ITR Filing 2026: वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। आखिरी समय में बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न भर रहे हैं। हालांकि जल्दबाजी में की गई छोटी-सी गलती भी बाद में महंगी पड़ सकती है। गलत जानकारी, गलत ITR फॉर्म, अधूरी आय का खुलासा या ई-वेरिफिकेशन न करने जैसी गलतियां रिफंड में देरी, आयकर विभाग के नोटिस या रिटर्न को डिफेक्टिव घोषित किए जाने का कारण बन सकती हैं। इसलिए ‘Submit’ बटन दबाने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहद आवश्यक है।
सिर्फ ITR फाइल करना ही काफी नहीं
कई लोग यह मान लेते हैं कि रिटर्न सबमिट करते ही उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई। जबकि वास्तव में ITR फाइलिंग की प्रक्रिया तभी पूरी मानी जाती है, जब सभी जानकारियां सही हों और रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन भी समय पर कर दिया जाए। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतिम सबमिशन से पहले कुछ मिनट निकालकर पूरी जानकारी दोबारा जांच लेने से भविष्य की कई परेशानियों से बचा जा सकता है।
सबसे पहले सही ITR फॉर्म का चुनाव करें
ITR भरने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने अपनी आय के अनुसार सही ITR फॉर्म चुना है।
अगर आपने गलत ITR फॉर्म भर दिया है, तो आयकर विभाग आपका रिटर्न Defective Return घोषित कर सकता है। इसके बाद आपको दोबारा रिटर्न में सुधार करना पड़ सकता है।
इसके साथ ही इन जानकारियों का भी मिलान करें—
- PAN नंबर
- आधार नंबर
- बैंक अकाउंट डिटेल
- IFSC Code
- मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
इनमें किसी भी प्रकार की गलती रिफंड मिलने में देरी का कारण बन सकती है।
AIS, TIS और Form 26AS का मिलान जरूर करें
रिटर्न फाइल करने से पहले AIS (Annual Information Statement), TIS (Taxpayer Information Summary) और Form 26AS में दर्ज जानकारी को ITR से जरूर मिलाएं।
इन दस्तावेजों में निम्न जानकारी सही होनी चाहिए—
- सैलरी इनकम
- बैंक ब्याज
- FD Interest
- कैपिटल गेन
- शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांजैक्शन
- TDS की जानकारी
- अन्य आय
अगर इन रिकॉर्ड्स और आपके ITR में कोई अंतर दिखाई देता है, तो पहले उसका कारण समझें और सुधार करने के बाद ही रिटर्न फाइल करें।
सिर्फ प्री-फिल्ड डेटा पर भरोसा न करें
आजकल आयकर पोर्टल पर कई जानकारियां पहले से भरी हुई (Pre-filled Data) मिल जाती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह पूरी तरह सही या पूर्ण ही हो।
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार—
- सभी डिडक्शन का दावा तभी करें जब आपके पास संबंधित दस्तावेज हों।
- कैपिटल गेन की गणना सही तरीके से करें।
- टैक्स-फ्री इनकम को भी नियमों के अनुसार जरूर दिखाएं।
- अगर कोई अतिरिक्त आय है जो प्री-फिल्ड डेटा में नहीं है, तो उसे स्वयं जोड़ें।
याद रखें कि सही रिटर्न दाखिल करने की जिम्मेदारी पूरी तरह टैक्सपेयर्स की होती है।
डिडक्शन और टैक्स भुगतान की जानकारी जांच लें
रिटर्न सबमिट करने से पहले यह भी देख लें कि—
- धारा 80C, 80D, 80CCD आदि के तहत किए गए दावों की राशि सही दर्ज हुई है।
- यदि आपने Self Assessment Tax या Advance Tax जमा किया है, तो उसका चालान सही दिखाई दे रहा है।
- TDS और टैक्स क्रेडिट पूरी तरह मैच कर रहे हैं।
गलत टैक्स क्रेडिट के कारण रिफंड अटक सकता है या अतिरिक्त टैक्स की मांग आ सकती है।
बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेटेड होना चाहिए
यदि आप रिफंड के पात्र हैं तो सुनिश्चित करें कि—
- बैंक अकाउंट सही दर्ज हो।
- वही अकाउंट रिफंड के लिए चुना गया हो।
- बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेटेड हो।
गलत बैंक विवरण होने पर रिफंड आने में अनावश्यक देरी हो सकती है।
ई-वेरिफिकेशन करना बिल्कुल न भूलें
सबसे आम गलती यही होती है कि लोग रिटर्न सबमिट करने के बाद ई-वेरिफिकेशन करना भूल जाते हैं।
ध्यान रखें कि केवल ITR सबमिट करना पर्याप्त नहीं है। जब तक निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-वेरिफिकेशन नहीं किया जाता, तब तक आयकर विभाग आमतौर पर रिटर्न को पूर्ण रूप से दाखिल नहीं मानता।
आप OTP, नेट बैंकिंग, बैंक अकाउंट या डीमैट अकाउंट के जरिए आसानी से ई-वेरिफिकेशन कर सकते हैं।
आखिरी समय में जल्दबाजी से बचें
31 जुलाई की अंतिम तारीख पर आयकर पोर्टल पर ट्रैफिक बढ़ सकता है। इसलिए अंतिम मिनट का इंतजार करने के बजाय समय रहते सभी दस्तावेजों की जांच कर लें। रिटर्न सबमिट करने से पहले दो-तीन मिनट निकालकर पूरी जानकारी दोबारा पढ़ना भविष्य में नोटिस, रिफंड में देरी और संशोधित रिटर्न दाखिल करने जैसी परेशानियों से बचा सकता है।
निष्कर्ष
ITR फाइल करना हर टैक्सपेयर्स की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। लेकिन सही तरीके से ITR दाखिल करना उससे भी ज्यादा जरूरी है। सही ITR फॉर्म चुनना, AIS, TIS और Form 26AS का मिलान करना, डिडक्शन और टैक्स भुगतान की जांच करना तथा समय पर ई-वेरिफिकेशन करना आपकी फाइलिंग प्रक्रिया को सुरक्षित और आसान बना सकता है। यदि आप अंतिम समय में रिटर्न भर रहे हैं, तो जल्दबाजी के बजाय सावधानी से हर जानकारी की पुष्टि करें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। टैक्स से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट या योग्य टैक्स सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। NewsJagran किसी भी वित्तीय या कर संबंधी निर्णय के लिए प्रत्यक्ष जिम्मेदारी नहीं लेता।


