Chandigarh Highway Projects: चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला (ट्राईसिटी) के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को ₹5,278 करोड़ की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य ट्राईसिटी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम कम करना, सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना और पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है।
इन हाईवे परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हजारों कमर्शियल वाहनों और लंबी दूरी के यात्रियों को चंडीगढ़ शहर के अंदर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे शहर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।
PM मोदी करेंगे इन तीन हाईवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं शामिल हैं—
- 31.23 किलोमीटर लंबा जीरकपुर-कुराली सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्घाटन।
- 10.30 किलोमीटर लंबा चंडीगढ़ एयरपोर्ट-एरोसिटी ग्रीनफील्ड हाईवे का शिलान्यास।
- 19.20 किलोमीटर लंबे जीरकपुर बाईपास का शिलान्यास।
इन तीनों परियोजनाओं पर कुल ₹5,278 करोड़ की लागत आएगी और इन्हें ट्राईसिटी क्षेत्र की भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है।
ट्राईसिटी में क्यों लगते हैं लंबे ट्रैफिक जाम?
वर्तमान समय में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले हजारों वाहन चंडीगढ़ शहर के भीतर से होकर गुजरते हैं। हाईवे कनेक्टिविटी की कमी के कारण ट्रांजिट ट्रैफिक को शहर के बीच से गुजरना पड़ता है।
इसके चलते कई प्रमुख मार्गों पर रोजाना भारी जाम की स्थिति बन जाती है, जिनमें शामिल हैं—
- मध्यमार्ग
- दक्षिण मार्ग
- चंडीगढ़-जीरकपुर रोड
- चंडीगढ़-मोहाली रोड
- चंडीगढ़-पंचकूला रोड
विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान स्थानीय लोगों को घंटों तक जाम का सामना करना पड़ता है।
नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से कैसे मिलेगी राहत?
नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिन वाहनों को चंडीगढ़ शहर में प्रवेश नहीं करना होगा, वे सीधे बाईपास और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि—
- शहर में ट्रांजिट ट्रैफिक कम होगा।
- स्थानीय यात्रियों का सफर आसान होगा।
- सड़क दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी।
- यात्रा का समय कम होगा।
- ईंधन की बचत होगी।
- प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।
अधिकारियों ने क्या कहा?
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और जीरकपुर बाईपास ट्राईसिटी के लिए वैकल्पिक हाईवे नेटवर्क तैयार करेंगे। इससे लंबी दूरी के वाहन शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ही अपने मार्ग पर आगे बढ़ सकेंगे।
अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट-एरोसिटी ग्रीनफील्ड हाईवे और जीरकपुर बाईपास स्थानीय ट्रैफिक और राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले भारी वाहनों को अलग-अलग मार्ग उपलब्ध कराएंगे, जिससे मुख्य सड़कों पर दबाव काफी कम होगा।
व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बड़ा फायदा
इन परियोजनाओं का लाभ केवल आम यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से—
- माल ढुलाई (Freight Movement) तेज होगी।
- लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
- उद्योगों की सप्लाई चेन बेहतर होगी।
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- नए निवेश आकर्षित होंगे।
- पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बीच आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
बेहतर कनेक्टिविटी से ट्राईसिटी क्षेत्र भविष्य में एक प्रमुख व्यापारिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में और मजबूत हो सकता है।
कार्यक्रम में ये बड़े नेता होंगे शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और अधिकारी शामिल होंगे, जिनमें—
- हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय
- पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया
- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी
- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
- सांसद, विधायक एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी
ट्राईसिटी के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी परियोजनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में लगातार बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए ये परियोजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। आने वाले वर्षों में इन हाईवे और बाईपास के शुरू होने से ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा, यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।


