Skill India News: भारत सरकार कौशल विकास (Skill Development) को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है। अब इस मिशन में निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वेदांता ग्रुप ने दावा किया है कि उसने पिछले छह वर्षों में अपनी विभिन्न स्किल डेवलपमेंट पहल के जरिए करीब 20 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया है। कंपनी सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने पर काम कर रही है।
भारत में स्किल्ड वर्कफोर्स बढ़ाना बड़ी चुनौती
भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। देश में काम करने वाले लोगों की संख्या तो बहुत अधिक है, लेकिन औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोगों का प्रतिशत अभी भी काफी कम है।
अधिकांश लोग काम करते-करते अनुभव के आधार पर सीखते हैं, जबकि विकसित देशों में पहले प्रशिक्षण दिया जाता है और उसके बाद रोजगार मिलता है। यही वजह है कि वहां उत्पादकता और कार्यकुशलता बेहतर रहती है। भारत में भी अब इस सोच को बदलने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
डिजिटल दौर में बढ़ी प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत
डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के तेजी से विस्तार के कारण उद्योगों को प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम कर्मचारियों की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत अपनी युवा आबादी का पूरा लाभ उठाना चाहता है तो उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण को मजबूत करना होगा। इसी दिशा में सरकार और निजी कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं।
वेदांता ग्रुप ने 20 लाख लोगों को दिया प्रशिक्षण
विश्व कौशल दिवस के अवसर पर सामने आए आंकड़ों के अनुसार, वेदांता ग्रुप ने पिछले छह वर्षों में अपनी विभिन्न स्किल डेवलपमेंट पहल के माध्यम से लगभग 20 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया है।
कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल नौकरी के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर आजीविका, स्वरोजगार और उद्यमिता को भी बढ़ावा देना है। इसके लिए युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है।
कई सरकारी योजनाओं के साथ कर रही है काम
वेदांता ग्रुप कई प्रमुख सरकारी कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इनमें शामिल हैं—
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY)
- पीएम विश्वकर्मा योजना
- राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) से जुड़ी योजनाएं
- स्किल इंडिया इम्पैक्ट बॉन्ड (SIIB)
- मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (MMKVY)
- ओडिशा स्किल डेवलपमेंट अथॉरिटी (OSDA) की योजनाएं
इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उद्योगों के साथ मिलकर तैयार हो रहा भविष्य का कार्यबल
कंपनी विभिन्न उद्योगों और प्रशिक्षण साझेदार संस्थानों के साथ मिलकर ऐसे कार्यक्रम तैयार कर रही है जो बदलती रोजगार जरूरतों के अनुरूप हों। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल सर्टिफिकेट देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार योग्य बनाना है ताकि वे आधुनिक उद्योगों में आसानी से काम कर सकें।
कई देशों में फैला है वेदांता का कारोबार
वेदांता ग्रुप मेटल, ऑयल एंड गैस, मिनरल्स, एनर्जी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम करता है। कंपनी का कारोबार भारत के अलावा दक्षिण अफ्रीका, लाइबेरिया और नामीबिया जैसे देशों तक फैला हुआ है।
कंपनी का कहना है कि वह समान अवसर उपलब्ध कराने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सक्षम एवं प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने के लिए अपनी कौशल विकास पहलों को लगातार आगे बढ़ा रही है।
Skill India मिशन को मिलेगा मजबूती
सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया का स्किल कैपिटल बनाना है। इसके लिए सरकारी योजनाओं के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वेदांता जैसी कंपनियों की पहल से लाखों युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिल रहे हैं। यदि इसी तरह उद्योग और सरकार मिलकर काम करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारत की स्किल्ड वर्कफोर्स वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकती है.


