नई दिल्ली: भारत की प्रमुख एयरोस्पेस एवं रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और फ्रांस की सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स (Safran Aircraft Engines) के बीच एक महत्वपूर्ण दीर्घकालिक समझौता हुआ है। इस करार के तहत भारत में CFM LEAP एयरक्राफ्ट इंजन के लिए सुपरएलॉय टरबाइन रिंग फोर्जिंग का निर्माण और आपूर्ति की जाएगी। इस साझेदारी को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान, भारतीय एयरोस्पेस उद्योग और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका के लिहाज से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यह समझौता फार्नबोरो इंटरनेशनल एयरशो 2026 के दौरान हुआ, जहां दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस दीर्घकालिक सहयोग पर हस्ताक्षर किए। इससे भारत हाई-एंड एयरोस्पेस कंपोनेंट्स के निर्माण में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।
भारत में तैयार होंगे LEAP इंजन के महत्वपूर्ण पुर्जे
समझौते के अनुसार, HAL अपने बेंगलुरु स्थित फाउंड्री एंड फोर्ज डिवीजन की अत्याधुनिक रिंग रोलिंग फैसिलिटी में नियर-नेट शेप सुपरएलॉय टरबाइन रिंग फोर्जिंग तैयार करेगा।
ये विशेष धातु (Superalloy) से बने पुर्जे विमान इंजन के सबसे संवेदनशील हिस्सों में इस्तेमाल किए जाते हैं। इन्हें अत्यधिक तापमान, तेज गति और भारी दबाव जैसी परिस्थितियों में भी इंजन की विश्वसनीयता और प्रदर्शन बनाए रखने के लिए डिजाइन किया जाता है।
क्या है LEAP इंजन?
LEAP (Leading Edge Aviation Propulsion) दुनिया के सबसे आधुनिक और ईंधन-कुशल विमान इंजनों में गिना जाता है। इसे CFM International ने विकसित किया है, जो GE Aerospace और Safran Aircraft Engines का संयुक्त उपक्रम है।
यह इंजन दुनिया के कई लोकप्रिय यात्री विमानों में लगाया जाता है, जिनमें शामिल हैं:
- Airbus A320neo
- Boeing 737 MAX
- COMAC C919
HAL के इस वैश्विक प्रोग्राम से जुड़ने का मतलब है कि भारतीय कंपनी अब विश्व स्तर के विमान इंजन सप्लाई नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी।
HAL ने क्या कहा?
HAL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि के. ने कहा कि HAL और Safran के बीच कई दशकों से मजबूत साझेदारी रही है। यह नया करार इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों का भारतीय कंपनी की तकनीकी क्षमता, गुणवत्ता और उत्पादन कौशल पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से HAL की अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानन बाजार में मौजूदगी और मजबूत होगी। साथ ही भारत में भविष्य के एयरो इंजन कार्यक्रमों के लिए अत्याधुनिक विनिर्माण तकनीक विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
Safran ने भी जताया भरोसा
सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डोमिनिक डुप्यू ने कहा कि कंपनी HAL के साथ सहयोग को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित है।
उन्होंने बताया कि दुनिया भर में LEAP इंजन की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और मजबूत स्थानीय सप्लाई चेन विकसित करना कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा है। भारत इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पहले से चल रहा है संयुक्त इंजन प्रोजेक्ट
HAL और Safran पहले से ही बेंगलुरु में एक संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) संचालित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी के हेलीकॉप्टर इंजनों का डिजाइन, विकास और उत्पादन करना है।
यह संयुक्त उपक्रम भारतीय सेना के प्रस्तावित 13 टन क्षमता वाले इंडियन मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर (IMRH) के लिए ‘अरावली’ इंजन विकसित कर रहा है। इससे भारत को सैन्य एयरो इंजन तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा लाभ मिलेगा।
भारत फोर्ज ने भी की बड़ी साझेदारी
फार्नबोरो एयरशो 2026 के दौरान भारत फोर्ज लिमिटेड ने फ्रांस-कनाडा की कंपनी Flying Whales के साथ भी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी के तहत भारत में अत्याधुनिक हेवी-लिफ्ट एयरशिप विकसित और निर्मित किए जाएंगे, जो रक्षा और रणनीतिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल होंगे।
इन एयरशिप्स की प्रमुख विशेषताएं हैं:
- 60 टन तक माल ढोने की क्षमता
- Vertical Take-Off and Landing (VTOL)
- कम ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता
- हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन तकनीक
इससे भारत को रणनीतिक परिवहन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ एयरोस्पेस सेक्टर में स्वदेशी निर्माण को भी मजबूती मिलेगी।
‘मेक इन इंडिया’ और एयरोस्पेस सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा
HAL और Safran के बीच यह साझेदारी सिर्फ एक व्यावसायिक समझौता नहीं है, बल्कि भारत के एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे देश में हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग, उन्नत मेटल फोर्जिंग, रोजगार सृजन, तकनीकी हस्तांतरण और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भागीदारी को नई गति मिलेगी।
आने वाले वर्षों में यदि भारत इसी तरह वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाता है, तो वह न केवल रक्षा क्षेत्र बल्कि नागरिक विमानन उद्योग में भी एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर सकता है।


