NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    pearl-wearing-rules-in-hindi
    मोती के गहने पहनने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम, नहीं तो हो सकता है उल्टा असर!
    21 जुलाई 2026
    wheat-price-august-price-hike-omss-global-wheat-market-hindi
    Wheat Price: क्या अगस्त में महंगा होगा गेहूं? जानिए क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और क्या कहते हैं बाजार के जानकार
    21 जुलाई 2026
    lonavala-viral-video-glass-bottle-thrown-from-bridge-hit-moving-car
    Viral Video: लोनावला में पुल से नीचे फेंकी कांच की बोतल चलती कार पर गिरी, वायरल वीडियो देख लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
    21 जुलाई 2026
    itr-last-date-2026-extension-tax-experts-advice
    क्या बढ़ेगी ITR की डेडलाइन? टैक्स एक्सपर्ट्स ने बताए 4 बड़े कारण, इंतजार किया तो हो सकता है भारी नुकसान
    21 जुलाई 2026
    maruti-suzuki-brezza-facelift-launch-24-july-e20-engine-features-hindi
    Maruti Suzuki Brezza Facelift 24 जुलाई को होगी लॉन्च, मिलेंगे E20 पेट्रोल के अनुकूल दो इंजन और ADAS जैसे दमदार फीचर्स
    21 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    21-july-2026-petrol-diesel-price-today
    Petrol Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव, जानिए आपके शहर में आज पेट्रोल-डीजल का नया रेट
    21 जुलाई 2026
    crude-oil-price-brent-crosses-91-dollar-petrol-diesel-price-impact-india
    Crude Oil में महाउछाल! $90 के पार निकला ब्रेंट, क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
    20 जुलाई 2026
    gold-silver-crude-oil-market-outlook-next-week-middle-east-tension-hindi
    गोल्ड से लेकर क्रूड ऑयल तक बड़ा अलर्ट! अगले सप्ताह मेटल मार्केट में आ सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव, जानिए किन स्तरों पर रहेगी नजर
    19 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-18-july-2026-wti-crude-brent-oil-price-india
    Petrol Diesel: WTI क्रूड एक हफ्ते में 11% से ज्यादा उछला, ब्रेंट फिर 88 डॉलर के पार, जानें आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का रेट
    18 जुलाई 2026
    crude-oil-price-imf-three-shock-absorbers-prevented-global-oil-crisis
    Crude Oil Price: 1 या 2 नहीं, पूरे 3 ‘शॉक एब्जॉर्बर्स’ ने बचाई दुनिया! IMF ने बताया क्यों नहीं भड़की तेल की कीमतें
    17 जुलाई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    bandhan-bank-q1-results-profit-up-35-percent-npa-improves-loan-deposit-growth
    Bandhan Bank Q1 Results: 35% बढ़ा मुनाफा, NPA में सुधार; लोन और डिपॉजिट ग्रोथ ने बढ़ाया भरोसा
    21 जुलाई 2026
    stock-market-outlook-20-to-24-july-q1-results-crude-oil-fii-focus
    Market Outlook: लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, 22 जुलाई को निफ्टी और बैंक निफ्टी में किन स्तरों पर रखें नजर?
    21 जुलाई 2026
    c2c-advanced-systems-share-crash-ashish-kacholia-sme-stock-falls-40-percent
    C2C Advanced Systems Share Crash: आशीष कचोलिया का पसंदीदा SME स्टॉक दो दिनों में 40% टूटा, निवेशकों में बढ़ी चिंता
    21 जुलाई 2026
    hdfc-bank-fall-sensex-nifty-close-red-investors-wealth-rises-2-lakh-crore
    HDFC Bank की गिरावट से Sensex-Nifty लगातार दूसरे दिन लाल, फिर भी निवेशकों की दौलत ₹2.09 लाख करोड़ बढ़ी
    21 जुलाई 2026
    adani-energy-q1-results-profit-jumps-124-percent-share-hits-record-high-hindi
    Adani Energy Q1 Results: अदाणी एनर्जी का मुनाफा 124% उछला, शेयर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, जानिए जून तिमाही के बड़े अपडेट
    21 जुलाई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: 74 घंटे काम, फिर भी सिर्फ 5% सैलरी हाइक! आखिर क्यों MNC कर्मचारी ने 10 साल बाद छोड़ दी नौकरी?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

74 घंटे काम, फिर भी सिर्फ 5% सैलरी हाइक! आखिर क्यों MNC कर्मचारी ने 10 साल बाद छोड़ दी नौकरी?

Namam Sharma
Last updated: 2026/07/20 at 9:25 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
low-salary-hike-74-hours-work-5-percent-increment-employee-quit-job
SHARE

Low Salary Hike: लंबे समय तक कड़ी मेहनत, ओवरटाइम और कंपनी के प्रति वफादारी के बावजूद जब उम्मीद के मुताबिक पहचान और वेतन वृद्धि नहीं मिलती, तो कर्मचारी का मनोबल टूटने लगता है। हैदराबाद के एक टेक प्रोफेशनल की कहानी इसी हकीकत को बयां करती है, जिसने एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में करीब 10 साल बिताने के बाद सिर्फ 5% सैलरी इंक्रीमेंट मिलने पर इस्तीफा दे दिया। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार सप्ताह में 74 घंटे तक काम किया, लेकिन मेहनत के मुकाबले मिला इनाम बेहद कम था।

Contents
10 साल तक कंपनी के साथ रहे, लेकिन आखिरकार छोड़नी पड़ी नौकरी“नारायण मूर्ति के सुझाव से भी ज्यादा घंटे काम किया”शुरुआत में सुनहरा दिखता था करियरबर्नआउट की सबसे बड़ी वजह क्या रही?सिर्फ क्लाइंट प्रोजेक्ट ही नहीं, अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी बढ़ती गईंछोटी टीम, कम समय और बढ़ता दबाव5% सैलरी हाइक ने तोड़ा मनोबलआखिर क्यों लिया नौकरी बदलने का फैसला?बदल गई सफलता की परिभाषाक्या सीख मिलती है?

10 साल तक कंपनी के साथ रहे, लेकिन आखिरकार छोड़नी पड़ी नौकरी

हैदराबाद के रहने वाले इस टेक प्रोफेशनल (पहचान छिपाने के लिए नाम बदला गया है) ने कॉलेज से निकलने के बाद सीधे एक प्रतिष्ठित कंसल्टिंग कंपनी में करियर की शुरुआत की थी। शुरुआत में उन्हें लगा था कि यही कंपनी उनके पूरे करियर का आधार बनेगी।

कंपनी का पार्टनरशिप मॉडल, बड़े क्लाइंट्स के साथ काम करने का मौका, अनुभवी लीडर्स की मेंटरशिप और लगातार सीखने का माहौल उन्हें लंबे समय तक वहीं बने रहने के लिए प्रेरित करता रहा। लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदलती गईं।

करीब एक दशक बाद उन्हें महसूस हुआ कि लगातार बढ़ते वर्कलोड, सीमित वेतन वृद्धि और प्रमोशन में देरी ने उनकी पेशेवर संतुष्टि को खत्म कर दिया है। आखिरकार उन्होंने नई कंपनी जॉइन करने का फैसला किया।

“नारायण मूर्ति के सुझाव से भी ज्यादा घंटे काम किया”

इस कर्मचारी का कहना है कि उन्होंने कई बार सप्ताह में 74 घंटे तक काम किया, जो इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति द्वारा सुझाए गए 70 घंटे के वर्कवीक से भी अधिक था।

उनके अनुसार, लगातार देर रात तक काम करना, सप्ताहांत पर भी उपलब्ध रहना और हर समय ऑफिस से जुड़े रहना उनकी दिनचर्या बन चुकी थी। इसके बावजूद उन्हें उम्मीद के मुताबिक प्रमोशन या वेतन वृद्धि नहीं मिली।

उन्होंने कहा कि कई बार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों और सामान्य प्रदर्शन करने वालों के बीच सैलरी इंक्रीमेंट का अंतर बेहद मामूली होता था। यही बात उन्हें सबसे ज्यादा निराश करती थी।


शुरुआत में सुनहरा दिखता था करियर

करियर की शुरुआत में उन्हें लगा था कि यदि वे लगातार मेहनत करेंगे तो भविष्य में नेतृत्व की भूमिका तक पहुंच सकते हैं। हर साल कंपनी में बने रहने का फैसला उन्हें सही लगता रहा क्योंकि सीखने और आगे बढ़ने के कई अवसर मिल रहे थे।

लेकिन धीरे-धीरे संगठन में बदलाव, प्रमोशन के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा और करियर ग्रोथ की धीमी रफ्तार ने उनकी सोच बदल दी।

उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति पहले दिन यह तय नहीं करता कि वह 10 साल तक किसी कंपनी में रहेगा। यह फैसला हर साल अनुभवों के आधार पर बनता है।

बर्नआउट की सबसे बड़ी वजह क्या रही?

कर्मचारी के मुताबिक सबसे बड़ी समस्या सिर्फ लंबे घंटे काम करना नहीं था, बल्कि काम से कभी पूरी तरह अलग न हो पाना था।

उन्होंने बताया कि:

  • सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान भी ऑफिस कॉल आते थे।
  • हमेशा लैपटॉप और ऑफिस फोन साथ रखना पड़ता था।
  • ऑफिस टाइम खत्म होने के बाद भी लगातार उपलब्ध रहने की अपेक्षा रहती थी।
  • छुट्टियों में भी क्लाइंट और टीम की जिम्मेदारियां खत्म नहीं होती थीं।

धीरे-धीरे काम ने निजी जिंदगी पर इतना असर डाला कि वर्क-लाइफ बैलेंस लगभग खत्म हो गया।


सिर्फ क्लाइंट प्रोजेक्ट ही नहीं, अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी बढ़ती गईं

कंसल्टिंग इंडस्ट्री में कर्मचारियों को सिर्फ क्लाइंट का काम ही नहीं करना पड़ता। इस प्रोफेशनल के अनुसार उन्हें कई अन्य जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती थीं, जैसे—

  • नए प्रोजेक्ट्स के लिए प्रपोजल तैयार करना
  • हायरिंग गतिविधियों में भाग लेना
  • इंटरनल प्रोजेक्ट्स संभालना
  • बिजनेस डेवलपमेंट में योगदान देना
  • प्रैक्टिस डेवलपमेंट से जुड़े कार्य

उनका कहना है कि जैसे-जैसे कर्मचारी वरिष्ठ पदों पर पहुंचता है, इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ और बढ़ता जाता है, जबकि इसके लिए अलग से कोई विशेष लाभ नहीं मिलता।

छोटी टीम, कम समय और बढ़ता दबाव

उन्होंने बताया कि पहले जिन प्रोजेक्ट्स के लिए छह लोगों की टीम और छह महीने का समय मिलता था, अब वही काम चार लोगों से पांच महीने में पूरा करने की उम्मीद की जाती है।

ऐसी स्थिति में कर्मचारियों पर काम का दबाव कई गुना बढ़ जाता है और लगातार ओवरटाइम करना मजबूरी बन जाता है।


5% सैलरी हाइक ने तोड़ा मनोबल

इस कर्मचारी का कहना है कि इस बार उन्हें केवल 5% वेतन वृद्धि मिली। उनका मानना है कि इतनी मेहनत और अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बाद यह बढ़ोतरी निराशाजनक थी।

उन्होंने यह भी कहा कि कई कर्मचारियों को इससे भी कम इंक्रीमेंट मिला, जबकि उनके प्रदर्शन में बड़ा अंतर था।

उनके मुताबिक असली समस्या सिर्फ वेतन नहीं थी, बल्कि मेहनत की उचित पहचान न मिलना थी। जब कर्मचारी को लगता है कि उसकी अतिरिक्त मेहनत और सामान्य प्रदर्शन के बीच कोई खास अंतर नहीं किया जा रहा, तो धीरे-धीरे उसका उत्साह खत्म होने लगता है।

आखिर क्यों लिया नौकरी बदलने का फैसला?

उन्होंने स्पष्ट किया कि नौकरी छोड़ने का फैसला केवल पैसे के कारण नहीं था।

उनके अनुसार इसके पीछे कई वजहें थीं—

  • करियर ग्रोथ की धीमी रफ्तार
  • प्रमोशन प्रक्रिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
  • लगातार बर्नआउट
  • निजी जीवन के लिए समय की कमी
  • बदलती प्राथमिकताएं
  • बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस की तलाश

नई कंपनी में उन्हें बेहतर वेतन तो मिला ही, साथ ही अपने समय पर ज्यादा नियंत्रण और संतुलित जीवन भी मिला।


बदल गई सफलता की परिभाषा

पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें अपने पुराने अनुभवों का कोई पछतावा नहीं है। उनका मानना है कि उसी कंपनी ने उन्हें तकनीकी कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व का अनुभव दिया।

हालांकि अब उनकी सफलता की परिभाषा बदल चुकी है। 22 साल की उम्र में सफलता का मतलब केवल तेज करियर ग्रोथ और बड़ी कंपनी था, लेकिन 35 साल की उम्र में उनके लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य, परिवार के लिए समय और संतुलित जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया।

क्या सीख मिलती है?

यह कहानी बताती है कि आज के कॉर्पोरेट माहौल में केवल लंबे घंटे काम करना सफलता की गारंटी नहीं है। कर्मचारी अब सिर्फ वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि मान्यता, करियर ग्रोथ, मानसिक स्वास्थ्य और वर्क-लाइफ बैलेंस को भी उतनी ही अहमियत दे रहे हैं। यदि मेहनत के अनुपात में पहचान और अवसर नहीं मिलते, तो अनुभवी कर्मचारी भी बेहतर विकल्प की तलाश में नौकरी बदलने का फैसला लेने से पीछे नहीं हटते।

You Might Also Like

मोती के गहने पहनने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम, नहीं तो हो सकता है उल्टा असर!

Wheat Price: क्या अगस्त में महंगा होगा गेहूं? जानिए क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और क्या कहते हैं बाजार के जानकार

Viral Video: लोनावला में पुल से नीचे फेंकी कांच की बोतल चलती कार पर गिरी, वायरल वीडियो देख लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

क्या बढ़ेगी ITR की डेडलाइन? टैक्स एक्सपर्ट्स ने बताए 4 बड़े कारण, इंतजार किया तो हो सकता है भारी नुकसान

Maruti Suzuki Brezza Facelift 24 जुलाई को होगी लॉन्च, मिलेंगे E20 पेट्रोल के अनुकूल दो इंजन और ADAS जैसे दमदार फीचर्स

TAGGED: Burnout, Career Growth, corporate india, Corporate News, Employee Resignation, Job Switch, Low Salary Hike, MNC Jobs, Narayana Murthy, Office Culture, Salary Hike News, Salary Increment, Tech Employee, Work Life Balance
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article government-strengthens-fintech-ecosystem-rbi-digital-lending-cyber-security-dpdp-act सरकार ने फिनटेक इकोसिस्टम को किया और मजबूत, डिजिटल लोन और पेमेंट प्लेटफॉर्म पर बढ़ी निगरानी; पंकज चौधरी ने बताए बड़े कदम
Next Article gitanjali-angmo-profile-sonam-wangchuk-wife-hial-ceo-hindi Gitanjali Angmo Profile: 15 साल कॉर्पोरेट में बिताए, अब HIAL की CEO; जानिए सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो का सफर

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: Indo-MIM IPO का GMP सबसे ऊपर, Caliber Mining और Xtranet Technologies भी चर्चा में, जानें सभी IPO का लेटेस्ट ग्रे मार्केट प्रीमियम
शेयर बाज़ार फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
8th-pay-commission-railway-engineers-salary-revision-group-b-demand-hindi
8th Pay Commission: रेलवे इंजीनियरों की बड़ी मांगें, सैलरी रिवीजन से ग्रुप-B स्टेटस तक जानें पूरी डिटेल
बिजनेस न्यूज़ 8 वेतन आयोग

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?