Apple Market Cap: iPhone निर्माता Apple ने एक बार फिर दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी का ताज अपने नाम कर लिया है। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 4.88 लाख करोड़ डॉलर पहुंच गया, जिससे उसने AI चिप दिग्गज Nvidia को मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया। करीब एक साल बाद Apple ने यह शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि Nvidia लंबे समय से पहले नंबर पर बनी हुई थी।
Apple ने Nvidia को कैसे पछाड़ा?
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबार के दौरान Apple का मार्केट कैप लगभग 4.88 लाख करोड़ डॉलर रहा। दूसरी ओर, Nvidia के शेयरों में करीब 3.5% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे उसका मार्केट कैप घटकर लगभग 4.86 लाख करोड़ डॉलर रह गया।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब निवेशक केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि मजबूत ब्रांड, स्थिर आय और लंबे समय की ग्रोथ क्षमता वाली कंपनियों पर भी भरोसा जता रहे हैं।
करीब एक साल बाद फिर नंबर-1 बना Apple
Apple ने पिछले साल अप्रैल के बाद पहली बार दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी का स्थान हासिल किया है। इससे पहले Nvidia ने जून 2025 में Microsoft को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया था और लगभग एक साल तक इस सूची में शीर्ष पर बनी रही।
इतना ही नहीं, अक्टूबर 2025 में Nvidia 5 लाख करोड़ डॉलर की मार्केट वैल्यूएशन पार करने वाली दुनिया की पहली कंपनी भी बनी थी। AI चिप्स की जबरदस्त मांग ने कंपनी को रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचाया था।
क्या Nvidia फिर से नंबर-1 बन सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैंकिंग स्थायी नहीं है। Nvidia अभी भी AI सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है और डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग तथा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च का सबसे बड़ा लाभ उठा रही है।
अगर आने वाले महीनों में AI सेक्टर में निवेश का रुझान फिर तेज होता है या Nvidia के वित्तीय नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो कंपनी दोबारा दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन सकती है।
Apple के सामने भी हैं चुनौतियां
हालांकि Apple ने फिलहाल पहला स्थान हासिल कर लिया है, लेकिन कंपनी के सामने भी कई चुनौतियां मौजूद हैं।
बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग लागत और सप्लाई चेन खर्च को देखते हुए Apple ने जून में कई बाजारों में MacBook और iPad की कीमतों में 25% तक बढ़ोतरी की थी। कीमतें बढ़ने से भविष्य में इन डिवाइसेज की मांग पर असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर महंगे प्रोडक्ट्स की बिक्री धीमी पड़ती है, तो इसका असर कंपनी की आय और शेयर प्रदर्शन पर भी दिखाई दे सकता है।
शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
इस साल Apple और Nvidia दोनों कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया है, लेकिन Apple का प्रदर्शन ज्यादा मजबूत रहा।
- Apple के शेयरों में 2026 में अब तक करीब 22-23% की तेजी दर्ज की गई है।
- Nvidia के शेयर इसी अवधि में लगभग 7% चढ़े हैं।
- शुक्रवार की ट्रेडिंग में Nvidia के शेयर करीब 3.5% फिसले, जबकि Apple के शेयर लगभग स्थिर रहे।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
Apple का फिर से नंबर-1 बनना यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक अब केवल AI थीम पर निर्भर नहीं रहना चाहते। मजबूत ब्रांड, स्थिर कैश फ्लो, प्रीमियम प्रोडक्ट्स और लंबे समय तक लाभ कमाने की क्षमता रखने वाली कंपनियां भी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।
हालांकि Apple और Nvidia के बीच मार्केट कैप का अंतर बहुत कम है। ऐसे में आने वाले दिनों में शेयर कीमतों में मामूली बदलाव भी दोनों कंपनियों की रैंकिंग बदल सकता है।


