EPFO Date of Exit Update: नौकरी बदलने के बाद अगर आपका पुराना PF बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है, तो इसकी एक वजह UAN पोर्टल पर Date of Exit का अपडेट न होना भी हो सकती है। नौकरी छोड़ने के बाद पुरानी कंपनी की ओर से अगर एग्जिट डेट दर्ज नहीं की गई है, तो कुछ जरूरी शर्तें पूरी होने पर EPFO सदस्य इसे खुद ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं।
इसके लिए हर बार पुरानी कंपनी के HR या ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। UAN पोर्टल पर उपलब्ध Mark Exit सुविधा के जरिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP की मदद से Date of Exit अपडेट की जा सकती है। आइए जानते हैं कि इसके लिए कौन-कौन सी शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं और पूरा प्रोसेस क्या है।
PF Transfer के लिए Date of Exit क्यों जरूरी है?
जब कोई कर्मचारी नौकरी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाता है, तो उसकी PF Service History में पुरानी नौकरी की Date of Exit दर्ज होना जरूरी होता है। यही जानकारी PF ट्रांसफर की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अगर पुरानी कंपनी ने एग्जिट डेट अपडेट नहीं की है, तो UAN पोर्टल पर आपकी सर्विस डिटेल्स अधूरी दिखाई दे सकती हैं और PF ट्रांसफर की प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है।
ऐसी स्थिति में पात्र कर्मचारी खुद UAN पोर्टल के जरिए Date of Exit मार्क कर सकता है।
खुद Date of Exit अपडेट करने से पहले जानें ये शर्तें
EPFO की सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है। आम तौर पर आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि:
- नौकरी छोड़े 2 महीने पूरे हो चुके हों।
- दर्ज की जाने वाली Date of Exit उसी महीने की हो, जिसमें आपके पुराने नियोक्ता ने आखिरी बार PF योगदान जमा किया था।
- आपका UAN एक्टिव होना चाहिए।
- UAN में Aadhaar लिंक होना जरूरी है।
- Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर आपके पास होना चाहिए, क्योंकि OTP के जरिए वेरिफिकेशन किया जाता है।
Date of Exit दर्ज करने से पहले अपनी सैलरी स्लिप, रिलीविंग लेटर या कंपनी से मिले अन्य रिकॉर्ड से तारीख जरूर मिला लें।
UAN पोर्टल पर ऐसे अपडेट करें Date of Exit
अगर आप ऊपर बताई गई शर्तों को पूरा करते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स की मदद से Date of Exit अपडेट कर सकते हैं।
1. UAN Member Portal पर लॉगिन करें
सबसे पहले EPFO के Member Unified Portal पर जाएं। यहां अपना UAN, पासवर्ड और कैप्चा दर्ज करके अकाउंट में लॉगिन करें।
2. Manage सेक्शन में जाएं
लॉगिन करने के बाद ऊपर दिखाई देने वाले Manage विकल्प पर क्लिक करें। ड्रॉप-डाउन मेन्यू में आपको Mark Exit का विकल्प दिखाई देगा।
3. पुरानी कंपनी की Member ID चुनें
अब स्क्रीन पर आपकी PF Service से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी। जिस पुरानी कंपनी की Date of Exit अपडेट करनी है, उसकी Member ID चुनें।
4. Date of Exit और Exit Reason दर्ज करें
अब नौकरी छोड़ने की सही तारीख चुनें। इसके बाद उपलब्ध विकल्पों में से नौकरी छोड़ने का उपयुक्त कारण यानी Exit Reason चुनें।
यहां जल्दबाजी न करें। दर्ज की जाने वाली तारीख को अपनी सैलरी स्लिप या रिलीविंग डॉक्यूमेंट से एक बार जरूर चेक कर लें।
5. OTP के जरिए करें वेरिफिकेशन
सभी जानकारी जांचने के बाद जरूरी कंसेंट बॉक्स पर टिक करें और Get OTP/Request OTP विकल्प पर क्लिक करें।
इसके बाद Aadhaar से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आएगा।
6. OTP डालकर सबमिट करें
मोबाइल पर प्राप्त OTP दर्ज करें और प्रक्रिया को सबमिट कर दें। सफल वेरिफिकेशन के बाद आपकी Date of Exit UAN Service History में अपडेट हो सकती है।
Date of Exit अपडेट हुई या नहीं, ऐसे करें चेक
प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक बार Service History जरूर चेक करें।
इसके लिए:
UAN Portal → View → Service History
पर जाएं।
यहां आपकी पुरानी कंपनी की जानकारी के सामने Date of Exit दिखाई देनी चाहिए। अगर तारीख सही दिखाई दे रही है, तो इसका मतलब आपकी Service History में अपडेट दर्ज हो चुका है।
अगर पुरानी कंपनी ने गलत Date of Exit डाल दी है तो?
यह स्थिति थोड़ी अलग है। अगर आपकी पुरानी कंपनी पहले ही गलत Date of Exit दर्ज कर चुकी है, तो उसे केवल Mark Exit विकल्प के जरिए दोबारा बदलना संभव नहीं हो सकता।
ऐसे मामले में पहले अपने पुराने नियोक्ता से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर सैलरी स्लिप, रिलीविंग लेटर या नौकरी छोड़ने की तारीख से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
अगर कंपनी की ओर से समाधान नहीं मिलता है, तो EPFO के grievance mechanism (EPFiGMS) के जरिए शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
PF से जुड़ी जानकारी में न करें ये गलती
UAN और PF से जुड़े मामलों में धोखाधड़ी से बचना भी बेहद जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति को अपना UAN पासवर्ड, OTP, बैंक डिटेल या अन्य संवेदनशील जानकारी न दें।
अगर कोई व्यक्ति फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए EPFO कर्मचारी बनकर आपसे OTP या पैसे मांगता है, तो सावधान रहें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने या भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।
निष्कर्ष
अगर नौकरी बदलने के बाद आपका PF Transfer अटक गया है और पुरानी कंपनी ने Date of Exit अपडेट नहीं की है, तो पात्र होने पर UAN पोर्टल की Mark Exit सुविधा आपके लिए उपयोगी हो सकती है। हालांकि Date of Exit भरते समय तारीख और Exit Reason की जानकारी सही दर्ज करना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी आगे PF से जुड़े काम में परेशानी पैदा कर सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। EPFO के नियम और ऑनलाइन सुविधाएं समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी भी प्रक्रिया को पूरा करने से पहले EPFO के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम निर्देशों की जांच करें।


