PM Surya Ghar Yojana: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana) देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ करोड़ों परिवारों के बिजली खर्च को कम करने में बड़ी सफलता हासिल कर रही है। योजना ने अब एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, देशभर में 50.06 लाख से अधिक परिवारों ने अपनी छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा लिया है। इनमें से करीब 19 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हो चुका है, जबकि लाखों परिवार अतिरिक्त बिजली बेचकर हर साल हजारों रुपये की कमाई भी कर रहे हैं।
50 लाख परिवारों ने अपनाई सौर ऊर्जा
करीब 75,021 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना ने शुरू होने के दो साल के भीतर ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। इससे पहले योजना लागू होने से पूर्व लगभग 10 वर्षों में देशभर में केवल 7.94 लाख रूफटॉप सोलर कनेक्शन लगाए गए थे। वहीं अब 50 लाख से अधिक परिवार इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में और अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाना है ताकि बिजली पर निर्भरता कम हो और स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़े।
हर 6 दिन में जुड़ रहे 1 लाख नए लाभार्थी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार योजना की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। वर्तमान में हर छह दिन में लगभग एक लाख नए परिवार इस योजना से जुड़ रहे हैं।
पिछले नौ महीनों में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की गति 3.2 गुना बढ़ी है।
- जुलाई 2026 में 5.06 लाख परिवारों ने सोलर सिस्टम लगवाया।
- यह योजना शुरू होने के बाद किसी एक महीने में सबसे अधिक इंस्टॉलेशन का रिकॉर्ड है।
- अक्टूबर 2025 में जहां प्रतिदिन औसतन 5,038 सोलर सिस्टम लगाए जा रहे थे, वहीं जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 16,328 प्रतिदिन हो गई।
19 लाख परिवारों का बिजली बिल हुआ जीरो
पीएम सूर्य घर योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लाखों परिवारों का मासिक बिजली खर्च लगभग खत्म हो गया है।
सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में अब तक 28,024 करोड़ रुपये की सब्सिडी ट्रांसफर की है।
इसके परिणामस्वरूप देशभर के लगभग 19 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हो चुका है।
अतिरिक्त बिजली बेचकर सालाना ₹3,500 तक की कमाई
यह योजना केवल बिजली बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अतिरिक्त आय का भी जरिया बन रही है।
वित्त वर्ष 2024-25 में:
- 12 लाख से अधिक परिवारों ने अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेची।
- कुल 421 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
- बिजली निर्यात करने वाले परिवारों को औसतन ₹3,500 प्रति वर्ष अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।
नेट मीटरिंग व्यवस्था के कारण उपभोक्ता अपनी जरूरत से अधिक बिजली बिजली वितरण कंपनी को बेच सकते हैं।
गरीब, BPL और SC/ST परिवारों तक पहुंचा लाभ
सरकार ने इस योजना का दायरा निम्न एवं मध्यम आय वर्ग तक भी बढ़ाया है।
यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन मॉडल के तहत चार राज्यों में:
- पीएम आवास योजना (PMAY) लाभार्थियों,
- बीपीएल परिवारों,
- एससी एवं एसटी वर्ग
के लिए 1.60 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।
इसके अलावा:
- 21.87 लाख आवेदकों को
- 5.75% की रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया गया है।
अब तक योजना के तहत 14.8 गीगावॉट (GW) क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।
पूरी प्रक्रिया 100% ऑनलाइन
पीएम सूर्य घर योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया है।
इसमें:
- ऑनलाइन आवेदन
- बैंक ऋण स्वीकृति
- नेट मीटरिंग
- सब्सिडी भुगतान
सभी प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी होती हैं।
सरकार ने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए:
- 10 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए डीम्ड अप्रूवल लागू किया है।
- कई मामलों में फिजिबिलिटी टेस्ट की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है।
- देश के 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने आवेदन शुल्क और नेट मीटरिंग शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिए हैं।
रोजगार को भी मिला बढ़ावा
इस योजना ने देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं।
अब तक:
- 34,219 पंजीकृत वेंडर्स जुड़े हैं।
- इनमें 29,469 सक्रिय वेंडर्स कार्यरत हैं।
- 2.32 लाख से अधिक लोगों को कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण दिया गया है।
- 1.06 लाख सरकारी भवनों पर भी सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।
योजना क्यों बन रही है गेम चेंजर?
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम सूर्य घर योजना केवल मुफ्त बिजली देने की योजना नहीं है, बल्कि यह देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता, स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी और घरेलू आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। बिजली बिल में बचत, सरकारी सब्सिडी, आसान ऋण और अतिरिक्त बिजली बेचने की सुविधा के कारण यह योजना आम परिवारों के लिए बेहद लाभकारी बन गई है।


