KPI Green Energy News: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी KPI Green Energy ने गुजरात के खावड़ा में कोल इंडिया के लिए 200 MW क्षमता वाला विशाल सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक शुरू कर दिया है। कंपनी की यह उपलब्धि उसके 2030 तक 10 GW क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो तैयार करने के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
Highlights
- KPI Green Energy ने 200 MW AC क्षमता वाला सोलर प्लांट किया शुरू
- गुजरात के खावड़ा स्थित GIPCL सोलर पार्क में तैयार हुआ प्रोजेक्ट
- कोल इंडिया के लिए EPC मॉडल पर विकसित किया गया प्लांट
- कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 10 GW क्लीन एनर्जी क्षमता हासिल करना
- शेयर ने जनवरी 2019 से अब तक दिया करीब 4800% से ज्यादा रिटर्न
KPI Green Energy ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली। भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बीच KPI Green Energy ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने गुजरात के खावड़ा में दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल कोयला उत्पादक कंपनी Coal India Limited के लिए तैयार किए गए बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है।
कंपनी ने जानकारी दी है कि उसने 200 MW (AC) और 269 MW (DC) क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट को ऑपरेशनल कर दिया है। यह प्रोजेक्ट गुजरात के कच्छ जिले में स्थित GIPCL के खावड़ा सोलर पार्क में विकसित किया गया है।
यह उपलब्धि KPI Green Energy की बड़े पैमाने पर सोलर प्रोजेक्ट्स को डिजाइन, डेवलप और समय पर पूरा करने की इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाती है।
कोल इंडिया के लिए EPC आधार पर तैयार किया गया प्रोजेक्ट
यह सोलर प्लांट एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसकी कुल क्षमता 300 MW AC और 405 MW DC है। KPI Green Energy इस पूरे प्रोजेक्ट को Engineering, Procurement and Construction (EPC) मॉडल के तहत विकसित कर रही है।
कंपनी के अनुसार, प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर निर्माण और कमीशनिंग तक सभी प्रमुख कार्यों को तय समयसीमा के अनुसार पूरा किया गया है।
इस प्रोजेक्ट को गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) की ओर से भी प्रमाणित किया गया है।
खावड़ा में मजबूत हो रही KPI Green Energy की पकड़
गुजरात का खावड़ा क्षेत्र देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। यहां बड़े पैमाने पर सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट लगाए जा रहे हैं।
KPI Green Energy की यह परियोजना कंपनी को खावड़ा के बढ़ते क्लीन एनर्जी बाजार में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में सरकार द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिए जाने से आने वाले वर्षों में सोलर EPC कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
2030 तक 10 GW क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो का लक्ष्य
KPI Green Energy की पैरेंट कंपनी KP Group ने आने वाले वर्षों के लिए बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी का उद्देश्य साल 2030 तक 10 GW क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो तैयार करना है।
इस लक्ष्य में सोलर, विंड और हाइब्रिड एनर्जी प्रोजेक्ट्स की अहम भूमिका होगी। खावड़ा जैसे बड़े प्रोजेक्ट कंपनी को इस लक्ष्य तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं।
₹8 से ₹410 तक पहुंचा KPI Green Energy का शेयर
KPI Green Energy के शेयर ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।
जनवरी 2019 में जब कंपनी का शेयर बाजार में करीब ₹8.35 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था, वह अब बढ़कर करीब ₹410 रुपये के आसपास पहुंच चुका है।
इस हिसाब से कंपनी के शेयर ने लगभग साढ़े सात साल में करीब 4810% का रिटर्न दिया है।
अगर किसी निवेशक ने जनवरी 2019 में इस शेयर में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो उसकी वैल्यू आज लगभग 49 लाख रुपये के करीब होती।
हालांकि, पिछले कुछ समय में शेयर में गिरावट भी देखने को मिली है। पिछले एक साल में KPI Green Energy का स्टॉक करीब 25% नीचे आया है, जबकि साल 2026 में अब तक इसमें लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई है।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ रहे अवसर
भारत सरकार का लक्ष्य देश की कुल ऊर्जा जरूरतों में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ाना है। ऐसे में सोलर पावर, विंड एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के लिए लंबे समय में अवसर बढ़ सकते हैं।
KPI Green Energy की ताजा उपलब्धि कंपनी की तकनीकी क्षमता और बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालने की योग्यता को दिखाती है। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और सेक्टर जोखिमों का विश्लेषण करना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी दी गई है, निवेश की सलाह नहीं। Stock Market में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।


