Ankur Warikoo Money Rules: अक्सर लोगों को लगता है कि सफल और अमीर लोगों की जिंदगी सिर्फ महंगे ब्रांड्स, लग्जरी कारों और आलीशान लाइफस्टाइल के इर्द-गिर्द घूमती है। लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है। कई सफल लोग अपने पैसों का इस्तेमाल बेहद सोच-समझकर करते हैं और खर्च से ज्यादा बचत, निवेश और आर्थिक आजादी को प्राथमिकता देते हैं।
इसी सोच का उदाहरण मशहूर कंटेंट क्रिएटर और एंटरप्रेन्योर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी राधा ने हाल ही में साझा किया। उन्होंने बताया कि दो बच्चों के साथ 45 साल की उम्र में उनका परिवार किस तरह पैसे का प्रबंधन करता है और कौन-से पांच मनी रूल्स अपनाता है। ये नियम सिर्फ करोड़पतियों के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए उपयोगी हैं जो अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहता है।
Highlights
- अमीर दिखने के बजाय अमीर बनने पर दें जोर
- हेल्दी फूड पर खर्च को मानते हैं सबसे अच्छा निवेश
- चीजों से ज्यादा अनुभव और सीखने पर खर्च
- सैलरी आते ही पहले निवेश, फिर खर्च
- किताबों और नई स्किल्स पर खर्च करने से नहीं करते समझौता
1. अमीर दिखने की नहीं, आर्थिक आजादी पाने की सोच रखें
अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम है कि दिखावे के लिए खर्च करने से बचें। उनका मानना है कि महंगे ब्रांडेड कपड़े, गैजेट्स या लग्जरी सामान खरीदने से कोई व्यक्ति अमीर नहीं बनता।
उनका कहना है कि अगर वही पैसा सही जगह निवेश किया जाए तो भविष्य में आर्थिक स्वतंत्रता हासिल की जा सकती है। वारिकू के शब्दों में, “हम अमीर दिखने के लिए पैसे खर्च नहीं करते, बल्कि अमीर बनने और आर्थिक आजादी पाने के लिए खर्च करते हैं।”
आज सोशल मीडिया के दौर में दूसरों को प्रभावित करने के लिए अनावश्यक खर्च करना आसान हो गया है, लेकिन लंबी अवधि में यही आदत वित्तीय लक्ष्यों को नुकसान पहुंचा सकती है।
2. हेल्दी फूड पर खर्च करना खर्च नहीं, निवेश है
दूसरा नियम स्वास्थ्य से जुड़ा है। अंकुर और राधा का मानना है कि शरीर सबसे बड़ी पूंजी है। इसलिए यदि अच्छी और पौष्टिक चीजों पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़े तो इसमें कोई बुराई नहीं है।
उनके मुताबिक, ऑर्गेनिक या हेल्दी फूड्स सामान्य खाद्य पदार्थों की तुलना में महंगे हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय में यह बेहतर स्वास्थ्य और कम मेडिकल खर्च का कारण बनते हैं।
अगर आपकी सेहत अच्छी रहेगी तो काम करने की क्षमता, कमाई और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर रहेगी।
3. तड़क-भड़क वाली चीजों के बजाय अनुभव और सीखने पर करें खर्च
वारिकू परिवार का तीसरा नियम है कि भौतिक चीजों से ज्यादा अनुभवों (Experiences) पर खर्च करें।
उनका मानना है कि नई जगहों पर घूमना, अलग-अलग संस्कृतियों को समझना और नए अनुभव हासिल करना इंसान को ज्यादा समृद्ध बनाता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल उनका परिवार करीब 116 दिन यात्रा पर रहा, क्योंकि वे मानते हैं कि यात्रा केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सीखने का भी माध्यम है।
महंगे सामान की खुशी कुछ समय की होती है, जबकि अच्छे अनुभव जीवनभर याद रहते हैं।
4. पहले निवेश करें, फिर खर्च
यह नियम पर्सनल फाइनेंस का सबसे लोकप्रिय सिद्धांत माना जाता है।
अधिकतर लोग महीने की शुरुआत में खर्च करते हैं और जो पैसा बचता है उसे निवेश करते हैं। लेकिन अंकुर वारिकू इसका उल्टा करते हैं। जैसे ही उनकी आय आती है, उसका बड़ा हिस्सा सीधे निवेश में चला जाता है। इसके बाद जो राशि बचती है, उसी से पूरे महीने का खर्च चलता है।
उन्होंने बताया कि कई बार महीने के अंत तक उनके बैंक खाते में केवल 9,000 रुपये और 6,000 रुपये ही बचते हैं, क्योंकि अधिकांश रकम पहले ही निवेश की जा चुकी होती है।
यह आदत लंबे समय में धन निर्माण (Wealth Creation) और कंपाउंडिंग का फायदा दिलाती है।
5. किताबों और नई स्किल्स पर खर्च करने में कभी कंजूसी न करें
अंकुर वारिकू का पांचवां नियम है कि सीखने में किया गया खर्च कभी बेकार नहीं जाता।
उन्होंने बताया कि उनके परिवार में नई किताबें खरीदना, नई स्किल्स सीखना और बच्चों की शिक्षा पर खर्च को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है। उनकी पत्नी राधा पॉटरी, वॉटरकलर पेंटिंग और टेनिस जैसी नई गतिविधियां सीख रही हैं, जबकि उनके बच्चे भी अलग-अलग क्लासेज में भाग लेते हैं।
उनका मानना है कि ज्ञान और कौशल ऐसे निवेश हैं जिनका लाभ पूरी जिंदगी मिलता है।
इन 5 मनी रूल्स से क्या सीख मिलती है?
अंकुर वारिकू और राधा की वित्तीय आदतें बताती हैं कि अच्छी कमाई से ज्यादा जरूरी है पैसों का सही प्रबंधन। अगर कोई व्यक्ति दिखावे से बचकर बचत, निवेश, स्वास्थ्य और सीखने को प्राथमिकता देता है, तो वह धीरे-धीरे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है।
इन पांच नियमों का सार यही है कि कमाई बढ़ाने के साथ-साथ सही वित्तीय आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है।
निष्कर्ष
हर व्यक्ति की आय और जरूरतें अलग होती हैं, लेकिन वित्तीय अनुशासन के कुछ सिद्धांत लगभग सभी पर लागू होते हैं। अमीर बनने की शुरुआत केवल ज्यादा पैसा कमाने से नहीं, बल्कि सही फैसले लेने से होती है। यदि आप भी पहले निवेश, सीमित खर्च, स्वास्थ्य और सीखने को प्राथमिकता देते हैं, तो लंबे समय में बेहतर वित्तीय भविष्य बना सकते हैं।


