Dabur India Share Price Fall: FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया को बड़ा झटका लगा है। खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने कंपनी के कई फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई करते हुए ऐसे उत्पादों की बिक्री रोकने का आदेश दिया है, जिन पर ‘100% Natural’, ‘100% Pure’ और ‘100% Organic’ जैसे दावे किए गए हैं। इस खबर के बाद मंगलवार, 4 अगस्त को डाबर इंडिया के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
मंगलवार के कारोबार में डाबर इंडिया के शेयर 2.42% गिरकर ₹415.50 के स्तर पर आ गए। निवेशकों में चिंता बढ़ने की वजह FSSAI की कार्रवाई रही। हालांकि कंपनी ने कहा है कि उसे नियामक का नोटिस मिला है और वह मामले की समीक्षा कर रही है।
FSSAI ने किन डाबर प्रोडक्ट्स पर लगाई रोक?
Food regulator FSSAI has prohibited Dabur India from selling food products carrying misleading ‘100%’ claims. The products include honey, cow ghee, edible oils, apple cider vinegar, coconut water and coconut milk. @fssaiindia said such claims violate the Food Safety and… pic.twitter.com/MJPYZ5p91d
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 4, 2026 FSSAI ने डाबर इंडिया को उन सभी खाद्य उत्पादों की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया है, जिनके लेबल या विज्ञापनों में भ्रामक शुद्धता और प्राकृतिक होने के दावे किए गए हैं।
नियामक की कार्रवाई के दायरे में आने वाले प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:
- डाबर हनी (Honey) और गाय का घी
- डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर
- वर्जिन कोकोनट ऑयल
- तिल का तेल
- नारियल पानी
- डाबर होममेड कोकोनट मिल्क
FSSAI का कहना है कि खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापन में ऐसे दावे नहीं किए जा सकते, जो उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता या शुद्धता को लेकर भ्रमित करें।
‘100% Pure’ और ‘100% Natural’ दावे क्यों बने विवाद?
खाद्य सुरक्षा नियामक के अनुसार, FSS (Advertising & Claims) Regulation, 2018 के तहत ‘100% Pure’, ‘100% Natural’ और ‘100% Organic’ जैसे दावे स्पष्ट प्रमाण के बिना इस्तेमाल नहीं किए जा सकते।
FSSAI ने कहा कि ऐसे शब्द आम ग्राहकों को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति को लेकर भ्रमित कर सकते हैं। नियामक के मुताबिक, किसी खाद्य पदार्थ को केवल मार्केटिंग के उद्देश्य से पूरी तरह प्राकृतिक या शुद्ध बताना नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
ऑर्गेनिक लोगो के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान FSSAI ने पाया कि ‘डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर’ और ‘डाबर ऑर्गेनिक हनी’ पर बिना वैध FSSAI ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट के ‘जैविक भारत’ (Jaivik Bharat) लोगो का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसके अलावा डाबर होममेड कोकोनट मिल्क जैसे मिश्रित खाद्य उत्पाद पर ‘100% Purity’ लिखने को भी नियमों के खिलाफ बताया गया।
FSSAI का कहना है कि ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए निर्धारित मानकों और प्रमाणन प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
पहले भी दिया गया था सुधार का निर्देश
FSSAI ने बताया कि डाबर इंडिया को पहले भी ऐसे दावों को हटाने और विज्ञापन में बदलाव करने के लिए कहा गया था। लेकिन नियामक के अनुसार, कंपनी की तरफ से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।
अब FSSAI ने डाबर को निर्देश दिया है कि वह 15 दिनों के भीतर Action Taken Report (ATR) जमा करे और बताए कि उसने नियमों के पालन के लिए क्या कदम उठाए हैं।
डाबर इंडिया ने क्या कहा?
डाबर इंडिया ने अपने बयान में कहा कि उसे FSSAI की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ है। कंपनी ने कहा कि वह अपनी वेबसाइट, प्रोडक्ट लेबलिंग और संबंधित दावों की समीक्षा कर रही है और जरूरत के अनुसार जरूरी बदलाव करेगी।
कंपनी ने यह भी संकेत दिया कि वह नियामक के निर्देशों का पालन करेगी।
FMCG कंपनियों पर FSSAI की बढ़ती सख्ती
डाबर पर हुई यह कार्रवाई FMCG सेक्टर में नियामक की बढ़ती सख्ती का हिस्सा है। FSSAI लगातार पैकेज्ड फूड, हेल्थ ड्रिंक और विज्ञापन दावों को लेकर कंपनियों पर नजर रख रहा है।
हाल ही में पेप्सिको इंडिया ने अपने लोकप्रिय ड्रिंक Sting की पैकेजिंग से ‘Energy’ शब्द हटाया था। इसके पीछे वजह यह थी कि नियामक ने ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर नियमों में बदलाव किए थे।
इससे पहले जूस बनाने वाली कंपनियों को भी अपने पैकेट से ‘100% Fruit Juice’ जैसे दावों को हटाने के निर्देश दिए गए थे।
डाबर शेयरों पर पड़ा असर
FSSAI की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ी और डाबर इंडिया के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
हालांकि कंपनी एक मजबूत FMCG ब्रांड है और इसका कारोबार हेल्थकेयर, पर्सनल केयर, फूड और होम केयर जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। लेकिन नियामकीय कार्रवाई से कंपनी की ब्रांड इमेज और बिक्री पर संभावित असर को लेकर बाजार सतर्क नजर आया।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता है।


