Trade Setup Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शानदार रिकवरी देखने को मिली और निफ्टी 50 इंडेक्स करीब 1% की तेजी के साथ अपने 50-डे EMA के ऊपर बंद हुआ। हालांकि, 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर अभी भी बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक निफ्टी इस स्तर के ऊपर लगातार टिक नहीं जाता, तब तक बाजार में सीमित दायरे (Range-Bound) में कारोबार और कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए 23,800 और 23,600 के सपोर्ट लेवल के साथ 24,100-24,200 के रेजिस्टेंस जोन पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
24,000 के ऊपर टिकना क्यों है जरूरी?

28 जुलाई को मासिक F&O एक्सपायरी से पहले बाजार में सकारात्मक संकेत देखने को मिले। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और इंडिया VIX में गिरावट के चलते निफ्टी ने पांच दिन की लगातार गिरावट के बाद मजबूत वापसी की।
हालांकि इंडेक्स 24,000 के ऊपर क्लोजिंग देने में सफल नहीं हो पाया। यही कारण है कि विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार में तेजी की पुष्टि नहीं हुई है। यदि निफ्टी लगातार 24,000 के ऊपर बना रहता है, तो 24,100 से 24,200 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 23,800 का स्तर टूटने पर दोबारा 23,600 तक कमजोरी आ सकती है।
Nifty के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
पिवट पॉइंट के आधार पर सपोर्ट
- पहला सपोर्ट: 23,921
- दूसरा सपोर्ट: 23,892
- तीसरा सपोर्ट: 23,846
पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस
- पहला रेजिस्टेंस: 24,012
- दूसरा रेजिस्टेंस: 24,041
- तीसरा रेजिस्टेंस: 24,086
टेक्निकल चार्ट क्या कह रहे हैं?
सोमवार को निफ्टी ने गैप-अप ओपनिंग के बाद डेली चार्ट पर एक मजबूत Bullish Candle बनाई। इससे संकेत मिलता है कि 23,600 के निचले स्तर से शुरू हुई रिकवरी अभी भी जारी है।
इंडेक्स ने 50-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है, लेकिन यह अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। इसलिए बाजार में स्थायी तेजी के लिए इन एवरेज के ऊपर क्लोजिंग जरूरी होगी।
प्रमुख इंडिकेटर्स
- RSI: 49.55 पर पहुंचा, लेकिन अभी भी 50 से नीचे है।
- MACD: सिग्नल लाइन के नीचे बना हुआ है, हालांकि हिस्टोग्राम में कमजोरी कम हुई है।
इन संकेतकों से साफ है कि बिकवाली का दबाव घट रहा है, लेकिन मजबूत तेजी की पुष्टि अभी बाकी है।
Bank Nifty Trade Setup
बैंक निफ्टी ने भी सोमवार को लगभग 0.7% की बढ़त दर्ज की और 57,087 के स्तर पर बंद हुआ। इंडेक्स मीडियम और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हालांकि डेली चार्ट पर Doji Candlestick Pattern बनने से बाजार में दुविधा का माहौल दिखाई देता है।
बैंक निफ्टी के अहम लेवल
पिवट पॉइंट रेजिस्टेंस
- 57,269
- 57,363
- 57,517
पिवट पॉइंट सपोर्ट
- 56,962
- 56,867
- 56,714
फाइबोनैचि रेजिस्टेंस
- 57,253
- 59,247
फाइबोनैचि सपोर्ट
- 56,441
- 55,742
बैंक निफ्टी के टेक्निकल संकेत
- RSI: 48.61
- MACD: अभी भी निगेटिव जोन में, लेकिन कमजोरी घट रही है।
- शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज अभी भी नीचे की ओर हैं।
इसका मतलब है कि बैंकिंग इंडेक्स में खरीदारी लौट रही है, लेकिन मजबूत अपट्रेंड के लिए अभी निर्णायक ब्रेकआउट जरूरी है।
इंडिया VIX में बड़ी गिरावट
मार्केट में डर का संकेत देने वाला India VIX करीब 9.76% गिरकर 12.66 पर आ गया।
VIX का कम होना आमतौर पर बाजार के लिए सकारात्मक माना जाता है। यदि यह 12 के नीचे बना रहता है, तो बाजार में तेजी की संभावना और मजबूत हो सकती है।
Put-Call Ratio भी दे रहा है सकारात्मक संकेत
27 जुलाई को Nifty Put-Call Ratio (PCR) बढ़कर 1.11 हो गया, जो पिछले सत्र में 0.89 था।
आमतौर पर PCR का 1 या उससे ऊपर रहना बाजार में तेजी की भावना को दर्शाता है, जबकि 0.7 से नीचे का स्तर कमजोरी का संकेत माना जाता है।
F&O बैन लिस्ट
इस समय F&O बैन सूची में कोई भी शेयर शामिल नहीं है।
- नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
- पहले से प्रतिबंधित स्टॉक: कोई नहीं
- बैन से बाहर निकले स्टॉक: कोई नहीं
निवेशकों के लिए रणनीति
फिलहाल बाजार रिकवरी के संकेत जरूर दे रहा है, लेकिन 24,000 का स्तर निर्णायक बना हुआ है। जब तक निफ्टी इस स्तर के ऊपर लगातार कारोबार नहीं करता, तब तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग और कंसोलिडेशन की संभावना बनी रहेगी। वहीं 23,800 और 23,600 के सपोर्ट लेवल पर खरीदारी का रुख देखने को मिल सकता है, जबकि 24,100-24,200 के ऊपर टिकने पर नई तेजी शुरू होने की संभावना बढ़ेगी। ऐसे में F&O एक्सपायरी के दौरान ट्रेडर्स को जोखिम प्रबंधन के साथ ही टेक्निकल स्तरों पर विशेष नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


