Groww Q1 Results: देश के प्रमुख ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ग्रो (Groww) की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (Billionbrains Garage Ventures) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 94% बढ़ गया, जबकि ऑपरेशनल रेवेन्यू में 60% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के बाद शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली और दिन के निचले स्तर से करीब 9% की रिकवरी दर्ज हुई।
शेयर में पहले गिरावट, फिर शानदार वापसी
जून तिमाही के नतीजे आने के बाद शुरुआती कारोबार में ग्रो के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। बीएसई पर शेयर इंट्रा-डे में ₹201.55 तक फिसल गया था। हालांकि जैसे ही निवेशकों ने तिमाही नतीजों का विश्लेषण किया, खरीदारी तेज हो गई और शेयर करीब 8.91% उछलकर ₹219.50 तक पहुंच गया।
फिलहाल शेयर ₹213.20 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर की तुलना में लगभग 4.59% की बढ़त दर्शाता है। मजबूत मुनाफे और बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
Groww Q1 Results: प्रमुख वित्तीय आंकड़े
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने कई मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन किया।
- ऑपरेशनल रेवेन्यू: ₹1,501.42 करोड़
- सालाना रेवेन्यू ग्रोथ: 66.01%
- शुद्ध मुनाफा: ₹735.04 करोड़
- सालाना मुनाफा वृद्धि: 94.28%
- EBITDA: लगभग ₹970 करोड़
- EBITDA मार्जिन: 64.6%
- EBITDA मार्जिन में सुधार: 230 बेसिस प्वाइंट्स
हालांकि तिमाही आधार पर ऑपरेशनल रेवेन्यू में हल्की गिरावट रही। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1,505.37 करोड़ था, जबकि उस दौरान कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹686.36 करोड़ रहा था।
किन वजहों से बढ़ा कंपनी का मुनाफा?
कंपनी के शानदार प्रदर्शन के पीछे कई प्रमुख कारण रहे।
1. कमोडिटी डेरिवेटिव्स कारोबार में तेजी
कमोडिटी ट्रेडिंग से जुड़े कारोबार में मजबूत वृद्धि देखने को मिली, जिससे कंपनी की आय में उल्लेखनीय इजाफा हुआ।
2. Margin Trading Facility (MTF) बिजनेस का विस्तार
मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) से होने वाली कमाई में तेजी आई, जिसने कंपनी के नेट प्रॉफिट को मजबूत समर्थन दिया।
3. खर्चों पर नियंत्रण
कंपनी ने ऑपरेटिंग खर्चों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया। हालांकि कर्मचारी लाभ (Employee Benefit Expenses) में लगभग 5% की वृद्धि हुई, लेकिन अन्य खर्चों में कमी आने से कुल लागत नियंत्रित रही। इसी वजह से EBITDA मार्जिन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
सभी प्रमुख निवेश सेगमेंट में बढ़ी हिस्सेदारी
ग्रो लगातार अपने निवेश प्लेटफॉर्म का विस्तार कर रही है। कंपनी की हिस्सेदारी निम्न सेगमेंट्स में बढ़ी है—
- म्यूचुअल फंड
- स्टॉक्स
- इक्विटी डेरिवेटिव्स
- कमोडिटी डेरिवेटिव्स
- Margin Trading Facility (MTF)
इसके अलावा कंपनी का Assets Under Management (AUM) सालाना आधार पर 140% की मजबूत वृद्धि के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया। यह निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
IPO के बाद कैसा रहा शेयर का सफर?
ग्रो की मार्केट में एंट्री 12 नवंबर 2025 को हुई थी। कंपनी का ₹6,632 करोड़ का IPO आया था, जिसमें निवेशकों को ₹100 प्रति शेयर के भाव पर शेयर आवंटित किए गए थे।
लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया और महज पांच महीनों में 29 अप्रैल 2026 को ₹227 के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए। इस स्तर पर IPO निवेशकों को करीब 127% का रिटर्न मिल चुका था।
हालांकि बाद में शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन मजबूत कारोबारी नतीजों के बाद एक बार फिर इसमें तेजी लौटती दिखाई दी है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
जून तिमाही के नतीजे बताते हैं कि ग्रो का बिजनेस तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी के राजस्व, मुनाफे, EBITDA मार्जिन और AUM में मजबूत बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। यदि आने वाली तिमाहियों में भी यही रफ्तार बनी रहती है, तो बाजार की नजर कंपनी की भविष्य की ग्रोथ पर बनी रह सकती है।
हालांकि शेयर बाजार में किसी भी निवेश का फैसला केवल तिमाही नतीजों के आधार पर नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


