मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 9.2 फीसदी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 7,108 करोड़ रुपये था। मजबूत मोबाइल और होम ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर ग्रोथ, बढ़ते डेटा उपयोग और डिजिटल सेवाओं से मिलने वाले राजस्व ने कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती दी।
17 जुलाई को जारी तिमाही नतीजों के अनुसार कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाले राजस्व, EBITDA और औसत प्रति यूजर आय (ARPU) में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जियो ने इस दौरान 5G नेटवर्क के विस्तार और डिजिटल सेवाओं के कारोबार में भी तेज प्रगति की।
ऑपरेशंस से रेवेन्यू में 11.8% की बढ़ोतरी
जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 11.8 फीसदी बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 35,032 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का कुल रेवेन्यू 12 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 45,961 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि ग्राहकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, बेहतर नेटवर्क अनुभव और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग ने कंपनी के राजस्व को नई ऊंचाई दी है।
EBITDA में 15.1% का उछाल
जून तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का EBITDA 15.1 फीसदी बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 18,135 करोड़ रुपये था।
हालांकि कंपनी ने कहा कि इस तिमाही के मुनाफे पर उच्च वित्तीय लागत (Higher Finance Cost) और 5G एसेट्स के कैपिटलाइजेशन के कारण बढ़े डेप्रिसिएशन का कुछ असर पड़ा। इसके बावजूद परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना रहा।
ARPU बढ़कर ₹215.6 हुआ
टेलीकॉम सेक्टर में सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में शामिल ARPU (Average Revenue Per User) भी बेहतर हुआ।
- ARPU बढ़कर 215.6 रुपये पहुंचा।
- सालाना आधार पर इसमें 3.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
- प्रति ग्राहक डेटा खपत 43.7 जीबी प्रति माह रही।
- कुल डेटा ट्रैफिक में 26.9 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि ग्राहक पहले की तुलना में अधिक डेटा का उपयोग कर रहे हैं और प्रीमियम सेवाओं की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
53.3 करोड़ हुए कुल सब्सक्राइबर
जियो ने ग्राहक आधार में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की।
- कुल सब्सक्राइबर: 53.3 करोड़
- 5G सब्सक्राइबर: 28.5 करोड़
- डेटा उपयोग: 43.7 GB प्रति यूजर प्रति माह
- डेटा ट्रैफिक ग्रोथ: 26.9% YoY
भारत में 5G सेवाओं के तेजी से विस्तार का सबसे बड़ा लाभ जियो को मिलता दिखाई दे रहा है।
डिजिटल सर्विसेज से आय में 20% की बढ़ोतरी
कंपनी ने बताया कि उसकी डिजिटल सर्विसेज का रेवेन्यू सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़ा।
इस वृद्धि में कई नए कारोबारों का अहम योगदान रहा, जिनमें शामिल हैं—
- कंटेंट प्लेटफॉर्म
- क्लाउड कंप्यूटिंग
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)
- मैनेज्ड सर्विसेज
वहीं पारंपरिक कनेक्टिविटी बिजनेस का राजस्व भी 11 फीसदी बढ़ा।
आकाश अंबानी बोले- जियो अब डीप-टेक कंपनी बन चुकी है
जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा कि कंपनी अब केवल टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं रही, बल्कि एक डीप-टेक कंपनी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है।
उन्होंने कहा कि जियो ने एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड और नेटवर्क इनोवेशन में लगातार निवेश किया है। कंपनी के मजबूत पेटेंट पोर्टफोलियो को वैश्विक स्तर पर भी मान्यता मिल रही है, जो भविष्य में नए डिजिटल समाधानों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रमुख वित्तीय आंकड़े (Q1 FY27)
| पैरामीटर | Q1 FY27 | Q1 FY26 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| नेट प्रॉफिट | ₹7,764 करोड़ | ₹7,108 करोड़ | +9.2% |
| ऑपरेशंस से रेवेन्यू | ₹39,173 करोड़ | ₹35,032 करोड़ | +11.8% |
| कुल रेवेन्यू | ₹45,961 करोड़ | ₹41,040 करोड़ (लगभग) | +12% |
| EBITDA | ₹20,865 करोड़ | ₹18,135 करोड़ | +15.1% |
| ARPU | ₹215.6 | ₹208.7 (लगभग) | +3.3% |
| कुल सब्सक्राइबर | 53.3 करोड़ | — | — |
| 5G सब्सक्राइबर | 28.5 करोड़ | — | — |
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
जियो प्लेटफॉर्म्स के तिमाही नतीजे बताते हैं कि कंपनी का मुख्य टेलीकॉम कारोबार मजबूत बना हुआ है। साथ ही क्लाउड, IoT और डिजिटल सेवाओं जैसे नए क्षेत्रों से भी अच्छी आय आने लगी है। 5G ग्राहकों की तेज बढ़ोतरी और लगातार बढ़ता डेटा उपयोग भविष्य में कंपनी की आय को और मजबूती दे सकता है। हालांकि 5G नेटवर्क पर भारी निवेश के कारण वित्तीय लागत और डेप्रिसिएशन फिलहाल मुनाफे पर दबाव बनाए रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार और निवेश से जुड़े इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी देना है। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


