KPIT Tech Share Price: ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विसेज कंपनी KPIT Technologies के शेयर गुरुवार (30 जुलाई) को भारी बिकवाली का शिकार हो गए। कंपनी के जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों और मैनेजमेंट की कमेंट्री के बाद ब्रोकरेज Axis Capital ने स्टॉक पर अपना रुख और अधिक नकारात्मक कर दिया। इसके बाद शेयर इंट्राडे में करीब 8% तक टूट गया।
ब्रोकरेज ने स्टॉक की रेटिंग ‘Reduce’ से घटाकर ‘Sell’ कर दी है। साथ ही टारगेट प्राइस को ₹680 से घटाकर ₹470 कर दिया गया है। यह नया लक्ष्य मौजूदा बाजार भाव से करीब 27% अतिरिक्त गिरावट की संभावना दिखाता है। लगातार दबाव के चलते KPIT Tech का शेयर इस साल अब तक करीब 50% टूट चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
Axis Capital ने क्यों घटाई रेटिंग?
Axis Capital का मानना है कि कंपनी के सामने निकट भविष्य में कई चुनौतियां बनी हुई हैं। खासतौर पर यूरोप के ऑटो सेक्टर में सुस्ती, डील्स के पूरा होने में देरी और मार्जिन पर दबाव कंपनी की ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है।
ब्रोकरेज ने कहा कि इन चुनौतियों को देखते हुए निकट अवधि में शेयर में तेजी की संभावना सीमित नजर आती है। यही वजह है कि उसने अपनी रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी और टारगेट प्राइस में भी बड़ी कटौती की।
Q1 में कैसी रही कंपनी की परफॉर्मेंस?
KPIT Technologies ने पहली तिमाही में US डॉलर के आधार पर रेवेन्यू में सालाना 0.6% की गिरावट दर्ज की। हालांकि यह गिरावट कंपनी की शुरुआती गाइडेंस से थोड़ी बेहतर रही। जुलाई की शुरुआत में मैनेजमेंट ने करीब 1% गिरावट का अनुमान जताया था।
फिर भी निवेशकों का फोकस भविष्य की ग्रोथ और यूरोप से जुड़े जोखिमों पर रहा, जिसके कारण शेयर पर दबाव बना रहा।
मैनेजमेंट ने क्या कहा?
कंपनी के मैनेजमेंट ने अर्निंग्स कॉल में बताया कि अमेरिका के कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में अच्छी मांग देखने को मिली है और आने वाली तिमाहियों में भी इसमें मजबूती रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा कंपनी ने अपने क्लाइंट बेस का विस्तार करते हुए—
- ऑफ-हाइवे सेगमेंट में 7 नए OEM ग्राहक जोड़े।
- ट्रक और बस बिजनेस में 4 नए क्लाइंट शामिल किए।
मैनेजमेंट का मानना है कि मजबूत पाइपलाइन और नए ग्राहकों के जुड़ने से लंबी अवधि में बिजनेस को फायदा मिलेगा।
यूरोप बना सबसे बड़ी चिंता
KPIT Tech के लिए सबसे बड़ी चुनौती फिलहाल यूरोप बना हुआ है। कंपनी ने बताया कि पहली तिमाही में यूरोपियन बिजनेस के रेवेन्यू पर करीब 4% का असर पड़ा और दूसरी तिमाही में भी ऐसा ही दबाव बने रहने की संभावना है।
मैनेजमेंट के अनुसार,
- यूरोप में कई बड़ी डील्स का क्लोजिंग टाइम अनिश्चित बना हुआ है।
- चीनी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा यूरोपियन OEM पर दबाव बना रही है।
- टैरिफ और कमजोर ऑटो डिमांड भी कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं।
यह चिंता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि KPIT Technologies की कुल आय का 50% से अधिक हिस्सा यूरोप से आता है।
मार्जिन पर कब आएगा सुधार?
कंपनी ने कहा कि चौथी तिमाही तक सामान्य मार्जिन पर लौटना काफी हद तक रेवेन्यू ग्रोथ पर निर्भर करेगा।
यूरोप में लागत कम करने की प्रक्रिया अपेक्षा से अधिक समय ले रही है, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। हालांकि कंपनी को भरोसा है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही पहली छमाही से बेहतर रहेगी और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस फिर से ग्रोथ की राह पर लौटेगा।
शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
दोपहर 12:54 बजे KPIT Technologies का शेयर NSE पर 7.32% गिरकर ₹592.40 पर कारोबार कर रहा था।
शेयर का हालिया प्रदर्शन देखें तो—
- आज: इंट्राडे में करीब 8% की गिरावट
- 1 महीने में: लगभग 12% की कमजोरी
- जनवरी 2026 से अब तक: 49.63% की गिरावट
- पिछले 1 साल में: 53.49% की गिरावट
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
Axis Capital की नकारात्मक रेटिंग और टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती से साफ है कि निकट अवधि में शेयर पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि कंपनी का लंबी अवधि का फोकस ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल (SDV) जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर है।
ऐसे में मौजूदा निवेशकों के लिए अगले कुछ क्वार्टर में यूरोप के कारोबार, नए ऑर्डर्स, मार्जिन रिकवरी और मैनेजमेंट की ग्रोथ गाइडेंस पर नजर रखना अहम रहेगा। वहीं नए निवेशकों के लिए जल्दबाजी में एंट्री लेने के बजाय कंपनी के प्रदर्शन में स्थिर सुधार के संकेतों का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


