AI Bubble: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर के शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी लाई। Nvidia, Microsoft, Alphabet, Amazon, Meta और कई AI-केंद्रित कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका से लेकर दक्षिण कोरिया और भारत तक AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या AI सेक्टर में भी डॉट-कॉम बबल जैसी स्थिति बन रही है?
हाल के महीनों में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि AI की दीर्घकालिक संभावनाएं अभी भी मजबूत हैं, लेकिन मौजूदा समय में ऊंची वैल्यूएशन, भारी निवेश और मुनाफे को लेकर बढ़ती चिंताओं ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है।
दक्षिण कोरिया से शुरू हुई बड़ी बिकवाली
गुरुवार को दक्षिण कोरिया का Kospi Index 6% से अधिक टूट गया। AI मेमोरी चिप निर्माता SK Hynix के शेयर करीब 11% और Samsung Electronics के शेयर लगभग 8% तक लुढ़क गए।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को अब यह चिंता सताने लगी है कि AI कंपनियों की मौजूदा वैल्यूएशन वास्तविक कमाई के मुकाबले काफी अधिक हो चुकी है। यदि कंपनियां उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं कमा पाती हैं तो शेयरों में और दबाव देखने को मिल सकता है।
AI सेक्टर को मिले 5 बड़े झटके
1. IBM के शेयरों में बड़ी गिरावट
आईटी और कंसल्टिंग दिग्गज IBM के शेयर जुलाई 2026 में करीब 25% तक गिर गए, जिससे कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 70 अरब डॉलर की कमी आ गई।
कंपनी के शुरुआती वित्तीय नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। इसके अलावा निवेशकों को यह भी चिंता रही कि AI आधारित ऑटोमेशन IBM के पारंपरिक कंसल्टिंग बिजनेस पर दबाव डाल सकता है।
IBM की गिरावट ने पूरे आईटी सेक्टर में निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।
2. SaaS कंपनियों में बिकवाली
फरवरी 2026 में Anthropic द्वारा Agentic AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किए जाने के बाद SaaS (Software as a Service) कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई।
सबसे अधिक दबाव इन कंपनियों पर देखने को मिला—
- Salesforce
- Adobe
- ServiceNow
निवेशकों को आशंका हुई कि AI एजेंट भविष्य में पारंपरिक सॉफ्टवेयर मॉडल को पूरी तरह बदल सकते हैं, जिससे इन कंपनियों की कमाई प्रभावित हो सकती है।
3. Nvidia को लगा सबसे बड़ा झटका
जनवरी 2025 में AI चिप निर्माता Nvidia के लिए सबसे बड़ा झटका देखने को मिला।
चीन के AI स्टार्टअप DeepSeek द्वारा कम लागत वाला AI मॉडल पेश किए जाने के बाद Nvidia का मार्केट कैपिटलाइजेशन एक ही दिन में लगभग 600 अरब डॉलर तक घट गया।
इस घटना ने निवेशकों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या भविष्य में महंगे AI GPU की मांग पहले जैसी बनी रहेगी या सस्ते विकल्प बाजार का समीकरण बदल देंगे।
4. Alphabet समेत Big Tech पर दबाव
जून 2026 में दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
- Alphabet करीब 6% टूटा।
- Amazon में लगभग 5% गिरावट आई।
- Meta और Microsoft के शेयरों पर भी दबाव रहा।
निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता यह रही कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च करने वाली कंपनियां आखिर कब इस निवेश को मुनाफे में बदल पाएंगी।
AI डेटा सेंटर, चिप्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बढ़ते खर्च ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
5. भारतीय आईटी कंपनियां भी नहीं बचीं
वैश्विक आईटी सेक्टर में आई कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।
इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हुई—
- Infosys
- TCS
- Wipro
- HCLTech
- LTIMindtree
- Persistent Systems
- Coforge
Nifty IT Index करीब 2% टूट गया, जबकि उसी दिन Sensex और Nifty 50 बढ़त के साथ बंद हुए। इससे साफ संकेत मिला कि फिलहाल निवेशक AI और आईटी शेयरों को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।
क्या सचमुच AI बबल फूट रहा है?
यह सवाल फिलहाल बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि AI कंपनियों के शेयरों में आई तेजी उनकी वास्तविक कमाई से कहीं अधिक तेज रही है। ऐसे में समय-समय पर करेक्शन आना स्वाभाविक है।
दूसरी ओर, कई विश्लेषक मानते हैं कि AI अभी शुरुआती चरण में है। आने वाले वर्षों में हेल्थकेयर, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग, एजुकेशन, ऑटोमोबाइल और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में AI का उपयोग तेजी से बढ़ेगा। इसलिए मौजूदा गिरावट को कई निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से सामान्य करेक्शन मान रहे हैं।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
AI सेक्टर में निवेश करने वालों के लिए केवल चर्चा या ट्रेंड के आधार पर निवेश करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को निम्न बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए—
- कंपनी की वास्तविक आय और मुनाफे की क्षमता।
- AI पर होने वाले पूंजीगत खर्च (CapEx) और उसका रिटर्न।
- कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति।
- वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं।
- बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नए AI मॉडल्स का प्रभाव।
आगे क्या रहेगा AI सेक्टर का भविष्य?
AI उद्योग की लंबी अवधि की संभावनाएं अभी भी मजबूत मानी जा रही हैं। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि किसी भी उभरती हुई तकनीक की तरह AI सेक्टर में भी तेज उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। आने वाली तिमाहियों में कंपनियों के वित्तीय नतीजे, AI निवेश से मिलने वाला वास्तविक रिटर्न और नई तकनीकी प्रतिस्पर्धा तय करेगी कि AI शेयरों की अगली दिशा क्या होगी।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि AI की कहानी खत्म नहीं हुई है, लेकिन निवेशकों के लिए अब केवल उम्मीद नहीं, बल्कि कंपनियों की वास्तविक कमाई और बिजनेस मॉडल भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर या निवेश उत्पाद में निवेश की सलाह नहीं देता।


