Share Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 जुलाई को कारोबार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत, निवेशकों की बिकवाली और कमजोर सेंटीमेंट के चलते शुरुआती मिनटों में ही सेंसेक्स 778 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 23,700 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा नुकसान हुआ और BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹3.58 लाख करोड़ घट गया।
शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव
शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला। BSE सेंसेक्स 75,708.19 के स्तर पर खुला, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह करीब 778 अंक टूटकर 75,613.43 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
वहीं NSE निफ्टी 50 भी कमजोरी के साथ 23,666.35 पर खुला और बाद में 223 अंक तक गिरकर 23,646.90 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। निफ्टी का 23,700 के नीचे आना निवेशकों की चिंता बढ़ाने वाला संकेत माना जा रहा है।
निवेशकों की दौलत में ₹3.58 लाख करोड़ की कमी
शेयर बाजार की इस बड़ी गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा।
- 23 जुलाई को बाजार बंद होने पर BSE मार्केट कैप: ₹4,76,60,985.926 करोड़
- 24 जुलाई सुबह शुरुआती कारोबार में मार्केट कैप: ₹4,73,02,449.650 करोड़
यानी कुछ ही मिनटों में निवेशकों की कुल संपत्ति में ₹3,58,536.276 करोड़ (करीब ₹3.58 लाख करोड़) की गिरावट दर्ज की गई।
किन वजहों से टूटा शेयर बाजार?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार शुक्रवार की गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण रहे—
- वैश्विक बाजारों में कमजोरी और एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली
- अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक व्यापार को लेकर बढ़ती चिंताएं
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली
- आईटी और बैंकिंग शेयरों में दबाव
- निवेशकों का जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाना
इन कारणों ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया और शुरुआती कारोबार में तेज बिकवाली देखने को मिली।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव?
शुरुआती कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
- आईटी शेयरों में कमजोरी
- बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में बिकवाली
- ऑटो और मेटल शेयरों पर दबाव
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट
हालांकि कुछ डिफेंसिव सेक्टरों में गिरावट अपेक्षाकृत सीमित रही।
क्या आगे और बढ़ सकती है गिरावट?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि निफ्टी 23,700 के नीचे टिकता है और 23,600 का स्तर भी टूटता है, तो अगले सपोर्ट की ओर और कमजोरी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, यदि बाजार इन स्तरों से रिकवरी करता है तो शॉर्ट कवरिंग के चलते तेजी भी लौट सकती है।
लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय मजबूत कंपनियों पर नजर बनाए रखने और चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान विशेषज्ञ जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दे रहे हैं। जिन निवेशकों का निवेश लंबी अवधि के लिए है, उन्हें घबराकर बिकवाली करने की बजाय अपने पोर्टफोलियो की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। वहीं शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करना चाहिए।


