AI Data Centre Theme: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं है। अब इसका असर वॉटर सेक्टर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। AI डेटा सेंटरों को सर्वर कूलिंग और अन्य ऑपरेशनल जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में पानी चाहिए, जिसके चलते वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर और वेस्टवॉटर मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियां निवेशकों की पसंद बन रही हैं। पिछले एक महीने में कुछ वॉटर स्टॉक्स में 45% तक की तेजी देखने को मिली है।
Highlights
- AI डेटा सेंटर की बढ़ती संख्या से वॉटर सेक्टर को मिल रहा बड़ा फायदा
- कुछ वॉटर स्टॉक्स ने एक महीने में 45% तक का रिटर्न दिया
- जल जीवन मिशन और सरकारी निवेश से सेक्टर को मिल रहा सपोर्ट
- भारत का वॉटर एवं वेस्टवॉटर बाजार ₹25,000-30,000 करोड़ तक पहुंचा
- एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में सेक्टर की ग्रोथ जारी रह सकती है
AI डेटा सेंटर क्यों बढ़ा रहे हैं वॉटर सेक्टर की अहमियत?
AI आधारित एप्लिकेशन और क्लाउड सर्विसेज की बढ़ती मांग के कारण दुनिया भर में बड़े-बड़े डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इन डेटा सेंटरों में हजारों हाई-परफॉर्मेंस सर्वर लगातार काम करते हैं, जिनसे काफी गर्मी पैदा होती है। इस गर्मी को नियंत्रित करने के लिए अत्याधुनिक कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।
यही वजह है कि पानी की आपूर्ति, ट्रीटमेंट और वेस्टवॉटर मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। निवेशकों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ इन कंपनियों के लिए नए बिजनेस अवसर पैदा होंगे।
एक महीने में 45% तक चढ़े वॉटर स्टॉक्स
AI थीम और सरकारी योजनाओं के समर्थन से पिछले एक महीने में कई वॉटर सेक्टर कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। हालांकि, बुधवार के कारोबार में शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
- VA Tech Wabag में 0.64% की गिरावट
- Enviro Infra Engineers में 0.69% की बढ़त
- Indian Hume Pipe Company में 0.37% की तेजी
- Denta Water and Infra Solutions में 0.25% की बढ़त
- Felix Industries 2.67% उछलकर सबसे अधिक बढ़ने वाला शेयर रहा
- Polysil Irrigation Systems में मामूली तेजी
- Welspun Corp में हल्की गिरावट दर्ज की गई
विश्लेषकों का कहना है कि इस सेक्टर में हालिया तेजी केवल शॉर्ट टर्म ट्रेंड नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी का संकेत भी हो सकती है।
निवेशकों की दिलचस्पी क्यों बढ़ रही है?
Master Capital Services के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के अनुसार, वॉटर सेक्टर में तेजी की दो प्रमुख वजहें हैं।
पहली वजह सरकार द्वारा पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार बढ़ाया जा रहा निवेश है। दूसरी वजह AI डेटा सेंटरों की तेजी से बढ़ती संख्या है, जो पानी की मांग को बढ़ा रही है।
उनका कहना है कि जल जीवन मिशन जैसी सरकारी योजनाओं से VA Tech Wabag, Shakti Pumps, Enviro Infra Engineers और Jash Engineering जैसी कंपनियों को आने वाले समय में नए ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना है।
सरकारी योजनाएं भी बन रही हैं ग्रोथ का इंजन
AI थीम के अलावा केंद्र सरकार का फोकस भी इस सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
जल जीवन मिशन, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी मिशन और शहरी सीवेज परियोजनाओं के जरिए पानी की सप्लाई और वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। इससे पाइपलाइन, ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग सिस्टम और जल प्रबंधन से जुड़ी कंपनियों के लिए लगातार नए अवसर बन रहे हैं।
लंबी अवधि में क्यों मजबूत दिख रहा है सेक्टर?
Bajaj Finance की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में साफ पानी की बढ़ती मांग, तेज शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और सरकारी पूंजीगत खर्च आने वाले वर्षों में वॉटर सेक्टर की ग्रोथ को मजबूती देंगे।
इसी वजह से कई निवेशक इस सेक्टर को डिफेंसिव और स्थिर ग्रोथ वाला विकल्प मान रहे हैं, जहां लंबी अवधि में बेहतर अवसर दिखाई देते हैं।
भारत में कितना बड़ा है वॉटर सेक्टर?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत का वॉटर और वेस्टवॉटर सेक्टर फिलहाल हर साल ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ का बाजार बन चुका है।
इस बाजार में लगभग—
- 40% हिस्सा जल आपूर्ति (Water Supply)
- 60% हिस्सा वेस्टवॉटर मैनेजमेंट का है।
SBI Cap Securities का मानना है कि अगले 3-4 वर्षों तक सरकार पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर अपना फोकस बनाए रख सकती है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों को लगातार ऑर्डर मिलने की संभावना रहेगी।
अभी भी निवेश की बड़ी जरूरत
Niveshaay के फाउंडर अरविंद कोठारी का कहना है कि भारत में वर्तमान में केवल करीब 40% सीवेज का ही ट्रीटमेंट हो पाता है। कई शहरों में आज भी पर्याप्त सीवर नेटवर्क और आधुनिक जल आपूर्ति व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में सरकार और निजी कंपनियों दोनों को इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश करना होगा। यही कारण है कि वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए आने वाले वर्षों में ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं।
क्या निवेशकों को इस थीम पर नजर रखनी चाहिए?
AI डेटा सेंटरों का विस्तार, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, जल संरक्षण और वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट पर बढ़ता फोकस वॉटर सेक्टर को नई दिशा दे रहा है। हालांकि, हालिया तेजी के बाद कई शेयरों के वैल्यूएशन भी बढ़े हैं। ऐसे में किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले कंपनी के ऑर्डर बुक, वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।
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