Dog Walking Tips: अगर आप अपने पालतू कुत्ते (Pet Dog) को रोज सिर्फ 10-15 मिनट टहलाकर वापस घर ले आते हैं, तो यह आदत उसकी सेहत के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती। एक हालिया सर्वे के मुताबिक, कुत्तों को रोजाना औसतन 67 मिनट की वॉक और इस दौरान करीब 16 बार अलग-अलग जगहों को सूंघने (Sniffing) का मौका मिलना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुत्तों के लिए वॉक सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक विकास का भी अहम हिस्सा है।
सिर्फ 10 मिनट की वॉक क्यों नहीं है पर्याप्त?
आजकल शहरों में ज्यादातर लोग व्यस्त जीवनशैली के कारण अपने डॉग को केवल कुछ मिनट के लिए बाहर ले जाते हैं। कई बार वॉक का मकसद सिर्फ उसे टॉयलेट करवाना होता है। लेकिन पशु व्यवहार विशेषज्ञों (Animal Behaviour Experts) के अनुसार, कुत्ते के लिए बाहर निकलना सिर्फ चलना नहीं बल्कि नई-नई खुशबुओं, आवाजों और माहौल को महसूस करना भी होता है।
अगर हर दिन वॉक बहुत छोटी हो, तो कुत्ता मानसिक रूप से बोर हो सकता है और उसकी ऊर्जा सही तरीके से खर्च नहीं हो पाती।
सर्वे में क्या सामने आया?
ब्रिटेन में 1,800 डॉग ओनर्स पर किए गए एक सर्वे में पाया गया कि एक स्वस्थ कुत्ते के लिए औसतन 67 मिनट की सैर सबसे बेहतर मानी जाती है।
सर्वे के अनुसार इस दौरान कुत्ते को:
- अलग-अलग जगहों को सूंघने का मौका मिलना चाहिए।
- खुली जगह में आराम से घूमने देना चाहिए।
- यदि सुरक्षित हो तो पानी के आसपास खेलने देना चाहिए।
- दूसरे कुत्तों से सामाजिक संपर्क बनाने देना चाहिए।
- अपनी गति से रुकने और आगे बढ़ने की आजादी मिलनी चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक सामान्य वॉक के दौरान कुत्ता औसतन 16 बार रुककर सूंघता है, जो उसके व्यवहार का पूरी तरह सामान्य हिस्सा है।
कुत्तों के लिए सूंघना क्यों है इतना जरूरी?
इंसान अपनी आंखों से दुनिया को समझते हैं, लेकिन कुत्ते अपनी नाक से।
कुत्तों की सूंघने की क्षमता इंसानों से हजारों गुना अधिक संवेदनशील मानी जाती है। वे सिर्फ गंध के जरिए यह पता लगा सकते हैं कि:
- यहां पहले कौन आया था।
- आसपास कोई दूसरा जानवर है या नहीं।
- किसी व्यक्ति की पहचान क्या है।
- इलाके में क्या बदलाव हुआ है।
यही वजह है कि बिहेवियरिस्ट वॉक को “मेंटल एक्सरसाइज” भी कहते हैं। जब कुत्ता पेड़, घास, खंभे या रास्ते के किनारे रुककर सूंघता है, तब वह अपने आसपास की दुनिया के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहा होता है।
सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक सेहत भी रहती है बेहतर
अगर कुत्ते को रोज पर्याप्त समय तक बाहर घूमने और सूंघने का मौका मिले, तो उसे कई फायदे मिलते हैं।
नियमित वॉक के फायदे
- शरीर फिट और एक्टिव रहता है।
- मोटापे का खतरा कम होता है।
- तनाव और बेचैनी कम होती है।
- मानसिक उत्तेजना (Mental Stimulation) मिलती है।
- दूसरे कुत्तों और लोगों से मिलने की आदत बनती है।
- ट्रेनिंग के दौरान कमांड जल्दी सीखता है।
- आक्रामक या अत्यधिक भौंकने जैसी आदतें कम हो सकती हैं।
कम वॉक कराने से क्या हो सकती हैं समस्याएं?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कुत्ते को लंबे समय तक पर्याप्त एक्सरसाइज और मानसिक गतिविधि न मिले, तो उसमें कई व्यवहार संबंधी समस्याएं विकसित हो सकती हैं।
जैसे:
- बार-बार भौंकना।
- घर का सामान चबाना।
- बेचैनी और तनाव।
- जरूरत से ज्यादा उछलना-कूदना।
- अकेले रहने पर चिंता (Separation Anxiety) बढ़ना।
इसी वजह से डॉग ट्रेनर्स भी रोजाना पर्याप्त वॉक की सलाह देते हैं।
शहरों में बढ़ रहा है पेट डॉग रखने का चलन
पिछले कुछ वर्षों में भारत के बड़े शहरों में पालतू कुत्ते रखने का चलन तेजी से बढ़ा है। छोटे परिवार, बढ़ती आय और अकेले रहने की जीवनशैली के कारण लोग कुत्तों को परिवार का सदस्य मानकर पाल रहे हैं।
हालांकि, जिम्मेदार डॉग ओनर बनने का मतलब सिर्फ अच्छी डाइट, ग्रूमिंग और वैक्सीनेशन तक सीमित नहीं है। कुत्ते को रोज बाहर ले जाना, उसे नई जगहों को सूंघने देना और खुलकर घूमने का अवसर देना भी उतना ही जरूरी है।
डॉग वॉक के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- रोजाना कम से कम 45-67 मिनट की वॉक का लक्ष्य रखें।
- हर समय जल्दी न करें, कुत्ते को सूंघने का समय दें।
- गर्मियों में सुबह या शाम के समय वॉक कराएं।
- हमेशा साफ पानी साथ रखें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर पट्टा (Leash) जरूर लगाएं।
- दूसरे कुत्तों से मिलवाने से पहले उनकी सुरक्षा का ध्यान रखें।
- हर डॉग की उम्र, नस्ल और स्वास्थ्य के अनुसार वॉक का समय अलग हो सकता है।
निष्कर्ष
पालतू कुत्ते के लिए वॉक केवल रोज की एक आदत नहीं, बल्कि उसकी शारीरिक और मानसिक सेहत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालिया सर्वे बताता है कि 67 मिनट की सैर और रास्ते में कई बार सूंघने का अवसर कुत्ते को अधिक खुश, सक्रिय और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। इसलिए अगली बार जब आपका डॉग बार-बार रुककर आसपास सूंघने लगे, तो उसे जल्दी खींचकर आगे बढ़ाने की बजाय थोड़ा समय दें। यही उसके लिए असली “डॉग वॉक” है।


