UPS Pension Scheme Update: केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सरकार ने बताया कि 25,756 सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी कर्मचारी UPS के तहत अतिरिक्त लाभ पाने के पात्र हैं। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल इस योजना का दायरा अन्य पेंशन योजनाओं या राज्यों के कर्मचारियों तक बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
UPS को लेकर संसद में सरकार का बड़ा बयान
अगर आप केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं या आपके परिवार में कोई सरकारी पेंशनभोगी है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। संसद के मानसून सत्र के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की वर्तमान स्थिति और इससे जुड़े लाभार्थियों की जानकारी साझा की।
सरकार के मुताबिक, 25,756 रिटायर्ड केंद्रीय सरकारी कर्मचारी ऐसे हैं जो UPS के तहत अतिरिक्त लाभ का दावा करने के पात्र हैं। यह उन कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत आते हैं और UPS विकल्प का लाभ ले सकते हैं।
अब तक कितने दावे आए और कितनों को मिला लाभ?
वित्त मंत्रालय द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, 9 जुलाई 2026 तक UPS के तहत कुल 12,258 दावे प्राप्त हुए हैं।
इनमें से:
- कुल प्राप्त दावे: 12,258
- लाभ भुगतान के लिए प्रोसेस किए गए दावे: 9,823
- पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारी: 25,756
सरकार का कहना है कि प्राप्त अधिकांश आवेदनों पर कार्रवाई की जा चुकी है और पात्र कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से लाभ दिया जा रहा है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा UPS का अतिरिक्त लाभ?
यह अतिरिक्त लाभ केवल उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा जो पहले से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आते हैं और जिन्होंने UPS का विकल्प चुना है।
UPS को NPS के विकल्प के रूप में शुरू किया गया है ताकि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक सुनिश्चित और स्थिर पेंशन मिल सके।
अन्य पेंशन योजनाओं को नहीं मिलेगा UPS का फायदा
संसद में एक अन्य सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया कि फिलहाल UPS के अतिरिक्त लाभों को अन्य पेंशन योजनाओं, राज्य सरकारों या निजी क्षेत्र के कर्मचारियों तक विस्तार देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
इसका मतलब है कि अभी यह सुविधा केवल पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित रहेगी।
UPS के तहत मिलने वाले प्रमुख फायदे
यूनिफाइड पेंशन स्कीम को कर्मचारियों की रिटायरमेंट सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- रिटायरमेंट के बाद अंतिम 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी का 50% पेंशन।
- यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने कम से कम 25 वर्ष की सेवा पूरी की हो।
- सरकार का पेंशन योगदान 14% से बढ़ाकर 18.5% किया गया है।
- यदि पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है तो परिवार को मिलने वाली फैमिली पेंशन मूल पेंशन का 60% होगी।
- कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को ₹10,000 प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की गारंटी मिलेगी।
- NPS की तुलना में अधिक निश्चित और सुरक्षित पेंशन व्यवस्था उपलब्ध होगी।
UPS कब लागू हुई?
केंद्र सरकार ने 2024 में यूनिफाइड पेंशन स्कीम की घोषणा की थी। इसके बाद यह योजना 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हुई। इसका उद्देश्य NPS के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को एक ऐसा विकल्प देना है जिसमें उन्हें निश्चित पेंशन का लाभ मिल सके।
किन लोगों को ध्यान देने की जरूरत है?
यदि आप:
- केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं,
- NPS के सदस्य रहे हैं,
- UPS के लिए पात्र हैं या आवेदन कर चुके हैं,
तो अपने आवेदन की स्थिति और पात्रता की जानकारी संबंधित विभाग या पेंशन प्राधिकरण से अवश्य जांच लें। यदि आपने अभी तक दावा नहीं किया है और पात्रता पूरी करते हैं, तो समय रहते आवेदन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
निष्कर्ष
संसद में सरकार द्वारा दी गई जानकारी से स्पष्ट है कि 25,756 केंद्रीय पेंशनर्स को यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत अतिरिक्त लाभ मिलने का रास्ता खुला है। अब तक हजारों दावों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल UPS का दायरा अन्य पेंशन योजनाओं या सेक्टरों तक बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। ऐसे में पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह योजना रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभर रही है।


