GRSE Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 44% बढ़कर 172.8 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि रेवेन्यू में 38.5% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और मजबूत ऑर्डर बुक के चलते नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी 2% से अधिक की तेजी देखने को मिली।
Highlights
- Q1 में नेट प्रॉफिट 43.8% बढ़कर ₹172.8 करोड़
- ऑपरेशन से रेवेन्यू 38.5% बढ़कर ₹1,814.6 करोड़
- EBITDA 33.3% बढ़कर ₹149.2 करोड़
- EBITDA मार्जिन 8.5% से घटकर 8.2% रहा
- EPS बढ़कर ₹15.09 हुई
- डेट-टू-इक्विटी रेशियो सिर्फ 0.014
- शेयर नतीजों के बाद 2% से ज्यादा उछला
जून तिमाही में 44% बढ़ा मुनाफा
GRSE ने जून 2026 तिमाही में 172.8 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 120.2 करोड़ रुपये के मुकाबले 43.8% अधिक है। कंपनी की आय में यह बढ़ोतरी मजबूत ऑर्डर निष्पादन और रक्षा क्षेत्र में लगातार बढ़ती मांग का परिणाम मानी जा रही है।
रेवेन्यू में भी जोरदार उछाल
कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 1,814.6 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 1,309.9 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने सालाना आधार पर 38.5% की ग्रोथ दर्ज की।
वहीं, कंपनी की कुल आय (Total Income) भी बढ़कर 1,914.2 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,382.4 करोड़ रुपये थी।
EBITDA बढ़ा, लेकिन मार्जिन में हल्की गिरावट
GRSE का EBITDA इस तिमाही में 149.2 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 111.9 करोड़ रुपये की तुलना में 33.3% अधिक है।
हालांकि, बढ़ती लागत के कारण EBITDA मार्जिन में मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह पिछले साल के 8.5% से घटकर 8.2% रह गया।
PBT और EPS में भी शानदार सुधार
कंपनी का टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) बढ़कर 231.5 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 166.7 करोड़ रुपये था। इसमें लगभग 38.9% की बढ़ोतरी हुई।
वहीं, प्रति शेयर आय (EPS) भी 10.49 रुपये से बढ़कर 15.09 रुपये पहुंच गई, जो कंपनी की मजबूत कमाई को दर्शाती है।
कच्चे माल की लागत में बड़ा इजाफा
जून तिमाही में कंपनी के खर्चों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
- कच्चे माल पर खर्च बढ़कर 1,244.2 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 679.9 करोड़ रुपये था।
- रीसेल के लिए खरीदे गए उत्पादों पर खर्च 72 करोड़ रुपये से बढ़कर 128.1 करोड़ रुपये हो गया।
- हालांकि, सब-कॉन्ट्रैक्टिंग चार्ज घटकर 81.5 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल यह 235.6 करोड़ रुपये था।
- कुल खर्च बढ़कर 1,682.7 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
बैलेंस शीट पहले से ज्यादा मजबूत
GRSE की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत होती दिख रही है।
- नेटवर्थ बढ़कर 2,799.7 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 2,198.8 करोड़ रुपये थी।
- करंट रेशियो 1.18 गुना से बढ़कर 1.32 गुना हो गया।
- नेट प्रॉफिट मार्जिन 9.17% से बढ़कर 9.52% पहुंच गया।
- डेट-टू-इक्विटी रेशियो सिर्फ 0.014 रहा, जो बेहद कम कर्ज और मजबूत बैलेंस शीट का संकेत देता है।
शेयर में दिखी तेजी
तिमाही नतीजों के बाद GRSE के शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान 2% से अधिक की तेजी देखने को मिली। हालांकि, बाद में कुछ मुनाफावसूली के चलते बढ़त सीमित हो गई। दोपहर करीब 3 बजे शेयर 0.69% की बढ़त के साथ 2,628 रुपये पर कारोबार करता नजर आया।
यदि लंबी अवधि के प्रदर्शन की बात करें तो वर्ष 2026 में अब तक यह शेयर करीब 7% का रिटर्न दे चुका है। वहीं, पिछले 5 वर्षों में करीब 1,229% का मल्टीबैगर रिटर्न देकर इसने निवेशकों को शानदार लाभ पहुंचाया है।
क्या कहते हैं ये नतीजे?
GRSE के Q1 नतीजे यह संकेत देते हैं कि कंपनी का ऑर्डर निष्पादन मजबूत बना हुआ है और सरकारी रक्षा परियोजनाओं से उसे लगातार फायदा मिल रहा है। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव देखने को मिला, लेकिन मजबूत मुनाफा, बेहतर बैलेंस शीट और कम कर्ज कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाते हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


