Reliance Industries Q1 Results: देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन करते हुए बाजार की उम्मीदों से बेहतर परिणाम पेश किए। ऑयल-टू-केमिकल (O2C), डिजिटल सर्विसेज (Jio) और रिटेल बिजनेस में डबल डिजिट ग्रोथ के दम पर कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 25% बढ़कर ₹3.40 लाख करोड़ पहुंच गया। इसके साथ ही EBITDA और रिकरिंग प्रॉफिट भी रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किए गए।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 17 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद अपने जून तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा की। वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव और कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दिखाया, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।
सभी प्रमुख बिजनेस सेगमेंट ने दिखाई दमदार ग्रोथ
कंपनी के मुताबिक, जून तिमाही में ऑयल-टू-केमिकल (O2C), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल बिजनेस ने शानदार प्रदर्शन किया। तीनों प्रमुख सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई, जिसने कुल रेवेन्यू और मुनाफे को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
ऊर्जा कारोबार पर वैश्विक बाजार में दबाव के बावजूद रिलायंस ने अपने विविध बिजनेस मॉडल के दम पर शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का कहना है कि अलग-अलग सेक्टरों में मौजूदगी होने के कारण किसी एक कारोबार में कमजोरी का असर पूरे समूह पर नहीं पड़ा।
25% बढ़ा कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में 25% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹3.40 लाख करोड़ रहा। यह बढ़ोतरी कंपनी के सभी प्रमुख बिजनेस सेगमेंट में मजबूत मांग और बेहतर परिचालन प्रदर्शन की वजह से संभव हुई।
वहीं, रिकरिंग कंसॉलिडेटेड EBITDA एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10.1% बढ़कर ₹54,067 करोड़ पहुंच गया। इससे कंपनी की ऑपरेटिंग क्षमता में सुधार का संकेत मिलता है।
टैक्स से पहले मुनाफा और रिकरिंग प्रॉफिट भी बढ़ा
जून तिमाही में कंपनी का Profit Before Tax (PBT) 8.5% बढ़कर ₹30,630 करोड़ रहा।
इसके अलावा रिकरिंग प्रॉफिट (Minority Interest से पहले) भी 6.1% बढ़कर ₹23,196 करोड़ पर पहुंच गया, जो कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
हालांकि, रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट में कुछ गिरावट देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह पिछले वर्ष की समान तिमाही में एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने से मिले ₹8,924 करोड़ के वन-टाइम गेन का असर रहा। यदि इस असाधारण आय को अलग कर दिया जाए तो कंपनी का वास्तविक लाभ मजबूत वृद्धि दिखाता है।
जून तिमाही में ₹38,682 करोड़ का निवेश
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ₹38,682 करोड़ का पूंजीगत निवेश (Capital Expenditure) किया। कंपनी ने बताया कि मजबूत ऑपरेटिंग कैश फ्लो की वजह से वह अपने विस्तार कार्यक्रमों और नई परियोजनाओं में लगातार निवेश कर रही है।
तिमाही समाप्त होने तक कंपनी का नेट डेट (Net Debt) ₹1.23 लाख करोड़ पर स्थिर रहा, जो बड़े निवेश के बावजूद मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
मुकेश अंबानी बोले- विविध बिजनेस मॉडल हमारी सबसे बड़ी ताकत
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की शानदार शुरुआत की है।
उन्होंने कहा कि सभी कारोबारों ने मजबूत प्रदर्शन किया है और रिलायंस का विविध बिजनेस पोर्टफोलियो चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों में भी कंपनी को मजबूती प्रदान कर रहा है। जियोपॉलिटिकल तनाव और कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने संतुलित विकास बनाए रखा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही नतीजे यह संकेत देते हैं कि कंपनी का बिजनेस मॉडल पहले से अधिक संतुलित और मजबूत हो चुका है। अब केवल ऑयल एंड गैस कारोबार ही नहीं, बल्कि डिजिटल सर्विसेज और रिटेल भी कंपनी की कमाई के प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाली तिमाहियों में भी जियो, रिटेल और O2C सेगमेंट इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो रिलायंस इंडस्ट्रीज की आय और मुनाफे में लगातार मजबूती बनी रह सकती है।
Reliance Industries Q1 FY27: प्रमुख आंकड़े
| पैरामीटर | जून तिमाही FY27 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|
| कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू | ₹3.40 लाख करोड़ | +25% |
| रिकरिंग EBITDA | ₹54,067 करोड़ | +10.1% |
| PBT | ₹30,630 करोड़ | +8.5% |
| रिकरिंग प्रॉफिट | ₹23,196 करोड़ | +6.1% |
| कैपेक्स | ₹38,682 करोड़ | — |
| नेट डेट | ₹1.23 लाख करोड़ | स्थिर |


