Asian Market Today: गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। टेक्नोलॉजी सेक्टर में बिकवाली, मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव और निवेशकों की बढ़ती चिंता का असर अधिकांश प्रमुख इंडेक्स पर दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 7% तक टूट गया, जबकि जापान का निक्केई 2% से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, हांगकांग और चीन के कुछ प्रमुख सूचकांकों में सीमित बढ़त देखने को मिली।
एशियाई बाजारों का हाल
गुरुवार के कारोबारी सत्र में एशियाई बाजारों की तस्वीर मिली-जुली रही, लेकिन टेक्नोलॉजी और चिप कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली ने दक्षिण कोरिया के बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।
- कोस्पी (दक्षिण कोरिया): लगभग 6.14% की गिरावट के साथ 6,825.53 के स्तर पर कारोबार।
- निक्केई 225 (जापान): करीब 2.69% टूटकर 66,903 के आसपास।
- स्ट्रेट्स टाइम्स (सिंगापुर): 0.36% की कमजोरी।
- ताइवान वेटेड इंडेक्स: 1.12% गिरकर 45,160.55 पर।
- हैंगसेंग (हांगकांग): 1.76% की बढ़त के साथ 25,116 के स्तर पर।
- शंघाई कम्पोजिट (चीन): 0.48% की बढ़त के साथ 3,936.40 पर कारोबार।
चिप शेयरों में बिकवाली क्यों बढ़ी?
एशियाई बाजारों में सबसे बड़ा दबाव सेमीकंडक्टर और चिप कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। पिछले कुछ महीनों में AI और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में तेज रैली के बाद अब निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक सप्लाई चेन और आर्थिक गतिविधियों को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक शेयरों का ऊंचा वैल्यूएशन निवेशकों को सतर्क बना रहा है, जिसके चलते जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकल रहा है।
अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद
एशिया में कमजोरी के बावजूद बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। अमेरिका में उत्पादक महंगाई (PPI) के नरम आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
- Dow Jones: 150.91 अंक (0.29%) चढ़कर 52,659.18 पर बंद।
- S&P 500: 28.83 अंक (0.38%) की बढ़त के साथ 7,572.42 पर।
- Nasdaq Composite: 162.22 अंक (0.62%) बढ़कर 26,269.23 पर बंद हुआ।
अमेरिकी टेक शेयरों का प्रदर्शन
बुधवार को अमेरिकी टेक कंपनियों के शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
- Nvidia: +0.33%
- AMD: -3.46%
- Intel: -4.43%
- Micron Technology: -8.02%
- Microsoft: +2.78%
- Amazon: +3.02%
- Apple: +4.01%
- Meta: +3.07%
- PayPal: +16.87%
- Tesla: -0.43%
अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए हैं। जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई नहीं रोकता तो होर्मुज स्ट्रेट बंद किया जा सकता है और क्षेत्र के अन्य तेल निर्यात मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल है। यदि यहां आपूर्ति बाधित होती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
US Producer Price Index (PPI) ने राहत दी
अमेरिका में जून महीने का Producer Price Index (PPI) 0.3% घट गया, जो पिछले 14 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इससे यह संकेत मिला कि महंगाई का दबाव कुछ कम हुआ है। यही वजह रही कि अमेरिकी बाजारों में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहा।
बैंक ऑफ कोरिया ने बढ़ाई ब्याज दर
दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक Bank of Korea ने साढ़े तीन वर्षों में पहली बार अपनी प्रमुख ब्याज दर बढ़ाकर 2.75% कर दी। सात सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया।
विश्लेषकों का मानना है कि ब्याज दर बढ़ने से शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है, खासकर ग्रोथ और टेक कंपनियों के शेयरों पर।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी दिन तेजी दर्ज की गई।
- ब्रेंट क्रूड: 0.4% बढ़कर 85.28 डॉलर प्रति बैरल।
- WTI क्रूड: 0.5% बढ़कर 80.02 डॉलर प्रति बैरल।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में बाधा आती है तो तेल की कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है।
सोने की कीमतों में स्थिरता
महंगाई के नरम अमेरिकी आंकड़ों के बाद निवेशकों ने सोने में संतुलित रुख अपनाया।
- स्पॉट गोल्ड: लगभग 4,056.59 डॉलर प्रति औंस।
- US Gold Futures (अगस्त): 0.3% बढ़कर 4,062.50 डॉलर प्रति औंस।
- स्पॉट सिल्वर: 0.3% गिरकर 57.61 डॉलर प्रति औंस।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
एशियाई बाजारों में जारी कमजोरी यह संकेत देती है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, टेक शेयरों में वैल्यूएशन की चिंता, दक्षिण कोरिया की ब्याज दर बढ़ोतरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। भारतीय निवेशकों को भी वैश्विक संकेतों के साथ घरेलू आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


