोबारी तीसरे देशों का इस्तेमाल कर भारत में पाकिस्तानी माल पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। DRI की लगातार कार्रवाई से ऐसे नेटवर्क उजागर हो रहे हैं और सरकार आयात नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाए हुए है।


