Share Market Crash: वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सेंसेक्स (Sensex) अचानक फिसल गया और इंट्रा-डे हाई से 700 अंकों से ज्यादा टूट गया। वहीं निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24,500 के अहम स्तर के नीचे पहुंच गया। बाजार में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
एक कारोबारी दिन पहले यानी 3 अगस्त को सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) की तेजी के साथ 78,639.03 पर और निफ्टी 390.70 अंक (1.60%) की बढ़त के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार को बाजार का मूड पूरी तरह बदल गया।
बाजार में अचानक क्यों आई बड़ी गिरावट?
बाजार में गिरावट के पीछे एक नहीं बल्कि कई वजहें एक साथ सामने आईं। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए नियमों से लेकर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वीकली एक्सपायरी तक कई फैक्टर्स ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
दोपहर करीब 1:07 बजे सेंसेक्स 249.56 अंक (0.32%) की गिरावट के साथ 78,389.47 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 283.30 अंक (1.14%) टूटकर 24,491.00 पर पहुंच गया।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स पहले 79,143.15 तक चढ़ा, लेकिन वहां से करीब 781 अंक लुढ़ककर 78,361.79 तक आ गया। वहीं निफ्टी भी 24,483.20 के निचले स्तर तक फिसल गया।
1. नए CAS सिस्टम ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा Closing Auction Session (CAS) के नए सिस्टम को लेकर रही। कई ब्रोकरेज हाउस ने अपने रिटेल ग्राहकों को सलाह दी कि वे दोपहर 3:00 बजे से पहले अपनी ट्रेडिंग पोजिशन स्क्वेयर ऑफ कर लें, क्योंकि नए सिस्टम के शुरुआती दिनों में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इस सलाह का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा और निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए बिकवाली बढ़ा दी।
2. आईटी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भारी दबाव
आज की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान आईटी और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर का रहा।
- आईटी इंडेक्स करीब 1.5% टूटा।
- प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी जोरदार बिकवाली हुई।
- निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.5% से अधिक गिरा।
- FMCG इंडेक्स में 1% से ज्यादा कमजोरी रही।
- ऑटो और PSU बैंक इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते रहे।
इन सेक्टर्स में बिकवाली ने पूरे बाजार पर दबाव बढ़ा दिया।
3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1% से अधिक बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।
4. India VIX में तेजी
बाजार की घबराहट को मापने वाला इंडेक्स India VIX भी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
फिलहाल India VIX करीब 2.41% बढ़कर 12.21 पर पहुंच गया। VIX में बढ़ोतरी का मतलब है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक सतर्क नजर आए।
5. निफ्टी की वीकली एक्सपायरी
आज निफ्टी डेरिवेटिव्स की वीकली एक्सपायरी भी थी। एक्सपायरी वाले दिन आमतौर पर ऑप्शन और फ्यूचर्स ट्रेडर्स की बड़ी पोजिशन एडजस्ट होती हैं, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
इस बार CAS सिस्टम को लेकर बनी अनिश्चितता ने एक्सपायरी डे की वोलैटिलिटी को और बढ़ा दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
गिरावट सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रही।
- निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.5% कमजोर हुआ।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी लाल निशान में कारोबार करता दिखा।
- व्यापक बाजार (Broad Market) में बिकवाली का दबाव अधिक देखने को मिला।
इससे साफ है कि निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में भी मुनाफावसूली की।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि CAS सिस्टम को लेकर शुरुआती दिनों में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक संकेत और वीकली एक्सपायरी जैसे फैक्टर्स भी निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय गुणवत्ता वाले शेयरों पर फोकस करना चाहिए और जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दी गई जानकारी केवल समाचार एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


