Success Story of Nishtha Rawat: नौकरी छोड़ना अक्सर लोगों के लिए सबसे बड़ा जोखिम माना जाता है। लेकिन जयपुर की रहने वाली निष्ठा रावत ने इसी जोखिम को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। फैशन इंडस्ट्री में करीब चार साल नौकरी करने के बाद उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू किया और महज 10 महीनों में ऐसा ब्रांड तैयार कर दिया, जो आज हर महीने करीब ₹14 लाख का रेवेन्यू हासिल कर रहा है। उनका ब्रांड ‘Nehfi’ पारंपरिक भारतीय हस्तकला और मॉडर्न फैशन का शानदार मेल है, जिसे युवा महिलाओं से लेकर कामकाजी प्रोफेशनल्स तक खूब पसंद कर रहे हैं।
नौकरी छोड़ने के बाद शुरू हुई असली यात्रा

जयपुर की निष्ठा रावत ने कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद INIFD, जयपुर से फैशन डिजाइनिंग में मास्टर्स की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कई प्रतिष्ठित फैशन ब्रांड्स के साथ लगभग चार वर्षों तक काम किया। नौकरी के दौरान उन्हें इंडस्ट्री की जरूरतों, ग्राहकों की पसंद और फैशन मार्केट की बारीकियों को समझने का मौका मिला।
हालांकि उनके मन में हमेशा से अपना खुद का फैशन ब्रांड बनाने का सपना था। शादी के बाद नौकरी और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा था। इसी दौरान उन्होंने बड़ा फैसला लिया और सितंबर 2024 में नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू कर दिया।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से अपना ब्रांड बनाना चाहती थीं और नौकरी छोड़ने से उन्हें आखिरकार अपने इस सपने पर पूरी तरह काम करने का अवसर मिला।
मार्केट रिसर्च में मिला बड़ा बिजनेस आइडिया

ब्रांड लॉन्च करने से पहले निष्ठा ने बाजार का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने देखा कि महिलाओं के फैशन में दो तरह के विकल्प ज्यादा मौजूद थे। एक तरफ भारी-भरकम एथनिक आउटफिट्स थे, जिन्हें केवल त्योहारों या शादी-ब्याह में पहना जाता है। दूसरी ओर पूरी तरह वेस्टर्न और ट्रेंडी कपड़ों की भरमार थी।
उन्हें लगा कि इन दोनों के बीच एक बड़ा गैप है। उन्होंने ऐसा कलेक्शन तैयार करने का फैसला किया जो 22 से 40 वर्ष की महिलाओं के लिए रोजमर्रा की जरूरतों के अनुसार हो। उनके डिजाइन में जयपुर की पारंपरिक ब्लॉक प्रिंट, हस्तकला और भारतीय कलात्मकता को आधुनिक स्टाइल के साथ जोड़ा गया, ताकि महिलाएं इन्हें ऑफिस, ट्रैवल, कैजुअल आउटिंग और छोटे आयोजनों में आसानी से पहन सकें।
घर से हुई थी बिजनेस की शुरुआत

‘Nehfi’ की शुरुआत किसी बड़ी फैक्ट्री या भारी निवेश से नहीं हुई थी। शुरुआती दिनों में निष्ठा अपने घर से ही काम करती थीं। स्थानीय दर्जियों की मदद से कपड़े तैयार करवाए जाते थे, जबकि डिजाइनिंग, ब्रांडिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग और ग्राहकों से बातचीत जैसे सभी काम वह स्वयं संभालती थीं।
इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, का प्रभावी उपयोग किया। धीरे-धीरे उनके डिजाइनों को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा।
एक वायरल वीडियो ने बदल दी किस्मत
ब्रांड की असली पहचान तब बनी जब इंस्टाग्राम पर उनके एक आउटफिट का वीडियो वायरल हो गया। कुछ ही दिनों में ऑर्डर्स की संख्या कई गुना बढ़ गई।
हालांकि अचानक आई इस मांग के कारण डिलीवरी में देरी होने लगी। ग्राहकों को इंतजार न कराना पड़े और ब्रांड की विश्वसनीयता बनी रहे, इसके लिए निष्ठा ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने ₹1 लाख से अधिक के ऑर्डर्स ग्राहकों को रिफंड कर दिए, लेकिन गुणवत्ता और ग्राहक सेवा से कोई समझौता नहीं किया।
यही फैसला आगे चलकर उनके ब्रांड की सबसे बड़ी ताकत बन गया।
सीख लेकर बनाई अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

ऑर्डर्स बढ़ने के बाद निष्ठा ने महसूस किया कि केवल आउटसोर्सिंग के भरोसे बिजनेस को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इसके बाद उन्होंने 16 सदस्यों की टीम के साथ अपनी इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की।
इससे उन्हें प्रोडक्ट की गुणवत्ता, समय पर डिलीवरी और डिजाइन पर बेहतर नियंत्रण मिला। साथ ही ग्राहकों का भरोसा भी लगातार मजबूत होता गया।
सिर्फ 10 महीने में ₹14 लाख महीने का रेवेन्यू
आज ‘Nehfi’ सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो चुका है। ब्रांड के इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 10,000 फॉलोअर्स हैं और अब तक 5,800 से अधिक ग्राहक इससे खरीदारी कर चुके हैं।
ब्रांड के आउटफिट्स की कीमत ₹1,299 से ₹2,499 के बीच रखी गई है, जिससे यह मिडिल क्लास और कामकाजी महिलाओं के लिए भी किफायती विकल्प बन गया है।
महज 10 महीनों में यह स्टार्टअप ₹14 लाख प्रति माह के रेवेन्यू तक पहुंच चुका है, जो किसी भी नए फैशन स्टार्टअप के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
अब अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर
निष्ठा रावत अब अपने ब्रांड का विस्तार तेजी से कर रही हैं। फिलहाल ग्राहक उनकी वेबसाइट, व्हाट्सएप ऑर्डर और ऑफलाइन स्टोर्स के माध्यम से खरीदारी कर सकते हैं। जयपुर और रायपुर में ब्रांड की मौजूदगी के बाद अब कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कदम रखने की तैयारी कर रही है।
उनका लक्ष्य भारतीय पारंपरिक कला को वैश्विक फैशन इंडस्ट्री में नई पहचान दिलाना है।
निष्ठा रावत की सफलता से मिलने वाले सबक
निष्ठा की कहानी बताती है कि सफल बिजनेस केवल बड़े निवेश से नहीं बनता, बल्कि सही आइडिया, बाजार की समझ, ग्राहकों का विश्वास और लगातार मेहनत से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
उनकी यात्रा से युवा उद्यमियों के लिए कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं—
- नौकरी का अनुभव भविष्य के बिजनेस में बड़ी पूंजी साबित हो सकता है।
- बाजार में मौजूद गैप को पहचानना सफलता की पहली सीढ़ी है।
- ग्राहक का भरोसा किसी भी ब्रांड की सबसे बड़ी ताकत होता है।
- सोशल मीडिया कम लागत में ब्रांड बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
- चुनौतियों से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता है।


