Noida Riverfront Road Project: नोएडा में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मंजूर कर दिया है। अथॉरिटी यमुना-हरनंदी दोआब के किनारे करीब 29 किलोमीटर लंबी 4-लेन रिवरफ्रंट रोड का निर्माण करेगी, जिस पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह नया कॉरिडोर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का एक मजबूत विकल्प बनेगा और लाखों लोगों की यात्रा को आसान करेगा।
हाईलाइट्स
- 29 किलोमीटर लंबी 4-लेन रिवरफ्रंट रोड को मंजूरी
- प्रोजेक्ट पर करीब ₹500 करोड़ की लागत आएगी
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का वैकल्पिक मार्ग बनेगा
- 75 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, 25 सेक्टर और 20 गांवों को मिलेगा लाभ
- करीब 5 लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का फायदा
- बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी
ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 10 लाख वाहन गुजरते हैं। पीक आवर्स के दौरान यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे यात्रियों का काफी समय बर्बाद होता है।
नई रिवरफ्रंट रोड बनने के बाद ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा इस वैकल्पिक मार्ग पर शिफ्ट हो सकेगा। इससे एक्सप्रेसवे पर दबाव कम होगा और नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
29 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की क्या है योजना?
नोएडा अथॉरिटी के अनुसार इस परियोजना को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा।
- 11.2 किलोमीटर लंबी मौजूदा फोर-लेन सड़क का नवीनीकरण किया जाएगा।
- 17 किलोमीटर लंबा नया 4-लेन कॉरिडोर हरनंदी दोआब के किनारे विकसित होगा।
यह नया मार्ग सेक्टर-150 तक पहुंचेगा, जहां यह कोंडली-बांगर की ओर जाने वाली 75 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ जाएगा। इससे यात्रियों को लगातार वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
पहले से चल रहा है सड़क अपग्रेडेशन
यमुना तटबंध के किनारे मौजूद 11.2 किलोमीटर सड़क के नवीनीकरण का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
- अनुमानित लागत: ₹34 करोड़
- अब तक जारी राशि: ₹11 करोड़
नई परियोजना के तहत इसी सड़क को और बेहतर बनाया जाएगा तथा आगे नया फोर-लेन कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।
इन सेक्टरों को मिलेगा सीधा फायदा
इस परियोजना से नोएडा के कई प्रमुख सेक्टरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- सेक्टर 94
- सेक्टर 124
- सेक्टर 125
- सेक्टर 126
- सेक्टर 127
- सेक्टर 128
- सेक्टर 129
- सेक्टर 130
- सेक्टर 131
- सेक्टर 132
- सेक्टर 133
- सेक्टर 134
- सेक्टर 135
- सेक्टर 150
- सेक्टर 151
- सेक्टर 152
- सेक्टर 153
- सेक्टर 154
- सेक्टर 155
- सेक्टर 158
- सेक्टर 159
- सेक्टर 163
- सेक्टर 164
- सेक्टर 168
इनके अलावा आसपास स्थित 75 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों के निवासियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
20 गांवों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
रिवरफ्रंट रोड बनने से जिन गांवों को फायदा मिलने की संभावना है, उनमें प्रमुख हैं—
- रायपुर
- बख्तावरपुर
- असगरपुर जहांगीर
- सुल्तानपुर
- शाहपुर गोवर्धनपुर
- शाहपुर गढ़ी
- नंगला नंगली
- रोहिल्लापुर
- नंगला वाजिदपुर
- छपरौली
- मंगरौली
- मोहियापुर
- बदौली
- झट्टा
- दल्लूपुरा
- गुजरान डेरिन
- कमबक्शपुर
- याकूतपुर
- गुलावली
- मोमनाथल
इन गांवों के लोगों को शहर के प्रमुख इलाकों तक पहुंचने में कम समय लगेगा और आवागमन पहले की तुलना में आसान होगा।
भूमि अधिग्रहण की जरूरत होगी बेहद कम
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए बड़े स्तर पर किसानों की जमीन अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास दोआब क्षेत्र में पहले से 22 से 28 मीटर चौड़ी भूमि उपलब्ध है, जो फोर-लेन सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
जहां अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी और किसान सहमत होंगे, वहां उचित मुआवजा देकर तटबंध का विस्तार किया जाएगा।
CEO कृष्णा करुणेश ने क्या कहा?
नोएडा अथॉरिटी के CEO कृष्णा करुणेश के अनुसार, अथॉरिटी इस परियोजना पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
उन्होंने कहा कि यह नया कॉरिडोर केवल ट्रैफिक जाम कम करने का साधन नहीं होगा, बल्कि यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र के सुनियोजित शहरी विकास को भी गति देगा। किसानों की सहमति वाले क्षेत्रों में तटबंध का विस्तार किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उचित मुआवजा भी दिया जाएगा।
रियल एस्टेट और विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई सड़क का सबसे बड़ा फायदा रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा। यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र में पहले से स्पोर्ट्स सिटी, जेपी विश टाउन और कई नई आवासीय परियोजनाएं विकसित हो रही हैं।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने से यहां संपत्तियों की मांग बढ़ सकती है, निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय व्यापार व आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
भविष्य के लिए महत्वपूर्ण परियोजना
नोएडा तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में आबादी व वाहनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह 29 किलोमीटर लंबा रिवरफ्रंट रोड प्रोजेक्ट भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है।
यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का प्रभावी विकल्प बनकर लाखों लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी और पूरे क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।


