घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन शुरुआत बेहद मजबूत रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मुनाफावसूली हावी हो गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी ने अच्छी बढ़त बनाई, हालांकि ऊपरी स्तरों से फिसलकर दोनों प्रमुख इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। आईटी शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में कमजोरी के कारण शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी।
हालांकि बाजार फ्लैट रहा, फिर भी निवेशकों की कुल संपत्ति (मार्केट कैपिटलाइजेशन) में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई और बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹3,040 करोड़ बढ़ गया।
शुरुआती तेजी के बाद क्यों फिसला बाजार?

कारोबार की शुरुआत में डॉलर इंडेक्स में नरमी और वैश्विक संकेतों से भारतीय बाजार को समर्थन मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने शुरुआती घंटों में मजबूत बढ़त दर्ज की। लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला, जिससे बाजार अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख सका।
Sensex-Nifty Closing: दिनभर का हाल

- बीएसई सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली गिरावट के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 5.75 अंक यानी 0.02% की हल्की कमजोरी के साथ 24,072.75 पर बंद हुआ।
इंट्राडे हाई और लो
- सेंसेक्स ने कारोबार के दौरान 77,579.69 का उच्चतम स्तर छुआ।
- दिन के निचले स्तर पर यह 77,086.42 तक फिसल गया।
- निफ्टी ने 24,186.50 का हाई बनाया।
- जबकि दिन का लो 24,050.00 रहा।
सेक्टरवार प्रदर्शन
आज सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
आईटी सेक्टर ने दिया सहारा
निफ्टी आईटी इंडेक्स दिनभर मजबूत बना रहा। हालांकि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण इसकी बढ़त कुछ कम हुई, लेकिन अंत में यह आधे फीसदी से अधिक की मजबूती के साथ बंद हुआ।
रियल्टी और बैंकिंग में दबाव
- निफ्टी रियल्टी लगभग 1% कमजोर रहा।
- पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी लगभग 0.5% की गिरावट दर्ज की गई।
- ऑटो सेक्टर में करीब 0.5% की मजबूती देखने को मिली।
निवेशकों की दौलत में कितना इजाफा हुआ?
बाजार भले ही फ्लैट बंद हुआ, लेकिन कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
- 15 जुलाई 2026: ₹4,80,58,190.64 करोड़
- 16 जुलाई 2026: ₹4,80,61,231.19 करोड़
यानी एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति करीब ₹3,040.55 करोड़ बढ़ गई।
Sensex के टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 15 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर
- इंडिगो
- HCLTech
- बजाज फाइनेंस
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
- एटर्नल (पूर्व में जोमैटो)
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL)
- बजाज फिनसर्व
ब्रॉडर मार्केट की स्थिति
बीएसई पर कुल 4,441 शेयरों में कारोबार हुआ।
- 2,012 शेयरों में तेजी रही।
- 2,224 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
- 205 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
इसके अलावा—
- 121 शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंचे।
- 81 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर आ गए।
- 12 शेयरों में अपर सर्किट लगा।
- 7 शेयर लोअर सर्किट पर बंद हुए।
बाजार पर आगे क्या रहेगी नजर?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर इंडेक्स की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम भारतीय बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसके अलावा कंपनियों के जून तिमाही (Q1) नतीजे भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करेंगे।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


