US Fed Interest Rate: अमेरिकी सेंट्रल बैंक (US Federal Reserve) ने लगातार पांचवीं मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने प्रमुख ब्याज दर को 3.50% से 3.75% की सीमा में बरकरार रखा। हालांकि, इस बार समिति के भीतर मतभेद भी देखने को मिले। 12 में से 9 सदस्यों ने दरें स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया, जबकि तीन सदस्यों ने महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने की वकालत की। नीति की घोषणा के बाद फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने साफ कहा कि महंगाई के खिलाफ लड़ाई अभी लंबी और कठिन रहने वाली है और जल्द राहत की उम्मीद करना सही नहीं होगा।
तीन सदस्यों ने जताई असहमति
फेड के फैसले में अधिकांश सदस्यों ने मौजूदा ब्याज दरें बनाए रखने का समर्थन किया, लेकिन डलास फेड की प्रेसिडेंट लॉरी लोगन, मिनियापोलिस फेड के प्रेसिडेंट नील काशकारी और क्लीवलैंड फेड की प्रेसिडेंट बेथ हैमैक ने अलग राय रखी। उनका मानना है कि अमेरिका में महंगाई अभी भी फेड के 2% लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है और इसे नियंत्रित करने के लिए ऊंची ब्याज दरों की आवश्यकता है।
इन अधिकारियों का तर्क है कि पिछले पांच वर्षों से महंगाई लगातार लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ऐसे में जल्दबाजी में ब्याज दरें घटाना कीमतों पर दोबारा दबाव बढ़ा सकता है।
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने क्या कहा?
नीति की घोषणा के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने कहा कि फिलहाल वैश्विक और घरेलू आर्थिक हालात अनिश्चित बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भविष्य को लेकर कोई निश्चित पूर्वानुमान देना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि “अनिश्चितता का मतलब स्पष्टता की कमी नहीं है। महंगाई के खिलाफ लड़ाई लंबी होगी और इसका कोई जादुई समाधान नहीं है। चीजें एक-दो दिन या कुछ हफ्तों में सामान्य नहीं होंगी। महंगाई को लक्ष्य तक लाने में अभी समय लगेगा।”
अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
फेड के फैसले और चेयरमैन की सख्त टिप्पणी का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर तुरंत देखने को मिला।
- डाओ जोंस 1,100 से अधिक अंक टूट गया।
- S&P 500 में करीब 1.5% की गिरावट दर्ज हुई।
- Nasdaq Composite लगभग 1.7% फिसल गया।
- Nasdaq-100 में 2% से अधिक की गिरावट आई और यह तकनीकी रूप से करेक्शन ज़ोन में पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन फेड के सख्त रुख ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया।
बॉन्ड यील्ड में भी तेज उछाल
फेड की नीति के बाद अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में भी बिकवाली बढ़ी।
- 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.7% पर पहुंच गई।
- 30 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.21% तक पहुंच गई, जो 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
बॉन्ड यील्ड में तेजी यह संकेत देती है कि निवेशक लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की संभावना को ध्यान में रख रहे हैं।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर फेड का भरोसा
फेड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
केंद्रीय बैंक के अनुसार—
- आर्थिक गतिविधियां अच्छी रफ्तार से बढ़ रही हैं।
- उत्पादकता और पूंजी निवेश मजबूत बने हुए हैं।
- रोजगार बाजार संतुलित स्थिति में है।
- बेरोजगारी दर में बहुत कम बदलाव आया है।
- हालांकि, ऊर्जा सहित कुछ क्षेत्रों में सप्लाई बाधित होने से महंगाई पर दबाव बना हुआ है।
फेड का कहना है कि वह ब्याज दरों में बदलाव से पहले ऐसे और ठोस संकेत देखना चाहता है, जिनसे यह स्पष्ट हो सके कि महंगाई स्थायी रूप से 2% के लक्ष्य की ओर लौट रही है।
आगे क्या रहेगा फेड का रुख?
फेड ने संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में उसकी नीति पूरी तरह आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर रहेगी। यदि महंगाई उम्मीद के मुताबिक नीचे आती है तो भविष्य में ब्याज दरों पर नरमी संभव हो सकती है, लेकिन फिलहाल केंद्रीय बैंक जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के मूड में नहीं दिख रहा है।
फिलहाल निवेशकों की नजरें आने वाले महंगाई (Inflation), रोजगार (Jobs Data) और GDP के आंकड़ों पर रहेंगी, क्योंकि यही तय करेंगे कि फेड अपनी अगली बैठकों में ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लेता है।


