Sonu Nigam: बॉलीवुड के मशहूर गायक सोनू निगम ने अपने करियर के उस दौर को याद किया है जब कलाकारों के अधिकारों और रॉयल्टी की लड़ाई लड़ने की वजह से उन्हें बड़ी म्यूज़िक कंपनियों के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने खुलासा किया कि कॉपीराइट और सिंगर्स के अधिकारों की बात उठाने के बाद टी-सीरीज़ और ज़ी म्यूज़िक ने उनके साथ काम करना बंद कर दिया था। हालांकि, उनका कहना है कि इस संघर्ष का फायदा आखिरकार पूरी म्यूज़िक इंडस्ट्री को मिला और आज गायकों को पहले से बेहतर अधिकार और रॉयल्टी मिल रही है।
कलाकारों के अधिकारों की लड़ाई बनी मुश्किलों की वजह
सोनू निगम ने हाल ही में फिल्म ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट ‘गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़’ में अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने गायकों के कॉपीराइट, रॉयल्टी और उचित भुगतान के मुद्दे उठाने शुरू किए, तो इसका सीधा असर उनके प्रोफेशनल करियर पर पड़ा।
सोनू ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी सिंगिंग कम्युनिटी के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करना था ताकि कलाकारों को उनके काम का उचित सम्मान और आर्थिक अधिकार मिल सके।
“टी-सीरीज़ और ज़ी म्यूज़िक ने मेरे साथ काम करना बंद कर दिया”
पॉडकास्ट में सोनू निगम ने कहा कि कॉपीराइट की आवाज़ उठाने के बाद बड़े म्यूज़िक लेबल्स उनसे दूरी बनाने लगे।
उन्होंने कहा,
“फिर मैंने कॉपीराइट का मुद्दा उठाया। टी-सीरीज़ ने मुझे बैन कर दिया। ज़ी म्यूज़िक ने भी मेरे साथ काम करना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि यह तो एक्टिविस्ट बन गया है।”
सोनू के मुताबिक उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि कलाकारों के अधिकारों की बात करने की इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
“सोचा था बातचीत से हल निकल जाएगा”
सोनू निगम ने बताया कि शुरुआत में उन्हें विश्वास था कि बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकल जाएगा, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते चले गए।
उन्होंने कहा,
“मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे बैन कर दिया जाएगा। मुझे लगा था कि आखिरकार हम इस मुद्दे को सुलझा लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”
उन्होंने आगे कहा कि जब रिकॉर्डिंग के अवसर कम होने लगे, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी सबसे बड़ी ताकत लाइव स्टेज परफॉर्मेंस है।
“अगर वे मुझे गाने देना बंद कर दें, तब भी वे मुझे स्टेज पर गाने से नहीं रोक सकते।”
कई गाने दूसरे गायकों को दिए गए
सोनू निगम ने पहले भी दावा किया था कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के बाद उनके रिकॉर्ड किए हुए गाने दूसरे गायकों को दे दिए गए थे। उनका मानना था कि कलाकारों को अपनी रचनाओं पर अधिक अधिकार और उचित रॉयल्टी मिलनी चाहिए।
उन्होंने वर्षों तक इस मुद्दे पर लगातार आवाज़ उठाई और म्यूज़िक इंडस्ट्री में पारदर्शिता की मांग की।
“आज वही कंपनियां रॉयल्टी दे रही हैं”
सोनू निगम ने कहा कि समय के साथ इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आया है और अब वही म्यूज़िक कंपनियां गायकों को रॉयल्टी देने लगी हैं।
उन्होंने कहा,
“आज हालात बदल गए हैं। वही म्यूज़िक लेबल अब गायकों को रॉयल्टी दे रहे हैं। अब हम प्यार से मिलते हैं, साथ बैठते हैं और साथ खाना भी खाते हैं। किसी न किसी को तो यह पहल करनी ही थी।”
उनके मुताबिक इस बदलाव से आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को भी फायदा मिलेगा।
लता मंगेशकर का भी किया ज़िक्र
सोनू निगम ने बातचीत के दौरान स्वर कोकिला लता मंगेशकर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा महसूस हुआ कि कलाकारों के अधिकारों की यह लड़ाई उनके व्यक्तिगत करियर से कहीं बड़ी थी।
उन्होंने कहा,
“भगवान ने मुझे सिर्फ़ गाने के लिए नहीं बनाया था। उन्होंने मुझे एक मकसद दिया था—उस काम को आगे बढ़ाने का, जिसे लता मंगेशकर जी ने शुरू तो किया था, लेकिन पूरा नहीं कर पाई थीं।”
सोनू के अनुसार यदि उस समय किसी ने पहल नहीं की होती, तो शायद कलाकारों के अधिकारों को लेकर बदलाव आने में और अधिक समय लगता।
करियर के सुनहरे दौर को भी किया याद
सोनू निगम ने अपने करियर के शुरुआती सुनहरे दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब उनकी एल्बम रिलीज़ होते ही सुपरहिट हो जाती थीं और उनके पोस्टर तक बिकते थे।
उन्होंने कहा,
“मेरा भी समय आया, फिर बीत गया और अब वह समय फिर से लौट आया है। जब मैं अपने करियर के पीक पर था, तब लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया।”
निष्कर्ष
सोनू निगम की यह कहानी सिर्फ एक गायक के संघर्ष की नहीं, बल्कि पूरी म्यूज़िक इंडस्ट्री में कलाकारों के अधिकारों के लिए लड़ी गई एक अहम लड़ाई की कहानी है। उनका कहना है कि भले ही उन्हें अपने करियर में मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन आज कॉपीराइट और रॉयल्टी को लेकर जो सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, वे उसी संघर्ष का परिणाम हैं। कलाकारों के अधिकारों को लेकर उनकी यह पहल आने वाली पीढ़ियों के गायकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल मानी जा रही है।


