Trading Plan: वैश्विक बाजारों से राहत भरी खबर आने के बाद भारतीय शेयर बाजार में भी मजबूत रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतें 99 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आने से निवेशकों की धारणा सुधरी और निफ्टी निचले स्तरों से करीब 150 अंकों की वापसी करते हुए 23,750 के आसपास पहुंच गया। बैंकिंग, आईटी और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी लौटने से बाजार में नई जान आई, जबकि ऑटो, मेटल और डिफेंस सेक्टर अभी भी दबाव में बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञ अनुज सिंघल का मानना है कि फिलहाल नए शॉर्ट पोजीशन बनाने से बचना चाहिए और चुनिंदा स्तरों पर कॉन्ट्रा लॉन्ग की रणनीति अपनाई जा सकती है।
कच्चे तेल की नरमी से बाजार को मिला बड़ा सहारा
शुक्रवार के कारोबार में सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। सुबह जहां ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था, वहीं बाद में इसमें तेज नरमी आई और कीमतें 98-99 डॉलर के आसपास फिसल गईं।
क्रूड की इस गिरावट का सीधा फायदा भारतीय बाजार को मिला क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल सस्ता होने से महंगाई और चालू खाते के घाटे को लेकर चिंताएं कुछ कम हुईं, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटा।
निफ्टी और बैंक निफ्टी ने दिखाई दमदार रिकवरी
बाजार में शुरुआती कमजोरी के बाद खरीदारी लौटने से प्रमुख सूचकांक संभल गए।
- निफ्टी करीब 150 अंकों की रिकवरी के साथ 23,750 के आसपास पहुंचा।
- बैंक निफ्टी ने 500 से ज्यादा अंकों की शानदार वापसी की।
- इंडिया VIX में भी गिरावट देखने को मिली, जो बाजार में घबराहट कम होने का संकेत है।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छा पुलबैक दर्ज किया गया।
रियल्टी और सरकारी बैंकिंग शेयरों में सबसे मजबूत रिकवरी देखने को मिली और दोनों सेक्टर फिर से हरे निशान में लौट आए।
इन शेयरों ने संभाला बाजार
बाजार की रिकवरी में कुछ बड़े दिग्गज शेयरों ने अहम भूमिका निभाई।
इनमें प्रमुख रहे—
- RIL
- ITC
- HCL Tech
- ICICI Bank
इन शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते बाजार का सेंटीमेंट सुधरा और इंडेक्स तेजी से निचले स्तरों से ऊपर आया।
आईटी शेयरों में लौटी तेजी
आईटी सेक्टर में भी खरीदारी वापस लौटती नजर आई।
सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में शामिल रहे—
- KPIT Technologies
- Tata Elxsi
दोनों शेयर करीब 5% तक उछलकर फ्यूचर्स सेगमेंट के टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
इसके अलावा कुछ चुनिंदा FMCG कंपनियों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
हालांकि ऑटो, मेटल और डिफेंस सेक्टर में अभी भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
आने वाले रिजल्ट्स पर रहेगी बाजार की नजर
अगले कुछ कारोबारी सत्रों में कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
शुक्रवार
AU Small Finance Bank
- ब्याज से आय (NII) में लगभग 32% बढ़ोतरी का अनुमान
- मुनाफे में करीब 44% वृद्धि की उम्मीद
IDFC First Bank
इसके भी पहली तिमाही के नतीजों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
सोमवार
इन कंपनियों के नतीजे आएंगे—
- Coal India
- Canara Bank
- BEL
- फ्यूचर्स सेगमेंट की अन्य प्रमुख कंपनियां
इन परिणामों का असर संबंधित सेक्टरों के साथ पूरे बाजार पर देखने को मिल सकता है।
अनुज सिंघल की Trading Strategy
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी ने फिलहाल 23,600 के महत्वपूर्ण स्तर को बचा लिया है।
उनके मुताबिक—
- बैंक निफ्टी में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी देखने को मिली।
- आईटी शेयरों में भी मजबूत खरीदारी लौटी।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी वापसी हुई।
- अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह केवल “फेक ब्रेकडाउन” था या बाजार क्लोजिंग तक 23,800 के ऊपर निकल पाएगा।
अभी क्या होनी चाहिए ट्रेडिंग रणनीति?
अनुज सिंघल के अनुसार मौजूदा समय में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने सलाह दी—
- गैपडाउन में पुराने शॉर्ट पोजीशन काटना बेहतर रहेगा।
- फिलहाल नए शॉर्ट पोजीशन बनाने से बचें।
- चुनिंदा स्तरों पर कॉन्ट्रा लॉन्ग की रणनीति अपनाई जा सकती है।
- 23,600 का स्तर फिलहाल बाजार के लिए मजबूत सपोर्ट बन चुका है।
- अगर यह स्तर टूटता है तभी नई बड़ी गिरावट की संभावना बनेगी।
- वीकेंड से पहले ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन लेकर जाने से बच सकते हैं क्योंकि किसी भी सकारात्मक वैश्विक खबर का असर सोमवार को बाजार पर पड़ सकता है।
बाजार में अभी भी क्यों है सतर्कता?
हालांकि रिकवरी मजबूत रही, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह वापस नहीं लौटा है।
हाल के कारोबारी सत्रों में कई शेयरों ने बेहद उतार-चढ़ाव वाला प्रदर्शन किया।
उदाहरण के तौर पर—
- United Spirits एक दिन कमजोर रहा तो अगले दिन मजबूत तेजी दिखी।
- Motilal Oswal ने अपेक्षाकृत अच्छे नतीजे पेश किए, फिर भी शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली।
इससे साफ है कि फिलहाल बाजार पूरी तरह रिजल्ट आधारित और काफी वोलाटाइल बना हुआ है।
निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए अहम स्तर
निफ्टी
- सपोर्ट: 23,600–23,650
- रेजिस्टेंस: 23,800–23,850
बैंक निफ्टी
- सपोर्ट: 56,000–56,200
- रेजिस्टेंस: 56,800–57,000
यदि निफ्टी 23,800 के ऊपर मजबूती से बंद होता है तो बाजार में आगे और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 23,600 के नीचे फिसलने पर एक बार फिर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भारतीय शेयर बाजार को बड़ी राहत दी है। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ने मजबूत रिकवरी दिखाई है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में नए शॉर्ट पोजीशन बनाने से बचना चाहिए और केवल मजबूत सपोर्ट लेवल पर ही नई रणनीति बनानी चाहिए। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक संकेत बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


