नई दिल्ली: अदाणी समूह की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy Ltd (AGEL) में एक बड़ा शेयर ट्रांजैक्शन हुआ है। हालांकि यह सौदा खुले बाजार में किसी बाहरी निवेशक के साथ नहीं, बल्कि प्रमोटर समूह की दो कंपनियों के बीच हुआ है। इस डील में अदाणी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड ने AGEL की 1.03% हिस्सेदारी करीब ₹2,380 करोड़ में खरीद ली है।
इस ट्रांजैक्शन के बाद कंपनी के प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन प्रमोटर समूह के भीतर शेयरहोल्डिंग का पुनर्गठन जरूर देखने को मिला है।
₹2,380 करोड़ में खरीदे 1.7 करोड़ शेयर
NSE पर उपलब्ध ब्लॉक डील डेटा के मुताबिक, अदाणी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड ने अदाणी ग्रीन एनर्जी के 1.70 करोड़ शेयर खरीदे। यह कंपनी की कुल इक्विटी का 1.03% हिस्सा है।
- खरीदे गए शेयर: 1.70 करोड़
- हिस्सेदारी: 1.03%
- औसत खरीद मूल्य: ₹1,400 प्रति शेयर
- कुल डील वैल्यू: करीब ₹2,380 करोड़
यह ट्रांजैक्शन सोमवार को ब्लॉक डील के जरिए पूरा किया गया।
किस कंपनी ने बेचे शेयर?
इस डील में शेयर बेचने वाली कंपनी ऑर्डर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड रही, जो स्वयं भी Adani Green Energy की प्रमोटर कंपनी है।
सौदे के बाद दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी में यह बदलाव हुआ—
| कंपनी | पहले हिस्सेदारी | अब हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| अदाणी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड | 1.31% | 2.34% |
| ऑर्डर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड | 5.04% | 4.01% |
प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं
मार्केट सूत्रों के अनुसार यह सिर्फ प्रमोटर समूह की दो कंपनियों के बीच इंटरनल ट्रांसफर था। इसलिए इस डील का कंपनी के कुल प्रमोटर शेयरहोल्डिंग पर कोई असर नहीं पड़ा।
यानी निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह किसी प्रमोटर द्वारा हिस्सेदारी घटाने या कंपनी से बाहर निकलने का मामला नहीं है, बल्कि समूह के भीतर शेयरों का पुनर्वितरण है।
जून में भी हुई थी बड़ी डील
यह पहली बार नहीं है जब अदाणी इंफ्रा ने AGEL में हिस्सेदारी बढ़ाई हो।
करीब दो महीने पहले जून में भी अदाणी इंफ्रा ने ओपन मार्केट के जरिए ऑर्डर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड से:
- 2.15 करोड़ शेयर
- 1.31% हिस्सेदारी
- ₹3,246 करोड़ की डील
के माध्यम से खरीदे थे।
अब ताजा खरीद के बाद अदाणी इंफ्रा की AGEL में हिस्सेदारी और मजबूत हो गई है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?
इस तरह की इंटरनल प्रमोटर डील आमतौर पर कंपनी की कारोबारी गतिविधियों या वित्तीय प्रदर्शन को सीधे प्रभावित नहीं करती। हालांकि, इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि प्रमोटर समूह अपनी शेयरहोल्डिंग संरचना को रणनीतिक रूप से पुनर्गठित कर रहा है।
चूंकि कुल प्रमोटर हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए इसे प्रमोटर की हिस्सेदारी घटने या बढ़ने के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
Adani Green Energy पर निवेशकों की नजर
Adani Green Energy देश की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल है। कंपनी सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स में तेजी से विस्तार कर रही है। ऐसे में प्रमोटर समूह की ओर से लगातार हिस्सेदारी का पुनर्गठन बाजार की नजर में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर
यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


