अगर आप ऐसा निवेश चाहते हैं जिसमें पैसा भी सुरक्षित रहे और हर महीने निश्चित आय भी मिलती रहे, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Post Office Monthly Income Scheme – POMIS) आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। केंद्र सरकार समर्थित इस स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश पर तय ब्याज मिलता है और हर महीने आपके खाते में नियमित आय आती है।
मौजूदा 7.4% सालाना ब्याज दर के हिसाब से यदि कोई निवेशक जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख निवेश करता है, तो उसे हर महीने करीब ₹9,250 ब्याज के रूप में प्राप्त हो सकता है। आइए जानते हैं इस स्कीम की पूरी जानकारी।
क्या है पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक सरकारी बचत योजना है, जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो बिना जोखिम के हर महीने निश्चित आय चाहते हैं। इस योजना में निवेश की गई मूल राशि सुरक्षित रहती है और ब्याज का भुगतान हर महीने किया जाता है।
यह स्कीम विशेष रूप से सीनियर सिटीजन्स, रिटायर्ड कर्मचारियों और नियमित मासिक आय चाहने वाले निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
कितना निवेश किया जा सकता है?
वर्तमान नियमों के अनुसार निवेश की अधिकतम सीमा इस प्रकार है—
- सिंगल अकाउंट: अधिकतम ₹9 लाख
- जॉइंट अकाउंट: अधिकतम ₹15 लाख
ध्यान रखें कि किसी व्यक्ति द्वारा सभी POMIS खातों में किया गया कुल निवेश तय सीमा से अधिक नहीं हो सकता।
₹15 लाख निवेश पर हर महीने कितनी मिलेगी आय?
यदि जॉइंट अकाउंट में ₹15,00,000 निवेश किया जाता है और ब्याज दर 7.4% बनी रहती है, तो गणना इस प्रकार होगी—
| विवरण | राशि |
|---|---|
| कुल निवेश | ₹15,00,000 |
| वार्षिक ब्याज दर | 7.4% |
| सालाना ब्याज | ₹1,11,000 |
| मासिक आय | लगभग ₹9,250 |
इस प्रकार निवेशक के खाते में हर महीने लगभग ₹9,250 ब्याज के रूप में जमा होगा।
5 साल में कितना मिलेगा?
POMIS की मैच्योरिटी अवधि 5 वर्ष होती है।
यदि पूरे कार्यकाल में ब्याज दर समान रहती है, तो—
- कुल ब्याज (5 वर्ष): ₹5,55,000
- मैच्योरिटी पर मूल राशि: ₹15,00,000
यानी पांच साल तक हर महीने ब्याज मिलता रहेगा और अवधि पूरी होने पर पूरी जमा राशि वापस मिल जाएगी।
समय से पहले खाता बंद करने के नियम
अगर निवेशक मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करना चाहता है, तो ये नियम लागू होंगे—
- 1 वर्ष से पहले: खाता बंद करने की अनुमति नहीं।
- 1 वर्ष बाद लेकिन 3 वर्ष से पहले: जमा राशि का 2% काटा जाएगा।
- 3 वर्ष बाद लेकिन 5 वर्ष से पहले: जमा राशि का 1% काटा जाएगा और बाकी रकम लौटा दी जाएगी।
क्या बैंक में खुल सकता है POMIS अकाउंट?
नहीं। पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम का संचालन केवल भारतीय डाक विभाग करता है। इसलिए यह खाता सिर्फ डाकघर (Post Office) में ही खोला जा सकता है। किसी बैंक में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
क्या मिलता है टैक्स बेनिफिट?
इस योजना में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती।
हालांकि—
- मिलने वाला ब्याज निवेशक की कुल आय में जोड़ा जाता है।
- उस पर संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है।
- पोस्ट ऑफिस इस ब्याज पर TDS नहीं काटता।
किन लोगों के लिए है यह योजना?
POMIS उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो—
- बिना जोखिम के निवेश करना चाहते हैं।
- हर महीने निश्चित आय चाहते हैं।
- रिटायरमेंट के बाद नियमित कैश फ्लो चाहते हैं।
- शेयर बाजार की अस्थिरता से दूर रहना चाहते हैं।
- सुरक्षित सरकारी योजना में निवेश करना पसंद करते हैं।
निष्कर्ष
यदि आपका लक्ष्य सुरक्षित निवेश के साथ नियमित मासिक आय प्राप्त करना है, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकती है। जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख निवेश करने पर मौजूदा ब्याज दर के अनुसार हर महीने करीब ₹9,250 की आय मिल सकती है। हालांकि, निवेश से पहले यह ध्यान रखें कि सरकार हर तिमाही इस योजना की ब्याज दर की समीक्षा करती है, इसलिए भविष्य में इसमें बदलाव संभव है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश करने से पहले पोस्ट ऑफिस की नवीनतम ब्याज दर और नियमों की पुष्टि अवश्य करें।


