Stock Market Today: सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन घरेलू शेयर बाजार के लिए शुरुआती संकेत कमजोर नजर आ रहे हैं। GIFT निफ्टी में गिरावट, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही आज इंफोसिस, सिप्ला और इंडिगो जैसी दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92% टूटकर 76,755.05 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79% गिरकर 23,996.25 के स्तर पर आ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 24,000 के नीचे फिसल गया था।
आज सुबह GIFT निफ्टी करीब 23,910 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है।
विदेशी और घरेलू निवेशकों ने जारी रखी बिकवाली
बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
- FIIs ने 22 जुलाई को ₹819 करोड़ के शेयर बेचे।
- DIIs ने भी ₹418 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की।
- कैश और फ्यूचर्स मिलाकर विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली करीब ₹5,400 करोड़ रही।
- लॉन्ग-शॉर्ट रेश्यो भी करीब 8% तक पहुंच गया है, जो कमजोर बाजार धारणा की ओर इशारा करता है।
वेस्ट एशिया संकट ने बढ़ाई चिंता
वैश्विक बाजारों पर सबसे बड़ा असर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका लगातार 12वें दिन ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला हुआ तो ईरान के महत्वपूर्ण पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा।
वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि हमला जारी रहा तो खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इस तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
कच्चे तेल में जबरदस्त उछाल
अमेरिका-ईरान तनाव और हूती विद्रोहियों द्वारा तेल टैंकरों पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है।
- ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
- यह पिछले करीब छह सप्ताह का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई, चालू खाते के घाटे और रुपये पर अतिरिक्त दबाव का कारण बन सकती हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
आज एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला।
- निक्केई में बढ़त
- हैंग सेंग में अच्छी तेजी
- कोस्पी मजबूत
- स्ट्रेट टाइम्स और ताइवान बाजार दबाव में
- शंघाई कंपोजिट हल्की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा
AI सेक्टर से जुड़ी चिप कंपनियों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे कुछ बाजारों को सहारा मिला।
अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों पर दबाव
बुधवार को वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला।
- Dow Jones लगभग सपाट बंद हुआ।
- S&P 500 में हल्की गिरावट दर्ज हुई।
- Nasdaq Composite में 0.57% की कमजोरी रही।
टेक्नोलॉजी शेयरों में मुनाफावसूली के चलते नैस्डैक पर दबाव बना रहा।
आज इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर
आज कॉर्पोरेट नतीजों के लिहाज से बेहद अहम दिन है।
इन कंपनियों के जून तिमाही (Q1) नतीजे जारी होंगे—
- इंफोसिस
- सिप्ला
- इंडिगो
- एम्फैसिस
- सोना BLW
- वायदा बाजार की अन्य प्रमुख कंपनियां
विशेष रूप से इंफोसिस के नतीजों पर आईटी सेक्टर की दिशा निर्भर करेगी। बाजार को उम्मीद है कि कंपनी का Constant Currency Revenue लगभग 1.8% बढ़ सकता है और ऑपरेटिंग मार्जिन में भी हल्का सुधार देखने को मिल सकता है।
आज निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
- GIFT निफ्टी की चाल
- FIIs और DIIs का निवेश रुख
- अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी नई खबरें
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल
- इंफोसिस, सिप्ला और इंडिगो के तिमाही नतीजे
- सेंसेक्स वीकली एक्सपायरी के दौरान बढ़ने वाली अस्थिरता
निष्कर्ष
आज का कारोबारी सत्र कई बड़े घरेलू और वैश्विक ट्रिगर्स से प्रभावित रह सकता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, बढ़ती क्रूड कीमतें, पश्चिम एशिया में तनाव और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को किसी भी नई पोजीशन लेने से पहले इन सभी संकेतों पर नजर रखते हुए जोखिम प्रबंधन के साथ ट्रेडिंग रणनीति बनानी चाहिए।


