Bank of Baroda Q1 Results: देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 72 फीसदी गिरकर 1,278 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में बैंक ने 4,541 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।
हालांकि, मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे बैंक के मुख्य कारोबार में कमजोरी नहीं, बल्कि यूएई की NMC Health के संयुक्त प्रशासकों (Joint Administrators) के साथ लगभग 5,700 करोड़ रुपये के कोर्ट के बाहर हुए सेटलमेंट का असर रहा। दूसरी ओर, बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), एडवांस और डिपॉजिट में मजबूत वृद्धि देखने को मिली, जिससे बैंक के ऑपरेटिंग प्रदर्शन की मजबूती साफ दिखाई देती है।
NMC हेल्थ सेटलमेंट का पड़ा बड़ा असर
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने तिमाही नतीजों में बताया कि NMC Health मामले में हुए लगभग 5,700 करोड़ रुपये के सेटलमेंट के कारण उसकी लाभप्रदता पर बड़ा असर पड़ा। यही वजह रही कि बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम दर्ज किया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह एक वन-टाइम (One-Time) प्रभाव है और बैंक के नियमित बैंकिंग कारोबार की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 9.5% की बढ़ोतरी
बैंक की आय का प्रमुख संकेतक नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) जून तिमाही में 9.5 फीसदी बढ़कर 12,524 करोड़ रुपये रही।
- जून 2025 तिमाही NII: 11,435 करोड़ रुपये
- जून 2026 तिमाही NII: 12,524 करोड़ रुपये
- वृद्धि: 9.5%
यह वृद्धि दर्शाती है कि बैंक की लेंडिंग गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं और ब्याज से होने वाली कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
NPA में और सुधार
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा।
- नेट NPA (NNPA): 0.50% (10 बेसिस प्वाइंट्स की कमी)
- ग्रॉस NPA (GNPA): 1.99%
- पिछले वर्ष GNPA: 2.24%
लगातार घटता NPA इस बात का संकेत है कि बैंक खराब ऋणों पर नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहा है।
कैपिटल एडक्वेसी रेशियो में आई कमी
बैंक का Capital Adequacy Ratio (CAR) जून तिमाही में 16.31% रहा, जबकि एक साल पहले यह 17.61% था।
यानी पिछले एक वर्ष में CAR में 130 बेसिस प्वाइंट्स की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि यह स्तर अभी भी नियामकीय आवश्यकताओं से ऊपर बना हुआ है।
एडवांस और डिपॉजिट में शानदार ग्रोथ
बैंक की लोन बुक और जमा राशि दोनों में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई।
ग्लोबल एडवांसेज
- जून 2026: 14.16 लाख करोड़ रुपये
- जून 2025: 12.07 लाख करोड़ रुपये
- वृद्धि: 17.4%
कुल डिपॉजिट
- जून 2026: 16.33 लाख करोड़ रुपये
- सालाना वृद्धि: 13.8%
इससे स्पष्ट है कि बैंक की क्रेडिट ग्रोथ और जमा आधार लगातार मजबूत हो रहा है।
शेयर बाजार में कैसी रही प्रतिक्रिया?
तिमाही नतीजों से पहले 24 जुलाई को बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 1.27% की बढ़त के साथ 246.25 रुपये पर बंद हुआ।
हालांकि, साल 2026 में अब तक बैंक का शेयर 18 फीसदी से अधिक टूट चुका है। निवेशकों की नजर अब आने वाली तिमाहियों में बैंक की लाभप्रदता में सुधार और NMC सेटलमेंट के बाद होने वाले असर पर रहेगी।
बैंक ने इस तिमाही के नतीजों के साथ किसी डिविडेंड का ऐलान नहीं किया।
Bank of Baroda Q1 Results: प्रमुख आंकड़े
| पैरामीटर | जून तिमाही FY27 | जून तिमाही FY26 |
|---|---|---|
| शुद्ध मुनाफा | ₹1,278 करोड़ | ₹4,541 करोड़ |
| नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) | ₹12,524 करोड़ | ₹11,435 करोड़ |
| ग्रॉस NPA | 1.99% | 2.24% |
| नेट NPA | 0.50% | 0.60% |
| कैपिटल एडक्वेसी रेशियो | 16.31% | 17.61% |
| ग्लोबल एडवांसेज | ₹14.16 लाख करोड़ | ₹12.07 लाख करोड़ |
| डिपॉजिट | ₹16.33 लाख करोड़ | — |
निष्कर्ष
बैंक ऑफ बड़ौदा की जून तिमाही में मुनाफे में भारी गिरावट जरूर दर्ज हुई, लेकिन इसकी मुख्य वजह NMC Health से जुड़ा एकमुश्त सेटलमेंट रही। दूसरी ओर, NII, एडवांस, डिपॉजिट और एसेट क्वालिटी जैसे प्रमुख परिचालन संकेतकों में सुधार दिखा है। इससे संकेत मिलता है कि बैंक का कोर बैंकिंग कारोबार मजबूत बना हुआ है और आने वाली तिमाहियों में एकमुश्त प्रभाव खत्म होने के बाद लाभप्रदता में सुधार देखने को मिल सकता है।


