Vodafone Idea Annual Report 2025-26: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) ने वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी कर दी है। कंपनी ने इस साल ₹34,552 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को ₹27,384 करोड़ का घाटा हुआ था। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह AGR देनदारियों में कमी से मिला एकमुश्त लाभ (Exceptional Gain) रहा। इसके साथ ही कंपनी ने आने वाले वर्षों में 5G नेटवर्क और 4G विस्तार पर ₹45,000 करोड़ निवेश करने की योजना का भी ऐलान किया है।
Highlights
- वित्त वर्ष 2025-26 में वोडाफोन आइडिया को ₹34,552 करोड़ का शुद्ध लाभ।
- AGR देनदारियों के पुनर्मूल्यांकन से ₹55,622 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन मिला।
- DoT ने AGR बकाया ₹87,695 करोड़ से घटाकर ₹64,046 करोड़ किया।
- FY2027-FY2029 के दौरान 5G और नेटवर्क विस्तार पर ₹45,000 करोड़ का निवेश।
- ARPU बढ़कर ₹190 पहुंचा।
- कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 19.28 करोड़।
- कुमार मंगलम बिड़ला बने नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन।
घाटे से मुनाफे तक का सफर
वोडाफोन आइडिया के लिए वित्त वर्ष 2025-26 कई वर्षों बाद राहत लेकर आया है। कंपनी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि उसे ₹34,552 करोड़ का समेकित (Consolidated) शुद्ध लाभ हुआ है। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ₹27,384 करोड़ के घाटे में थी।
हालांकि यह मुनाफा मुख्य रूप से परिचालन आय से नहीं बल्कि AGR देनदारियों में राहत मिलने के कारण दर्ज हुआ है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला।
AGR देनदारियों में कमी से मिला बड़ा फायदा
कंपनी के मुनाफे की सबसे बड़ी वजह Adjusted Gross Revenue (AGR) देनदारियों का पुनर्मूल्यांकन रहा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दूरसंचार विभाग (DoT) ने वोडाफोन आइडिया की AGR देनदारी को ₹87,695 करोड़ से घटाकर ₹64,046 करोड़ कर दिया। इस फैसले के कारण कंपनी को ₹55,622 करोड़ का एकमुश्त एक्सेप्शनल गेन मिला, जिसने उसके वित्तीय नतीजों को पूरी तरह बदल दिया।
5G और नेटवर्क विस्तार पर ₹45,000 करोड़ का निवेश
वोडाफोन आइडिया ने भविष्य की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। कंपनी वित्त वर्ष 2027 से 2029 के बीच ₹45,000 करोड़ का निवेश करेगी।
इस निवेश का उपयोग मुख्य रूप से:
- 5G सेवाओं के विस्तार में
- 4G नेटवर्क को मजबूत बनाने में
- नए नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में
- प्रमुख सर्किलों में बेहतर कवरेज देने में किया जाएगा।
कंपनी का लक्ष्य अपने 17 प्रमुख सर्किलों में 4G कवरेज को 95% आबादी तक पहुंचाना है। साथ ही सभी प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बेहतर और निर्बाध 5G सेवाएं उपलब्ध कराना भी कंपनी की प्राथमिकता है।
ARPU में सुधार, ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी
कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिला है।
- चौथी तिमाही में ARPU (Average Revenue Per User) बढ़कर ₹190 पहुंच गया।
- फरवरी 2026 से ग्राहकों की संख्या में लगातार सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
- वर्तमान में कंपनी के कुल 19.28 करोड़ ग्राहक हैं।
- इनमें से 12.89 करोड़ ग्राहक 4G और 5G सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
ARPU में बढ़ोतरी को कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है क्योंकि इससे प्रति ग्राहक कमाई बढ़ती है।
नेतृत्व में भी हुआ बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में नेतृत्व से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट भी दिया है।
5 मई 2026 से कुमार मंगलम बिड़ला को वोडाफोन आइडिया का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में कंपनी नेटवर्क विस्तार, निवेश और वित्तीय मजबूती पर विशेष ध्यान दे रही है।
कंपनी में सरकार की कितनी हिस्सेदारी?
स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने के बाद कंपनी की शेयरहोल्डिंग संरचना भी बदल गई है।
- भारत सरकार की हिस्सेदारी: 49%
- प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी: 25.64%
सरकार अब कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारकों में शामिल है, जबकि प्रमोटर समूह भी कंपनी के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आगे क्या है कंपनी की रणनीति?
वोडाफोन आइडिया अब अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत होने के बाद नेटवर्क गुणवत्ता सुधारने, 5G विस्तार और ग्राहकों का आधार बढ़ाने पर फोकस कर रही है। यदि कंपनी अपनी निवेश योजना को समय पर लागू करती है और ARPU में लगातार सुधार बनाए रखती है, तो आने वाले वर्षों में उसकी प्रतिस्पर्धा निजी टेलीकॉम कंपनियों के साथ और मजबूत हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


