नई दिल्ली: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले सैकड़ों उत्पादों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सरकार कनाडा के हितों की रक्षा करते हुए अमेरिका के साथ बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कार्नी ने स्पष्ट किया कि कनाडा मुक्त और निष्पक्ष व्यापार में विश्वास करता है तथा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाए रखना चाहता है। हालांकि उन्होंने अमेरिकी फैसले को एकतरफा बताते हुए चिंता भी जताई।
अमेरिकी फैसले पर क्या बोले मार्क कार्नी?
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिकी प्रशासन ने कई कनाडाई उत्पादों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का इरादा जाहिर किया है। उनके अनुसार यह कदम अमेरिका द्वारा पहले से अपनाई जा रही एकतरफा व्यापारिक नीतियों का हिस्सा है।
कार्नी ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने कनाडा-अमेरिका-मैक्सिको मुक्त व्यापार समझौते (CUSMA/USMCA) की भावना के विपरीत कई फैसले लिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से कनाडा के ऑटोमोबाइल सेक्टर पर लगाए गए शुल्क का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समझौते का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के तहत अपने अधिकारों का ही इस्तेमाल किया है और देश के श्रमिकों, किसानों, उद्योगों तथा परिवारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
बातचीत के जरिए समाधान चाहता है कनाडा
मार्क कार्नी ने कहा कि पिछले 18 महीनों में अमेरिका अपनी व्यापार नीति में बड़े बदलाव कर रहा है, जिसका असर कनाडा के साथ व्यापारिक संबंधों पर भी पड़ा है।
उन्होंने बताया कि कनाडा ने इस विवाद को सुलझाने और CUSMA को आधुनिक बनाने के लिए अमेरिका के सामने कई विस्तृत प्रस्ताव रखे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच बातचीत तेज करने के लिए कनाडा पूरी तरह तैयार है।
कार्नी ने कहा,
“कनाडा मुक्त और निष्पक्ष व्यापार के लाभों में विश्वास करता है। हमारी नई सरकार ने 20 से अधिक नई आर्थिक और सुरक्षा साझेदारियों पर हस्ताक्षर किए हैं। हम दोनों देशों के साझा हितों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के साथ सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं।”
ट्रंप ने क्यों लगाया 50% अतिरिक्त टैरिफ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर आरोप लगाया है कि वह अमेरिकी उत्पादों, विशेषकर ऑटोमोबाइल, मादक पेय (अल्कोहलिक ड्रिंक्स) और डेयरी उत्पादों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रहा है।
इसी आधार पर ट्रंप प्रशासन ने 1930 के टैरिफ एक्ट की धारा 338 का उपयोग करते हुए तीन अलग-अलग घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए हैं। इनके तहत कनाडा से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जाएगा।
किन उत्पादों पर पड़ेगा असर?
व्हाइट हाउस के अनुसार नए टैरिफ कई श्रेणियों के कनाडाई उत्पादों पर लागू होंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- वाइन और अन्य शराब उत्पाद
- हॉकी स्टिक
- सीमेंट
- विभिन्न उपभोक्ता वस्तुएं
- अन्य कई औद्योगिक और विनिर्माण उत्पाद
हालांकि कुछ वस्तुओं को इस नए शुल्क से छूट दी गई है। इनमें शामिल हैं—
- ऊर्जा उत्पाद
- पोटाश
- सेक्शन 232 के तहत पहले से शुल्क वाले उत्पाद
- मछली
- महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
- कुछ अन्य निर्धारित वस्तुएं
30 दिन बाद लागू होंगे नए नियम
व्हाइट हाउस ने बताया कि ये अतिरिक्त टैरिफ राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिन बाद लागू होंगे। साथ ही इन्हें USMCA (United States-Mexico-Canada Agreement) के तहत मिलने वाली किसी भी विशेष रियायत से अलग रखा जाएगा।
दोनों देशों के व्यापार पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। खासकर ऑटोमोबाइल, कृषि, डेयरी और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े उद्योगों पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा बढ़ते आयात शुल्क का बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है, जिससे वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की आशंका है।
यदि दोनों देशों के बीच जल्द बातचीत नहीं होती है, तो यह विवाद उत्तरी अमेरिकी व्यापारिक संबंधों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।
(इनपुट: आईएएनएस)


