नई दिल्ली: भारत की अग्रणी कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) कंपनियों में शामिल एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (Akums Drugs & Pharmaceuticals) ने ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड ने Oriflame India के मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का अधिग्रहण करने का फैसला किया है। यह सौदा 56 करोड़ रुपये में नकद भुगतान के जरिए किया जाएगा।
कंपनी के बोर्ड ने 23 जुलाई 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस अधिग्रहण के साथ Akums पहली बार बड़े पैमाने पर स्किनकेयर, हेयर केयर और कलर कॉस्मेटिक्स सेगमेंट में अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करेगी।
31 अगस्त तक पूरी हो सकती है डील
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस अधिग्रहण के पूरा होने की संभावित तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है। इस डील के तहत Oriflame India की दो आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स Akums के पास आ जाएंगी।
इनमें शामिल हैं:
- रुड़की (उत्तराखंड) स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
- नोएडा (उत्तर प्रदेश) स्थित उत्पादन इकाई
- नोएडा में स्थित लीज पर लिया गया वेयरहाउस
इन यूनिट्स के जुड़ने से कंपनी की उत्पादन क्षमता और सप्लाई चेन दोनों मजबूत होंगी।
किन प्रोडक्ट्स का होगा निर्माण?
इस अधिग्रहण के बाद Akums को कई नए उत्पादों के निर्माण की क्षमता मिलेगी। कंपनी अब निम्नलिखित श्रेणियों में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग कर सकेगी:
स्किनकेयर प्रोडक्ट्स
- फेस क्रीम
- फेस वॉश
- सीरम
- मॉइश्चराइजर
हेयर केयर प्रोडक्ट्स
- शैम्पू
- कंडीशनर
- हेयर ट्रीटमेंट प्रोडक्ट्स
कलर कॉस्मेटिक्स
- लिपस्टिक
- फाउंडेशन
- मस्कारा
- आईलाइनर
- अन्य मेकअप प्रोडक्ट्स
यह पहली बार होगा जब Akums बड़े स्तर पर कलर कॉस्मेटिक्स मैन्युफैक्चरिंग में प्रवेश करेगी।
यूरोपियन टेक्नोलॉजी और Halal Certification का मिलेगा फायदा
Oriflame की दोनों फैक्ट्रियां आधुनिक यूरोपीय मशीनों से लैस हैं। इसके अलावा दोनों प्लांट Halal Certified हैं, जिससे Akums को घरेलू बाजार के साथ-साथ मध्य पूर्व, एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी निर्यात के नए अवसर मिल सकते हैं।
कंपनी का मानना है कि आधुनिक उत्पादन सुविधाएं और उच्च गुणवत्ता मानक उसे वैश्विक ग्राहकों के लिए भी आकर्षक कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर बना सकते हैं।
Oriflame का ब्रांड रहेगा कंपनी के पास
इस डील में केवल मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का अधिग्रहण किया जा रहा है।
इसका मतलब है कि:
- Oriflame India का ब्रांड नाम
- ट्रेडमार्क
- मार्केटिंग
- सेल्स नेटवर्क
- डिस्ट्रीब्यूशन
पूरी तरह Oriflame India के पास ही रहेंगे। यानी भारतीय ग्राहकों के लिए Oriflame के उत्पाद पहले की तरह उसी ब्रांड के तहत उपलब्ध रहेंगे।
क्यों अहम है यह सौदा?
भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है। उद्योग रिपोर्ट्स के अनुसार, देश का कॉस्मेटिक्स बाजार वर्तमान में करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर का है और अगले दस वर्षों में इसके लगभग दोगुना होने का अनुमान है।
इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- ई-कॉमर्स का तेजी से विस्तार
- सोशल मीडिया और ब्यूटी इन्फ्लुएंसर्स का बढ़ता प्रभाव
- प्रीमियम स्किनकेयर और मेकअप की बढ़ती मांग
- युवाओं में पर्सनल ग्रूमिंग पर बढ़ता खर्च
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की बढ़ती मौजूदगी
ऐसे माहौल में Akums का यह कदम कंपनी के लिए भविष्य की बड़ी ग्रोथ का आधार बन सकता है।
Akums को कैसे मिलेगा फायदा?
Akums पहले से ही कई भारतीय और वैश्विक कंपनियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। कंपनी की मौजूदा उत्पादन इकाइयां लगभग पूरी क्षमता पर संचालित हो रही हैं।
नई यूनिट्स जुड़ने के बाद कंपनी को:
- उत्पादन क्षमता बढ़ाने का मौका मिलेगा।
- नए ग्राहकों को जोड़ने में मदद मिलेगी।
- कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर सेगमेंट में मजबूत पहचान बनेगी।
- एक्सपोर्ट बिजनेस बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
- हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स से बेहतर मार्जिन हासिल हो सकता है।
कंपनी के एमडी ने क्या कहा?
Akums Drugs & Pharmaceuticals के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव जैन ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी केवल फार्मास्युटिकल्स तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि तेजी से बढ़ते उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है।
उन्होंने कहा कि कलर कॉस्मेटिक्स भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले उपभोक्ता बाजारों में शामिल है और यह डील Akums को अत्याधुनिक उत्पादन क्षमता उपलब्ध कराएगी।
Oriflame India की CEO का बयान
Oriflame की CEO और प्रेसिडेंट एना माल्महके ने कहा कि भारत कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार है, जहां Oriflame पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से कारोबार कर रही है।
उन्होंने कहा कि Akums जैसी अनुभवी और भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के साथ साझेदारी के जरिए Oriflame अपने ग्राहकों को पहले की तरह उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराती रहेगी और भारतीय बाजार में अपने सेलिंग बिजनेस को और मजबूत करेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिग्रहण Akums के लिए केवल क्षमता विस्तार नहीं बल्कि बिजनेस डायवर्सिफिकेशन की दिशा में भी बड़ा कदम है। यदि कंपनी कॉस्मेटिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत पकड़ बना लेती है, तो आने वाले वर्षों में इसका राजस्व और लाभ दोनों बढ़ सकते हैं।


