UP SCR Affordable Housing Scheme Lucknow: उत्तर प्रदेश के राज्य राजधानी क्षेत्र (State Capital Region – SCR) में रहने वाले लोगों के लिए घर खरीदने का सपना अब पहले से ज्यादा आसान हो सकता है। लखनऊ समेत एससीआर के छह जिलों में बड़े पैमाने पर किफायती आवास विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस मेगा हाउसिंग प्लान के तहत वर्ष 2051 तक कुल 48.75 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें 13.36 लाख किफायती (Affordable) आवास आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों के लिए होंगे।
सरकार और संबंधित एजेंसियों का मानना है कि इस योजना से आने वाले वर्षों में करीब 33.40 लाख लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। तेजी से बढ़ती आबादी, रोजगार और शहरीकरण को देखते हुए यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी आवासीय योजनाओं में से एक मानी जा रही है।
क्यों बनाई गई यह मेगा हाउसिंग योजना?

लखनऊ और उसके आसपास के जिले पिछले कुछ वर्षों में तेजी से औद्योगिक, व्यावसायिक और रोजगार केंद्र के रूप में विकसित हुए हैं। नई कंपनियों, आईटी पार्क, एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोग इन क्षेत्रों में बस रहे हैं।
इसी बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 10 जुलाई को हुई समीक्षा बैठक में वर्ष 2051 तक की आवासीय जरूरतों का आकलन कर इस मेगा प्लान को मंजूरी दी गई।
योजना की प्रमुख बातें
- वर्ष 2051 तक 48.75 लाख नए आवास विकसित करने का लक्ष्य।
- इनमें 13.36 लाख किफायती मकान EWS और LIG परिवारों के लिए होंगे।
- लगभग 33.40 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान।
- कुल 70,000 एकड़ भूमि पर आवासीय परियोजनाएं विकसित होंगी।
- पहले चरण में 9,940 एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
किन जिलों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह योजना उत्तर प्रदेश के राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के छह जिलों में लागू होगी—
- लखनऊ
- बाराबंकी
- सीतापुर
- उन्नाव
- हरदोई
- रायबरेली
इन सभी जिलों में स्थानीय जरूरत और भविष्य की आबादी को ध्यान में रखते हुए आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
किस जिले में कितनी जमीन की होगी जरूरत?
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अनुसार इस परियोजना के लिए कुल 70 हजार एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी।
| जिला | प्रस्तावित भूमि |
|---|---|
| लखनऊ | 35,600 एकड़ |
| उन्नाव | 7,500 एकड़ |
| रायबरेली | 7,400 एकड़ |
| सीतापुर | 7,300 एकड़ |
| बाराबंकी | 6,900 एकड़ |
| हरदोई | 4,200 एकड़ |
सबसे अधिक भूमि लखनऊ जिले में प्रस्तावित की गई है क्योंकि यहां आवास की मांग सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है।
किन एजेंसियों को मिला जिम्मा?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी तीन प्रमुख सरकारी एजेंसियों को सौंपी गई है—
- लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA)
- सूडा (SUDA)
- उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद
ये एजेंसियां अलग-अलग जिलों में आवासीय योजनाओं का विकास करेंगी।
किन इलाकों में विकसित होंगी नई हाउसिंग योजनाएं?
योजना के तहत कई नए आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख स्थान शामिल हैं—
- सीतापुर रोड पर नैमिष नगर
- आगरा एक्सप्रेसवे के पास वरुण विहार
- सुलतानपुर रोड किसान पथ के निकट आईटी सिटी
- वेलनेस सिटी
- सीतापुर के नैमिषारण्य
- हरदोई का संडीला इंडस्ट्रियल एरिया
- बाराबंकी में सूडा की परियोजनाएं
- उन्नाव के नवाबगंज
- रायबरेली के बछरावां में आवास एवं विकास परिषद की योजनाएं
इन परियोजनाओं का उद्देश्य रोजगार, शिक्षा और परिवहन सुविधाओं के करीब आधुनिक आवास उपलब्ध कराना है।
सस्ते मकानों का आकार कितना होगा?
प्रस्तावित किफायती आवासों का औसत क्षेत्रफल लगभग 83.5 वर्ग मीटर (करीब 898.78 वर्ग फीट) रखा गया है। यह आकार मध्यम आय और निम्न आय वर्ग के परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
फ्लैट ज्यादा होंगे या प्लॉट?
योजना के अनुसार अधिकांश जिलों में ग्रुप हाउसिंग (फ्लैट्स) को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि सीमित भूमि पर अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा सके।
हालांकि रायबरेली में प्लॉट और ग्रुप हाउसिंग का अनुपात लगभग 50-50 प्रतिशत रखा जाएगा।
क्या होगी इन मकानों की कीमत?
फिलहाल सरकार ने नई परियोजनाओं की अंतिम कीमत घोषित नहीं की है।
वर्तमान समय में लखनऊ में कई सरकारी और किफायती हाउसिंग योजनाओं के फ्लैट 15 से 20 लाख रुपये के बीच उपलब्ध हैं। हालांकि यह पूरी परियोजना वर्ष 2051 तक की दीर्घकालिक योजना है, इसलिए नई परियोजनाओं की कीमतें भूमि लागत, निर्माण लागत और अन्य कारकों के आधार पर भविष्य में तय की जाएंगी।
लोगों को क्या होगा फायदा?
इस योजना से कई बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है—
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सस्ते घर मिल सकेंगे।
- तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में आवास की कमी दूर होगी।
- नई टाउनशिप और आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा।
- रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
- लखनऊ और आसपास के जिलों में संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार की UP SCR Affordable Housing Scheme आने वाले वर्षों में प्रदेश की सबसे बड़ी आवासीय परियोजनाओं में शामिल हो सकती है। यदि योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है तो लखनऊ समेत छह जिलों में लाखों परिवारों को किफायती घर मिलने का रास्ता साफ होगा। इसके साथ ही राज्य राजधानी क्षेत्र का शहरी विकास भी नई गति पकड़ेगा और भविष्य की बढ़ती आबादी के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था तैयार होगी।


