Trident Q1 Results: टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की प्रमुख कंपनी Trident Ltd ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में मुनाफे और रेवेन्यू दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की है। साथ ही शेयरधारकों के लिए ₹0.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने ब्रांड की वैश्विक मौजूदगी बढ़ाने के लिए नई सब्सिडियरी बनाने को भी मंजूरी दी है। हालांकि, नतीजों के बाद भी सोमवार को कंपनी के शेयर में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
जून तिमाही में 13% बढ़ा कंपनी का मुनाफा
Trident Ltd का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) अप्रैल-जून तिमाही में 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹140 करोड़ था।
वहीं, ऑपरेशंस से कुल रेवेन्यू भी बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹1,706.8 करोड़ था। यानी कंपनी की आय में 4.7% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
EBITDA और मार्जिन की स्थिति
कंपनी का EBITDA भी बढ़कर ₹299.6 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹291.7 करोड़ था। हालांकि, EBITDA Margin 17% पर स्थिर रहा। इसका मतलब है कि लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को बनाए रखने में सफल रही।
किस बिजनेस से मिला सबसे ज्यादा रेवेन्यू?
Trident के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट का प्रदर्शन मिश्रित रहा।
यार्न बिजनेस
- रेवेन्यू: ₹954.2 करोड़
- पिछले साल: ₹902 करोड़
- सबसे बड़ा रेवेन्यू देने वाला कारोबार
पेपर और केमिकल्स
- रेवेन्यू: ₹297.4 करोड़
- पिछले साल: ₹259.8 करोड़
- सबसे तेज ग्रोथ वाला सेगमेंट
टॉवल बिजनेस
- रेवेन्यू: ₹638.5 करोड़
- पिछले साल: ₹638.9 करोड़
- लगभग स्थिर प्रदर्शन
बेडशीट बिजनेस
- रेवेन्यू: ₹302.8 करोड़
- पिछले साल: ₹309.4 करोड़
- मामूली गिरावट
किस सेगमेंट ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया?
प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) के लिहाज से भी यार्न बिजनेस सबसे मजबूत रहा।
- यार्न: ₹70.1 करोड़ से बढ़कर ₹145.8 करोड़
- बेडशीट: ₹44.8 करोड़ से बढ़कर ₹49.3 करोड़
- पेपर और केमिकल्स: ₹73.3 करोड़ से घटकर ₹52.4 करोड़
- टॉवल: ₹47.6 करोड़ से घटकर ₹33.7 करोड़
यार्न कारोबार ने कंपनी की कुल कमाई में सबसे बड़ा योगदान दिया, जबकि टॉवल और पेपर-केमिकल्स सेगमेंट पर दबाव देखने को मिला।
शेयरधारकों के लिए ₹0.50 प्रति शेयर डिविडेंड
Trident के बोर्ड ने ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹0.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने की घोषणा की है। यह फैसला उन निवेशकों के लिए राहत की खबर है जो नियमित डिविडेंड आय पर ध्यान देते हैं।
विदेशी कारोबार बढ़ाने के लिए नई सब्सिडियरी
कंपनी के बोर्ड ने ब्रांड की पहुंच बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार मजबूत करने के लिए नई सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दी है।
नई सब्सिडियरी का मुख्य फोकस होगा:
- विदेशी बाजारों में Trident ब्रांड की मौजूदगी बढ़ाना
- सेल्स और मार्केटिंग नेटवर्क मजबूत करना
- बिजनेस डेवलपमेंट गतिविधियों का विस्तार
- वैश्विक ग्राहकों तक कंपनी के उत्पाद पहुंचाना
कंपनी का मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में निर्यात कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
Trident Share Price
21 जुलाई को NSE पर Trident का शेयर 0.28% की गिरावट के साथ ₹25.24 पर बंद हुआ।
स्टॉक का प्रदर्शन
- क्लोजिंग प्राइस: ₹25.24
- 1 साल का रिटर्न: लगभग -19.97%
- मार्केट कैप: करीब ₹12.67 हजार करोड़
हालांकि, पिछले एक साल में शेयर दबाव में रहा है, लेकिन तिमाही नतीजों में मुनाफे और डिविडेंड की घोषणा निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
जून तिमाही के नतीजे बताते हैं कि Trident का मुख्य यार्न कारोबार मजबूत बना हुआ है और कंपनी विदेशी बाजारों में विस्तार की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। दूसरी ओर, टॉवल और पेपर-केमिकल्स सेगमेंट में मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। आने वाली तिमाहियों में नई सब्सिडियरी और निर्यात कारोबार की प्रगति पर निवेशकों की नजर रहेगी।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


