IRFC Q1 Results: भारतीय रेलवे की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाली सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 10% से अधिक बढ़कर ₹1,927 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू और नेटवर्थ अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि IRFC ने एक बार फिर ‘जीरो NPA’ (Non-Performing Asset) का दर्जा बरकरार रखा है, जो उसकी मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर जोखिम प्रबंधन को दर्शाता है।
हालांकि, बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में निवेशकों का उत्साह सीमित रहा और शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.26% की गिरावट के साथ ₹88.90 पर बंद हुआ।
जून तिमाही में 10.4% बढ़ा मुनाफा
IRFC द्वारा जारी वित्तीय नतीजों के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 10.4% बढ़कर ₹1,927 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने ₹1,745.69 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।
लगातार बेहतर प्रदर्शन से यह साफ है कि कंपनी की आय और संचालन क्षमता दोनों में सुधार हुआ है।
रेवेन्यू ने बनाया नया रिकॉर्ड
तिमाही के दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू 19.46% बढ़कर ₹8,261.11 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹6,915 करोड़ था।
यह अब तक का कंपनी का सबसे अधिक तिमाही रेवेन्यू है, जिससे साफ है कि रेलवे फाइनेंसिंग के साथ-साथ कंपनी के कारोबार का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची नेटवर्थ
IRFC की 30 जून 2026 तक कुल नेटवर्थ ₹58,791.95 करोड़ हो गई, जबकि 31 मार्च 2026 को यह ₹56,748.76 करोड़ थी।
कंपनी ने बताया कि स्थापना के बाद से यह उसकी सबसे अधिक नेटवर्थ है। लगातार मुनाफे और आय को दोबारा कारोबार में निवेश करने से कंपनी की बैलेंस शीट पहले से अधिक मजबूत हुई है।
जीरो NPA का रिकॉर्ड कायम
IRFC की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि कंपनी ने इस तिमाही में भी जीरो NPA का रिकॉर्ड बनाए रखा।
यानी कंपनी की लोन बुक में एक भी खराब कर्ज (Non-Performing Asset) नहीं है। यह सरकारी वित्तीय संस्थानों में बेहद मजबूत एसेट क्वालिटी का संकेत माना जाता है।
इसके अलावा,
- नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): 1.48%
- एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM): ₹4.79 लाख करोड़
हालांकि मार्च 2026 के अंत में AUM ₹4.85 लाख करोड़ था, लेकिन कंपनी की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है।
क्या बोले CMD मनोज कुमार दुबे?
IRFC के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत कंपनी के लिए बेहद शानदार रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने पहली तिमाही में:
- अब तक का सबसे अधिक रेवेन्यू दर्ज किया।
- रिकॉर्ड नेटवर्थ हासिल की।
- रिकॉर्ड मुनाफा कमाया।
- जीरो NPA की स्थिति बरकरार रखी।
उन्होंने बताया कि IRFC 2.0 रणनीति के तहत कंपनी अब केवल रेलवे फाइनेंसिंग तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि मोबिलिटी और उससे जुड़े अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में यही रणनीति आय, मुनाफे और मार्जिन को और मजबूत बनाएगी।
शेयर बाजार में कैसा रहा प्रदर्शन?
मजबूत नतीजों के बावजूद शुक्रवार के कारोबारी सत्र में IRFC के शेयरों में ज्यादा तेजी देखने को नहीं मिली।
- इंट्राडे में शेयर करीब 1.67% तक फिसला।
- बाद में इसमें कुछ रिकवरी आई।
- अंत में शेयर 0.26% गिरकर ₹88.90 पर बंद हुआ।
यदि लंबी अवधि की बात करें तो पिछले एक वर्ष में IRFC का शेयर करीब 32.34% कमजोर हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
IRFC के ताजा तिमाही नतीजे बताते हैं कि कंपनी की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ता रेवेन्यू, मजबूत नेटवर्थ और जीरो NPA जैसी उपलब्धियां निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
हालांकि, शेयर बाजार में फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। ऐसे में आगे कंपनी की ग्रोथ रणनीति, रेलवे परियोजनाओं में निवेश और नए बिजनेस विस्तार पर बाजार की नजर रहेगी।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


