दिल्ली सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मेधावी छात्रों के लिए एक अहम पहल की है। अब सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 12 (विज्ञान) के छात्र JEE और NEET जैसी देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह मुफ्त कर सकेंगे। इसके लिए दिल्ली सरकार ने एक साल का फ्री रेजिडेंशियल (आवासीय) कोचिंग प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है।
दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार, इस योजना के तहत छात्रों का चयन जॉइंट दक्षिणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के माध्यम से किया जाएगा। चयनित छात्रों को महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित दक्षिणा वैली कैंपस में रहकर JEE और NEET की तैयारी कराई जाएगी।
Highlights
- दिल्ली सरकार ने शुरू किया फ्री JEE-NEET आवासीय कोचिंग प्रोग्राम।
- केवल सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के कक्षा 12 (साइंस) के छात्र होंगे पात्र।
- चयन JSDT 2027 प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा।
- पुणे स्थित दक्षिणा वैली कैंपस में मिलेगी एक साल की मुफ्त कोचिंग।
- हॉस्टल, भोजन और पढ़ाई का पूरा खर्च स्कॉलरशिप के तहत कवर होगा।
क्या है दिल्ली सरकार की नई योजना?
दिल्ली सरकार ने ऐसे छात्रों के लिए यह विशेष कार्यक्रम शुरू किया है जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते। इस पहल के तहत योग्य छात्रों को JEE (इंजीनियरिंग) और NEET (मेडिकल) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
यह कार्यक्रम पुणे की गैर-लाभकारी संस्था दक्षिणा फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित स्कॉलरशिप के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो—
- दिल्ली सरकार या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे हों।
- शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 12 (विज्ञान संकाय) में नामांकित हों।
- JEE या NEET की तैयारी करना चाहते हों।
- चयन परीक्षा में सफल हों।
प्रवेश परीक्षा के जरिए होगा चयन
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे पात्र छात्रों को इस योजना की जानकारी दें और उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करें।
छात्रों का चयन जॉइंट दक्षिणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के माध्यम से किया जाएगा, जिसका आयोजन दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है। परीक्षा में सफल छात्रों को एक वर्ष के लिए पुणे स्थित दक्षिणा वैली कैंपस भेजा जाएगा।
छात्रों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
चयनित विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप के तहत निम्न सुविधाएं मुफ्त दी जाएंगी—
- JEE और NEET की उच्च स्तरीय कोचिंग
- एक वर्ष का आवासीय हॉस्टल
- भोजन की व्यवस्था
- पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं
- संपूर्ण कार्यक्रम का खर्च स्कॉलरशिप से वहन किया जाएगा
इस योजना के तहत छात्रों और उनके परिवारों को किसी प्रकार की कोचिंग फीस या रहने-खाने का खर्च नहीं उठाना होगा।
योजना का उद्देश्य क्या है?
दिल्ली सरकार और दक्षिणा फाउंडेशन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को IIT, NIT, AIIMS और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग एवं मेडिकल संस्थानों तक पहुंचने का अवसर देना है।
सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों के कई छात्र आर्थिक कारणों से प्रतियोगी परीक्षाओं की अच्छी तैयारी नहीं कर पाते। यह पहल उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
स्कूलों को दिए गए विशेष निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों से कहा है कि वे अधिक से अधिक पात्र छात्रों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं। साथ ही छात्रों को चयन परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि अधिक संख्या में योग्य विद्यार्थी इस स्कॉलरशिप का लाभ उठा सकें।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। मुफ्त आवासीय कोचिंग, हॉस्टल और भोजन जैसी सुविधाएं मिलने से ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलेगा, जो अब तक आर्थिक सीमाओं के कारण पीछे रह जाते थे। यदि छात्र चयन परीक्षा में सफल होते हैं, तो वे बिना किसी आर्थिक बोझ के देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।


