Old Pension Scheme: सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आंध्र प्रदेश सरकार ने कुछ पात्र कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) में शामिल होने का एकमुश्त (One-Time) अवसर देने का फैसला किया है। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो फिलहाल कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम (CPS) के तहत आते हैं, लेकिन उनकी भर्ती प्रक्रिया पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू रहने के दौरान शुरू हुई थी।
इस फैसले के बाद पात्र कर्मचारियों को तय समय सीमा के भीतर OPS चुनने का मौका मिलेगा। हालांकि, यह सुविधा सभी कर्मचारियों के लिए नहीं बल्कि केवल निर्धारित पात्रता पूरी करने वालों के लिए ही उपलब्ध होगी।
क्या है पूरा मामला?
आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों की भर्ती का नोटिफिकेशन या विज्ञापन 1 सितंबर 2004 से पहले जारी हुआ था, लेकिन उन्होंने 1 सितंबर 2004 या उसके बाद सरकारी सेवा जॉइन की, उन्हें अब पुरानी पेंशन योजना (OPS) में शामिल होने का एक बार का विकल्प दिया जाएगा।
दरअसल, 1 सितंबर 2004 से राज्य में नई कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम (CPS) लागू हुई थी। ऐसे में कई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पहले शुरू होने के बावजूद उनकी नियुक्ति बाद में हुई और वे CPS के दायरे में आ गए। अब सरकार ने ऐसे कर्मचारियों को राहत देने का फैसला किया है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा OPS का लाभ?
सरकार के आदेश के मुताबिक केवल वही कर्मचारी इस विकल्प के पात्र होंगे जो इन शर्तों को पूरा करते हों—
- भर्ती का नोटिफिकेशन या विज्ञापन 1 सितंबर 2004 से पहले जारी हुआ हो।
- कर्मचारी ने 1 सितंबर 2004 या उसके बाद सरकारी नौकरी जॉइन की हो।
- वर्तमान में कर्मचारी CPS (Contributory Pension Scheme) के तहत शामिल हो।
- भर्ती, नियुक्ति और जॉइनिंग से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध हों।
तीन महीने के भीतर करना होगा आवेदन
पात्र कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप (Format) में तीन महीने के भीतर अपना विकल्प देना होगा। आवेदन के साथ उन्हें भर्ती अधिसूचना, नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग ऑर्डर जैसे आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
यदि कर्मचारी तय समय के भीतर आवेदन नहीं करता है, तो वह CPS के तहत ही बना रहेगा।
एक बार चुना विकल्प बदला नहीं जा सकेगा
सरकार ने साफ किया है कि OPS या CPS के बीच चुना गया विकल्प अंतिम (Final) और अपरिवर्तनीय (Irrevocable) होगा। यानी एक बार कर्मचारी ने OPS चुन लिया या CPS में बने रहने का फैसला कर लिया, तो बाद में उसमें बदलाव की अनुमति नहीं होगी।
इसलिए पात्र कर्मचारियों को सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही अपना विकल्प चुनने की सलाह दी गई है।
OPS और CPS में क्या है अंतर?
| ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) | कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम (CPS) |
|---|---|
| रिटायरमेंट के बाद अंतिम वेतन के आधार पर निश्चित पेंशन | कर्मचारी और सरकार दोनों का अंशदान निवेश होता है |
| बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं | रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर |
| पूरी तरह सरकार द्वारा वित्तपोषित | निवेश आधारित पेंशन व्यवस्था |
| पेंशन राशि पहले से निश्चित | पेंशन की राशि निश्चित नहीं होती |
कई राज्यों में उठ चुकी है OPS की मांग
देश के कई राज्यों में सरकारी कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग कर रहे हैं। कुछ राज्य सरकारें पहले ही OPS लागू कर चुकी हैं, जबकि कई राज्यों में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। आंध्र प्रदेश का यह फैसला भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि यह केवल सीमित श्रेणी के पात्र कर्मचारियों पर लागू होगा।
कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
जो कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया पुरानी पेंशन व्यवस्था के दौरान शुरू होने के बावजूद CPS में चले गए थे, उनके लिए यह आदेश बड़ी राहत लेकर आया है। अब उन्हें अपनी सेवा शर्तों के आधार पर OPS में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जिससे रिटायरमेंट के बाद उन्हें निश्चित पेंशन का लाभ मिल सकता है।
नोट: यह आदेश केवल आंध्र प्रदेश सरकार के पात्र कर्मचारियों पर लागू है। अन्य राज्यों के कर्मचारियों पर इसका स्वतः कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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