Varanasi Ganga Elevated Corridor: धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी काशी अब देश के सबसे आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल होने जा रही है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद वाराणसी में 46 किलोमीटर लंबा 6-लेन गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जो NH-19 को वाराणसी रिंग रोड से सीधे जोड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर ₹14,448 करोड़ खर्च किए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक जाम कम करना, गंगा रिवरफ्रंट की कनेक्टिविटी मजबूत करना और धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक तेज व सुगम पहुंच उपलब्ध कराना है।
यह कॉरिडोर आधुनिक इंजीनियरिंग, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में वाराणसी के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना | गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर |
| शहर | वाराणसी |
| कुल लंबाई | 46 किलोमीटर |
| लेन | 6-लेन एलिवेटेड |
| अनुमानित लागत | ₹14,448 करोड़ |
| कनेक्टिविटी | NH-19 से वाराणसी रिंग रोड |
| विशेष संरचना | 910 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज |
| पैदल सुविधा | 1.32 किमी एक्सट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज (FOB) |
कैसा होगा कॉरिडोर का रूट मैप?
The Union Cabinet has approved the development of the 46 km long, 6-lane Ganga Elevated Corridor, connecting NH-19 with the Varanasi Ring Road, which will transform urban mobility by decongesting Varanasi while providing seamless connectivity along the Ganga riverfront.
The… pic.twitter.com/JiTHWm3KJD
— NHAI (@NHAI_Official) July 16, 2026 NHAI के प्रस्तावित मैप के अनुसार यह पूरा प्रोजेक्ट दो मुख्य पैकेज (PKG-1 और PKG-2) में विकसित किया जाएगा। कॉरिडोर मुख्य रूप से रामनगर, पड़ाव मार्केट, कछवां रोड और आदिकेशव घाट के समानांतर आगे बढ़ते हुए वाराणसी रिंग रोड तक पहुंचेगा।
रास्ते में कई स्थानों पर 2-लेन और 3-लेन रैंप, इंटरचेंज और लूप बनाए जाएंगे ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों से वाहन आसानी से इस कॉरिडोर पर चढ़ और उतर सकें। इससे लोकल ट्रैफिक और हाईवे ट्रैफिक को अलग रखने में भी मदद मिलेगी।
910 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज बनेगा आकर्षण का केंद्र
इस परियोजना का सबसे खास हिस्सा गंगा नदी पर बनने वाला 910 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज होगा। यह पुल BHU (लंका) और रामनगर के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
इसके अलावा पैदल यात्रियों और पर्यटकों के लिए करीब 1.32 किलोमीटर लंबा एक्सट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज (FOB) भी बनाया जाएगा। यह न केवल आवाजाही आसान बनाएगा बल्कि गंगा तट का नया आकर्षण भी बन सकता है।
60 मिनट का सफर घटकर सिर्फ 20 मिनट
वर्तमान में वाराणसी शहर के भीतर भारी ट्रैफिक और संकरी सड़कों के कारण NH-19 से रिंग रोड या शहर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने में लगभग एक घंटे का समय लग जाता है।
कॉरिडोर बनने के बाद—
- सफर का समय लगभग 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा।
- शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होगा।
- रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
- हाईवे से आने वाले वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर, BHU और नमो घाट तक पहुंच होगी आसान
यह एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगा।
इससे विशेष रूप से—
- श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
- नमो घाट
- रामनगर
- गंगा रिवरफ्रंट
तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक होगी। BHU के लिए अलग स्पर और 2-लेन रैंप की भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल ट्रैफिक सुधार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वाराणसी की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।
इससे मिलने वाले संभावित लाभ—
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का सफर आसान होगा।
- माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी।
- व्यापारिक वाहनों को वैकल्पिक तेज मार्ग मिलेगा।
- नए निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
- वाराणसी पूर्वी उत्तर प्रदेश का बड़ा आर्थिक और लॉजिस्टिक्स हब बन सकता है।
पर्यावरण और ट्रैफिक प्रबंधन पर भी रहेगा फोकस
प्रस्तावित कॉरिडोर को एक्सेस-कंट्रोल एलिवेटेड रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे शहर के अंदर अनावश्यक ट्रैफिक कम होगा और वाहनों की औसत गति बढ़ेगी। बेहतर ट्रैफिक फ्लो के कारण ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की संभावना है।
क्या बदलेगी काशी की तस्वीर?
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होने के बाद वाराणसी में यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है। एक ओर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जाम से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में बड़ा फायदा होगा। आधुनिक सड़क नेटवर्क, नया केबल-स्टेयड ब्रिज और बेहतर कनेक्टिविटी काशी को देश के सबसे उन्नत धार्मिक-पर्यटन शहरों की श्रेणी में और मजबूत स्थान दिला सकती है।


