Gift Nifty Indicator Today: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी 50 की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हो सकती है। हालांकि एशियाई बाजारों में तेज गिरावट, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में मजबूत क्लोजिंग और उम्मीद से बेहतर महंगाई के आंकड़ों ने ग्लोबल निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। ऐसे में आज घरेलू बाजार पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों संकेतों का असर देखने को मिल सकता है।
GIFT निफ्टी से क्या मिल रहे हैं संकेत?
सुबह करीब 8:00 बजे GIFT निफ्टी 24,090 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर की तुलना में करीब 48 अंक (0.20%) ऊपर था। इससे संकेत मिलते हैं कि निफ्टी 50 की शुरुआत बुधवार के 24,078.50 के क्लोजिंग लेवल से थोड़ी ऊपर हो सकती है।
हालांकि, शुरुआती कारोबार में ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की चाल पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
अमेरिकी बाजारों में रही मजबूती
बुधवार को वॉल स्ट्रीट में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। अमेरिका में उम्मीद से कम महंगाई (Inflation) के आंकड़े आने और बड़े बैंकों के बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
- Dow Jones 0.29% चढ़ा।
- S&P 500 में 0.38% की बढ़त दर्ज हुई।
- Nasdaq Composite 0.62% मजबूत होकर बंद हुआ।
टेक्नोलॉजी, रिटेल और ट्रैवल सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। इससे सेमीकंडक्टर शेयरों में आई कमजोरी का असर कुछ हद तक कम हुआ।
बाजार को यह उम्मीद भी मिली कि अगर महंगाई नियंत्रित रहती है तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे चलकर ब्याज दरों पर ज्यादा सख्ती नहीं करेगा।
एशियाई बाजारों में भारी दबाव
अमेरिकी बाजारों की मजबूती के बावजूद गुरुवार सुबह एशियाई बाजारों में बिकवाली का माहौल देखने को मिला।
- MSCI Asia Pacific Index (Japan छोड़कर) करीब 1.7% गिरा।
- जापान का Nikkei लगभग 3% टूट गया।
- दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 6.3% लुढ़क गया।
- Samsung Electronics और SK Hynix जैसे चिप शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
- ताइवान के शेयर भी दबाव में रहे।
- वहीं हांगकांग का Hang Seng Index लगभग 1.2% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
विश्लेषकों का मानना है कि सेमीकंडक्टर शेयरों में मुनाफावसूली की वजह से एशियाई बाजारों पर दबाव बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कमोडिटी बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका के नए हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
इसके चलते—
- Brent Crude करीब 85.30 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
- WTI Crude Oil लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में करीब 12% की तेजी दर्ज की गई है, जो एक महीने के उच्च स्तर के करीब है।
आज बाजार पर किन फैक्टर्स का रहेगा असर?
आज निवेशकों की नजर इन प्रमुख संकेतों पर रहेगी—
- GIFT निफ्टी की शुरुआती चाल
- एशियाई बाजारों का प्रदर्शन
- अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी खबरें
- कच्चे तेल की कीमतें
- रुपये की चाल
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां
निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, अमेरिकी महंगाई के बेहतर आंकड़े और मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे बाजार के लिए सकारात्मक हैं, लेकिन महंगे क्रूड ऑयल, कमजोर रुपये और मिडिल ईस्ट तनाव के कारण तेजी सीमित रह सकती है।
उन्होंने बताया कि IMF ने भी चेतावनी दी है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, भारत-यूके ट्रेड एग्रीमेंट का लागू होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए लंबी अवधि में सकारात्मक माना जा रहा है।
निफ्टी के प्रमुख स्तर
- सपोर्ट: 24,000
- अगला सपोर्ट: 23,900 – 23,800
- रेजिस्टेंस: 24,200
- ऊपरी लक्ष्य: 24,300 – 24,400
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 24,000 के नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दिए गए विचार संबंधित विशेषज्ञ के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या उसका प्रबंधन इनके लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।


